– मनोज भावुक

जिनगी भूलभुलइया
हम हेरा जातानी.

गलती उनकर बाटे
हम घेरा जातानी.

उ सरवा निर्लज्ज ह
हम डेरा जातानी.

ताकत होइहें पत्नी
हम डेरा जातानी.

हम कोल्हू के गन्ना
हम पेरा जातानी.

क्रोघ अम्ल हs ‘भावुक’
हम सेरा जातानी.

By Editor

3 thought on “भोजपुरी गजल”
  1. राउर भाव के भंवर में हम
    भकुआ जातानी।

कुछ त कहीं...

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