भउजी हो !

का बबुआ ?

सुनत बानी कि मनमोहन सिंह आ गिलानी में एगो बात एके लेखा बा.

का बबुआ ?

गिलानी के अपना देश में रहे वाला ओसामा का बारे में पता ना रहे आ मनमोहन के अपना मंत्री ए॰राजा का बारे में.

ई झूठ बा बबुआ.

काहे भउजी ?

मनमोहन के सब मालूम रहे बाकिर ऊ चुप्पी सधले रहले.

केकरा डरे ? एहिजा त कवनो अलकायदा नइखे.

अलकायदा आ आलाकमान में ढेर फरक थोड़े होखेला.

गजब भउजी. एहि तरे ढारत रहऽ.

भागब कि ना !

One thought on “भउजी हो : अलकायदा बनाम आलाकमान”
  1. आछा-आछा….भउजी…त तुँ इ कहल चाहतारु की….त जवनेगाँ मनमोहन बाबा अउर सरकार ए.राजा की साथे-साथे अउर एइसने मुद्दन पर चुप्पी सधले रहलन ओहींगाँ गिलानी अउर पाक (नापाक) सरकारो ओसाबा अउर दाउद जइसन मुद्दन पर चुप्पी सधले रहल ह…अउर सधले रही…जय हो।। बाह…..बाह…काफी समानता बा…..

कुछ त कहीं...

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