कभी राम बन के कभी श्याम बन के से रातोरात हर घर में आपन जगहा बना लेबे वाली तृप्ति शाक्या से अबकी के भौजी नम्बर वन के महफिल सजे जा रहल बा जवना में तृप्ति अपना मीठ आवाज से शो में मिश्री घोल दीहें. शुरुआत ओही गीत से होखी आ ओकरा बाद चार शहर से आइल चार गो भौजाई आपन आपन हुनर देखइहें.
मिर्जापुर के पूनम दूबे रंगीली बन के, पटना के भावना भारती छबीली बन के, रेनुकूट के सुनीता रसीली बन के, आ गोरखपुर के संध्या झूमरी भौजी का रुप में दर्शकन के मनोरंजन करीहे. रंगीली भौजी के गजल गायकी सभकर दिल छू ली, त छबीली भौजी अपना गायकी से सभका में करेंट पैदा करा दीहें. रसीली भौजी के ननद आ शो के एंकर प्रियेश सिन्हा के नोंक झोंक देखे लायक रही. उनका मस्ती भरल डांस पर त जजो लोग नाचे लगीहें. पूरा हफ्ता एह लोग के गायन नृत्य आ अंदाज से सेट पर मस्ती के माहौल बनल रही.
रउरा कहाँ रहब सोमार से बियफे का रात साढ़े आठ बजे जब महुआ टीवी पर एह शो के प्रसारण होखे वाला बा?
(स्रोत : प्रशान्त-निशान्त)
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ख़ुशी के बात बा कि तृप्ति शाक्या जी भौजी नम्बर वन के महफिल सजावे
खातिर महुआ टीवी पर आवतारी.बड़ी दिन के बाद तृप्तिजी के देखेके के
मिली .लेकिन दिल्ली के सभ लोग न देख पाई. दिल्ली में महुआ टीवी
के प्रसारण बहुत कम जगह बा. दिल्ली के 80% लोग महुआ टीवी से
वंचित बा .
गीतकार :
ओ.पी .अमृतांशु