बिना बेटा-बेटी वाला के देश के पीएम-सीएम बने के मनाही


भउजी हो !

का बबुआ ? मुँह काहे लटकवले बानी ?

दू दिन से बहुते परेशान बानी. सोचत बानी कि काहे ना एगो कानूने बना दीहल जाव कि बिना बेटा-बेटी वाला के देश के पीएम-सीएम बने के मनाही हो जाव.

अइसन काहे ? राहुल गाँधी कबो पीएम ना बन पावसु एह ला कि कुछ अउरिओ कारण बा ?

का भउजी तुहूं कबो-कबो हँसुआ के बिआह में खुरपी के गीत गावे लागेलू. अरे हम त मोदी, योगी जइसन लोग ला कानून बनवावल चाहत बानी. हमरा कहना के मतलब ओकरा से बा जेकरा आगे नाथ ना पाछे पगहा होखे. राहुल का पाछे त लमहर पगहा बा. जइसे कि ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का पीछे.

चलीं मान लिहनी बाकिर काहें मोदी योगी जइसन लोग के पीएम-सीएम ना बनावे के चाहीं ?

देखते बाड़ू कि देश के का हाल बना दिहले बाड़न मोदी. एगो उहो जमाना रहे जब नेहरु इन्दिरा के परिवार कबो कवनो धंधा ना कइलसि बाकिर ओकरा लगे अब खरबों के संपति बा. साइकिल से चले वाला भा चपरासी क्वाटर से आपन सफर शुरु करे वाला परिवारन का लगे खरबों के संपति बा. आखिर नेतागिरी करे के सबले बड़का आकर्षण त इहे नू रहल बा कि करोड़-अरब बनावत जा बाकिर केहू सवाल ना पूछी. एगो समझौता जइसन रहुवे नेतवन का बीच कि तू हमरा भठियरपन पर कवनो कार्रवाई जिन करीहऽ, हम तोहरा पर ना करब. आ अब ! एगो बेचारा मुख्यमंत्री पुलिस का डरे फरार हो गइल. ओकर चार्टर्ड हवाई जहाज हवाई अड्डा पर खड़ा रहि गइल आ ओकरा राता-राति कार से भागे के पड़ल. आ तबो बेचारा के राहत ना मिलल. आखिरकार ओकरा के गिरफ्तार करिए लीहल गइल आ बेचारा अपना राबड़ी के मलाई खाए जोग ना बना सकल. राह में भउजाई आ गइली आ खूंटा गाड़ दिहली.

चलीं हम वादा करत बानी कि अगर रउरा संजोग से कतहीं के सीएम बन गइनी आ गिरफ्तारी के नौबत आ गइल त हम राह में काँट ना डालब.

जरला पर नून जनि छींटऽ भउजी. तुहूं जानत बाड़ू आ हमहूं कि हमरा भाग्य में राजयोग नइखे लिखल. आ देख? एगो कट्टर ईमानदार सीएम के हालत घर कैद जइसन हो गइल बा. अरे मान लिहनी कि पइसा ना खइबऽ ना खाए देबऽ बाकिर अब त बयानो दीहल मुश्किल हो गइल बा. केजरीवाल के आदत बन गइल बा कि केकरो पर अछरंग फेंक दीहें आ भाग खड़ा होखिहें. अगर गलती से ऊ इनका के चहेट मारी त गँवे वे गोड़ ध लेत रहलन भा माफी मांग लेत रहलन. बाकिर ई बयान उनका गरदन में मछरी के काँट जइसन गड़ गइल बा. हगास लागल बा बाकिर पाखाना अतना कड़ेर हो गइल बा कि बेचारा हग नइखे पावत. दुआरे एसीपी खड़ा बाड़न जिद्द करिके के कि नोटिस ओकरे के थमइहें. अरे एही चलते त बेचारा कबो कवनो सरकारी कागज पर, चुनाव पर्ची छोड़, दस्तखत ना कइलस. जिन जने ओकरा भरोसा पर काम करत गइलें ओहनी के जमानत दुर्लभ हो गइल बा. एसीपी जानल चाहत बाड़न कि ऊ कवन सात गो विधायक हउवें जिनका के तूड़ेला भाजपा पचीस-पचीस करोड़ के ऑफर दिहले रहुवे. कइसे बतावसु कि कवनो विधायक उनुका कहला पर अब बलि के बकरा बने ला तइयार नइखे.

ऐ बबुआ कहले गइल बा कि जस करनी तस भोगहु तापा, नरक जात नर क्यों घबड़ाता ! देर सबेर त इ होखहीं के रहल.

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कुछ त कहीं......

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