यूपी के सोनभद्र के रत्ना पाण्डेय जब पहिला पहिल गायकी का क्षेत्र में डेग धरली त उनुका सगे संबंधियन के एक कहना रहे कि रत्नवा नाक कटा दिहलसि ! अब जब रत्ना आरकेस्ट्रा से आगा बढ़ के स्टूडियो में आपन गाना रिकार्ड करावे लागल बाड़ी, देश विदेश में स्टेज शो करे लागल बाड़ी त विरोधियन के बोलती बन्द बा आ सभे रत्ना के गायकी के आनन्द उठा रहल बा. रत्ना के पिताजी हमेशा रत्ना के साथ दिहलें, हौसला बढ़ावत रहले. रत्ना आजु के भारतीय समाज में लड़कियन के स्थिति के प्रतीक बाड़ी जेकरा के आपन प्रतिभा सामने ले आवे के मौके ना दिहल जाला. हाल ही में जब रत्ना पाण्डे स्टूडियो में फिल्म “राम लखन” खातिर आपन गाना रिकार्ड करवली त ओहिजा मौजूद सभे केहू उनका कण्ठ के प्रशंसा करे लागल.

रत्ना पाण्डेय कई एक संगीत एलबम में गा चुकल बाड़ी. आवे वाला दिन में फिल्म “रामलखन”. “अग्निकुण्ड”, आ “दिल तोहरे प्यार में पागल हो गइल” में रत्ना के गाना सुने के मिले वाला बा. रत्ना पाण्डेय भोजपुरी फिल्म “रामलखन” के प्रस्तुतकर्ता एडवोकेट नागेश मिश्रा आ निर्देशक इकबाल बख्श के खूबे प्रशंसा करेली कि ऊ लोग उनकर बहुते हिम्मत बढ़ावल. कहली कि मन बा कि फिल्म में अभिनयो करतीं बाकिर तबे जब कवनो साफ सुथर किरदार करे के मिलो. रत्ना पाण्डेय के भरोसा बा कि उनकर भविष्य बढ़िया बा आ लोग उनकर बड़ाई करी.


(स्रोत – शशिकान्त सिंह)

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