रोमांस, मनोरंजन, एक्शन का संगे एगो दर्द भरल दास्तान हवे ‘‘कंचन मन गंगा तन तुलसी’. आजु के भोजपुरी फिलिमन के दिन ब दिन गिरत स्तर के कारण बा अपना भाषा, लोक संस्कृति, आ गीत से टूटल नाता. कवनो क्षेत्रीय भाषा के फिलिम में जब ओह इलाका के भाषा, संस्कृति, आ लोकगीतन के शामिल ना कइल जाई त सफल फिलिम बनी त कइसे? एह फिलिमन के दायरा सीमित होला आ जवन फिलिमकार एह बात के धेयान ना राखसु उनुका फिलिमन के भहराइल तय होला.निर्देशक पारस एन. सिंह एह बात के बढ़िया से समुझेलें एहसे अपना फिलिम ‘कंचन मन गंगा तन तुलसी’ में ऊ एह बात के खास धेयान रखवले बाड़ें.

शिव प्रिया फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले एह फिलिम के निर्माण रीता प्रकाश कइले बाड़ी. कलकारन में दीपक दूबे, तनुश्री चटर्जी, सुदेश बेरी, गिरीश शर्मा, समर्थ चतुर्वेदी, वीरेन्द्र मिश्र, मेहनाज, कंचन अवस्थी, विजय बहल, उमाकांत, गोपाल पाण्डे, जुबैदा, शशि सिंह, रामकृष्ण कटेल, सिमरन, अतिथि भूमिका में किरन कुमार आ आइटम सांग में डांसिंग क्वीन सीमा सिंह शामिल बाड़ी.


(समरजीत)

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