अकल के कमी से नकल प जोर

भोजपुरी सिनेमा जगत से जुड़ल लोग अपना अकिल के कमी डुगडुगी पीट के दुनिया के बतावत रहेले. कबो कवनो कलाकार के बालीवुड के कवनो कलाकार के नकल बतावल जाला त कबो हिन्दी के कवनो मशहूर फिलिम के नकल बनावे के एलान कइल जाला.

मजे के बाति ई होला कि खुद हिन्दी फिलिमन में हालीवुड के नकल होखत रहेला. अब रउरा खुदे अन्दाज लगा लीं कि नकल के नकल का बाद कतना शकल बाचल रही चिन्हाए ला. भोजपुरी सिनेमा के दुर्दशा के जिम्मा अइसन निर्माता निर्देशक आ कलाकारन पर बा जे बिना सोचले समुझले भोजपुरी फिलिम बनावत रहेले जवना फिलिमन के भोजपुरी समाज, भासा भा संस्कार से कवनो मतलब ना होखे. बस केहू तरह पइसा बनावे के बा एह लोग के.

पइसा बनावे का फेर में सी ग्रेड टाइप के फिलिमन बनावल जाला, दुअर्थी संवाद डालल जाला आ कवनो बेहूदा तरह के आयटम नंबर. फिलिम के लागत निकाले खातिर कवनो आँख के आन्हर गाँठ के मजगर आदमी के बुड़बक बझा लिहल जाला. कई बेर त ई लोग ऊ कलाकार होलें जे सिनेमा जगत के चकाचौंध से खिंचाइल बाप दादा के कमाई लगा देले फिलिम बनवावे में. म्युजिक सीडी आ विडियो के कारोबार में त ई धंधा अउरी चोख तरह से चलावल जाला. आ गवईआ लोग रोजे फँसत रहेला एह धंधेबाजन के जाल में.

पिछला दस साल से हम इंतजार करत बानी कि कबो त कवनो अइसन फिलिम आई भोजपुरी में जवना के चरचा सगरी दुनिया में होखी. बाकिर अकल के कमजोर के नकल में कतना बरियार होखीहें. देखल जाव कब कवनो आँचलिक कहानी पर मजगर फिलिम बन के आवत बा.

एही सब से उबिया के भोजपुरी सिनेमा के समाचार पर मेहनत कइल बंद क दिहले बानी. भोजपुरी सिनेमा आ संगीत के खबर हिंदी में देबे लागल बानी बाकिर ओहू में सुधार करहीं के पड़ेला. बस तनी मेहनत कम होखेला.

आजु अचानके अतना कुछ कहे के पड़ गइल काहे कि हिंदी फिलिम के नकल पर बनत एगो फिलिम के खबर फेर आइल बा.
– ओम

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