– दुर्गा चरण पाण्डेय

सईंया सूतल होइहे जा के बथानी पर
मकई में मचानी पर ना….

कइले होइहे सानी-पानी, कोड़ले होइहे कोन-कान
सांझे चौराहा जा के, खइले होइहे मीठा पान.
दिनभर रहल होइहे चीनी अउरी पानी पर
मकई में मचानी पर ना …..

झिहिर झिहर सखी बहे पुरवइया,
रात अन्हरिया गोहरावत होइहें मईया,
ठिठुरल बइठल होइहे गंजी मर्दानी पर
मकई में मचानी पर ना….

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हे हरि ! देदीं जहर पी के मर जाईं हम
पी के मनसा इ पूरा कर जाई हम
हे हरि….

काँचे उमिरिया में अइनि गवनवा सात जनमिया के साथ.
जननी ना सेनुर हो जाई सांपिन गारी पिरितिया के बात.
माहुर मेहदी से कइसे सवर जाई हम….
हे हरि…

कुहुके करेजवा आ रोवे कोइनिया झलका भरल कोमल गात.
काटे धावे अंगना दुआर खरिहनिया, जिनिगी भइल कारी रात.
जी करेला की उफर परी जाईं हम…
हे हरि….


परिचय :
गोपालगंज जिला के पंचदेवरी प्रखंड के एगो छोटहन गाँव कुइसा भठवाँ में जनमल. हिंदी से एम.ए., बी.एड. आ पी. एच.डी. के योग्यताधारी ई पंचदेवरीए में शिक्षा के अलख जगावे खातीर एगो ‘टॉपर्स एकेडमी’ नाम के स्कूल के निदेशक हउएँ. साथह कई गो अखबारन से प्रत्रकारिता के माध्यम से जुड़ल बाड़न.

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