मनुज बली नहीं होत है, समय होत बलवान. बाकिर आदमी समय के बान्ह पावे भा ना ओकरा के मापे के कोशिश हमेशा करेला. अब त घंटा मिनट सेकेंड चलत बा बाकिर एक जमाना में त्रुटि, रेणु, लव, लीक्षक, विपल, पल. घटि, मुहुर्त के इस्तेमाल होखत रहे.तब दिन भर में साठ घटि होत रहे. एक घटि आजु का हिसाब से चौबीस मिनट के होखत रहे. एक घटि में साठ पल, एक पल में साठ विपल, एक विपल में साठ लव, एक लव में साठ रेणु, एक रेणु में साठ त्रुटी. हिसाब करत में दिमाग पगला जाई. पता ना समय के अतना महीन माप के जरूरत का रहे ओह जमाना में. आजु त एकर इस्तेमाल अंतरिक्ष विज्ञान में होखेला. तब शायद ग्रह नक्षत्रन के अध्ययन में एकर इस्तेमाल होखत होखे.
एगो दोसरा माप में एक युग में बारह बरीस, एक बरीस में दू गो आयन उत्तरायन आ दक्षिणायन, एक आयन में छह महीना, एक महीना में तीस दिन, एक दिन में आठ पहर, एक पहर में … छोड़ीं एह चरचा के. लवटल जाव आम जरूरत के चरचा प. आजु काल्हु, परसो त खूब सुने के मिलेला बाकिर कबो कबो तरसोंवो सुने के मिल जाला. आजु का बाद काल्हु होला, काल्हु का बाद परसो आ परसो का बाद तरसो. बीतल समय देखीं त आजु से पहिले काल्हु बीतल, काल्हु से पहिले परसो, आ ओकरा पहिले तरसों. तरसों का पहिले भा बाद में कवनो शब्द के इस्तेमाल आजु ले नइखी सुनले.
एह परसों आ तरसों का लये में होला असों. असों के मतलब बतावे वाला कवनो एक शब्द हमरा धेयान में नइखे आवत ना त हिन्दी में ना अंगरेजी में ना उर्दू में. असों मतलब एह साल. ओकरा पिछला साल के पर साल कहाला आ ओकरो पीछे वाला के परियार साल. फेरू एह पर आ परियार जइसन शब्दो के इस्तेमाल कवनो दोसरा भाषा में हमरा धेयान में नइखे आवत. रउरो लोग सोचीं. शायद केहू जाने वाला हमरो के बता पावे. दिन ला काल्हु आ परसो के इस्तेमाल होला त साल ला पर आ परियार के. पर दिन आ परियार दिन ना होखे एकर इस्तेमाल सिरिफ साले ला कइल जाला एहसे पर साल का बदला परो कहि के काम चलावल जा सकेला आ परियार साल का बदला परियार कहि के.
जइसे उषा काल का बाद प्रातःकाल आवेला ओहि तरह दिन के शुरुआत भिनुसार से होला. फेर होला भोर, सबेर, दुपहरिया, उपरि बेरा, गदबेरा, साँझ आ रात. जइसे मौसम का मामिला में हिन्दुस्तान छह गो मौसम वाला देश ह ओहि तरह समय के अतना बड़हन तरीका से बाँटलो हमनिए के खासियत ह. बाकिर समय समय के बात ह. कबो आदमी का लगे समये समय रहत रहे. बाकिर आजु का आपाधापी में समय कतहीं हेरा गइल बा. सभे समय खोजे में लागल बा आ समय बा कि भेंटाते नइखे.
जे समय पर समय सम्हारे सीख लिहल जान जाईं कि ओकर समय बदल गइल. कामकाजी आदमी अपना हर काम ला समय निकालिए लेला कि ना. आ बइठल ठाला आदमी के लगे समये ना रहे कि कुछ कर सको.
1,697 total views, 4 views today