KumarVikalलेखक-निर्देशक कुमार विकल आजुकाल्हु सिनेमा भोजपुरी के सबले व्यस्त निर्देशकन में गिनात बाड़े. पिछला साल रिलीज भइल एगो छोटहन भोजपुरी फिलिम ‘शिवगुरु महिमा’ से अचानक लाईम लाईट में आइल कुमार विकल के निर्देशित फिलिम ‘हमार हीरो रंगबाज बा’ बहुते बढ़िया रिस्पांस क साथे हालही में रिलीज भइल बा आ अब ‘काहे बांसुरिया बजवलऽ’ के प्रदर्शन के तइयारी जोर-शोर से होखत बा. इहे ना, पिछला दिने कुमार विकल एगो अउर फिलिम ‘धरती के लाल’ लांच कइलन जवना के गीतकार विनय बिहारी आ संगितकार राजेश गुप्ता बाड़े. गायक आ नायक रहले पवन सिंह.

पिछला दिने कुमार विकल के साक्षात्कार करे के मौका मिलल त कहलन कि “आज हम व्यस्त ज़रूर बानी बाकिर अपना काम के पूरा तरह से कइल हमार पहिला कर्तव्य ह आ हर छोट बड़ फिलिम हमरा ला ओतने खास होले जतना कवनो माली ला ओकर हर फूल पौधा. ” कहलन कि, ‘दरअसल एह इंडस्ट्री में आदमी के काम बोलेला आ एहिजा केहू के असल पहिचान ओकरा कामे से होला. ” अपना के मूल रूप से लेखक आ पत्रकार बतावे वाला कुमार विकल ला लेखन पेशे ना ‘पैशनो’ ह, आ जहाँ ले निर्देशन के बात बा त ई एगो बड़हन कला ह, चित्रकारी ह, जहां स्केच से लगाइत रंग भरे के एक एक पहलू पर बारीकी से ध्यान दिहल जाला. पेश बा ओह बातचीत के कुछ हिस्सा

रउरा फिलिम ‘काहे बांसुरिया बजवलऽ’ के बहुते चरचा होखत बा. आखिर का खास बा एहमें ?
ई फिलिम पूरा तरह से भोजपुरिया संस्कार में रचल-बसल स्वस्थ मनोरंजक संगीत प्रधान फिलिम ह. एहमें कवनो दबंग ठाकुर आ गरीब नायक के टक्कर नइखे, कवनो फिलिम के फूहड़ नकल नइखे, दुअर्थी संवाद नइखे आ फूहड़-उत्तेजक सीन नइखे. एहमें बा एगो मुलायम दिल रईस (कुणाल सिंह), उनुकर नौकर (आकाश सुलभ) आ नौकरानी (कल्पना शाह) के भावनात्मक तिकोनिया कहानी. फिलिम के गाना राजपिपला में फिलिमावल गइल बा.

खबर बा किर एहमें माया यादव के कवनो खास किरदार बा ?
जी, आप सही सुनले बानी. एगो बहुते खास चरित्र मुख्यमंत्री माया देवी के रूप में माया यादव के बा जवना के दर्शक दसियन साल ले याद रखीहें.

आगे के अउर का योजना बा राउर ?
‘धरती के लाल’ के अलावे हिन्दी-बंगला फिल्म ‘मां तारा रहस्य’ आ भोजपुरी फिलिम ‘मुखियाजी के बेटा से प्यार हो गईल’ के सगरी गाना रिकार्ड हो गइल बा आ अब शूटिंग के तइयारी चलत बा. एगो अउर फिलिम ‘गंगा के दो लाल’ के लिखल जात बा.


(समरजीत)

By Editor

One thought on “‘काहे बांसुरिया बजवलऽ’ के साफ सुथर मनोरंजक फिलिम बतवलें कुमार विकल”

कुछ त कहीं...

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.