– जयंती पांडेय

कोइला घोटाला पर बहस सुनि के बाबा लस्टमानंद कहले, एकदम आजिज आ गइल बानी, बिल्कुल जी बोर हो गइल बानी, कोइला से. लालूजी के खास भूतपूर्व मंत्री प्रेमचंद गुप्ता के बेटा ले गइले खान, डीएमके के मिनिस्टरो ले गइले. कांग्रेस वाला त लेइए गइल लोग, बीजेपीओ वाला ले गइले. अबले खाली लेफ्टे के पार्टी बाड़ी सन, जेकरा कवनो नेता के नांव खान घोटाला में नइखे आइल. लेकिन एकर माने ई ना ह कि कांग्रेस के सङ्हत छूटला के बाद घोटाला के उनकर संभावना ओरा गइल. एकर माने ई हऽ कि सीपीएमए-सीपीआई जइसन कैडर बेस्ड पार्टियन में सांसदन, विधायकन के कमाई पर पार्टी के कब्जा रहेला. इनकर फ्लैट तक पर लेफ्ट पार्टियन के कब्जा टाइप रहेला. अब घोटाला क के रकम ले आवऽ , आ पार्टी ले जाउ! पार्टी खातिर घोटाला केहु ना करे.

बहुते निहोरा बा कि देश क सोझा दोसरो गंभीर समस्या आ खड़ा भइल बा अब एह जॉइंट घोटाला, मल्टी पार्टी घोटाला के छोड़ के आगे बढ़ल जाउ. देश के तमाम खान, 2जी स्पेक्ट्रम, जल संसाधन वगैरह के लाइसेंस हर पार्टी के सांसदन के गिनिती का हिसाब से पर्टियन के दे दियाउ. कुल्ही पार्टी एकरा अपना हिसाब से अपना समाज सेवियन के, राष्ट्रसेवी लोग के, बेटा, बेटी, दामादन के बांट देव. भ्रष्टाचार के अधिकार वोट के हिसाब से मिले, जेकर एमपी जतना बेसी, ओकरा ओतने बेसी लाइसेंस. घोटाला पार्टी करे, सांसद ना. जॉइंट घोटाला के मैकेनिज्म तय करे खातिर जॉइंट पार्लियामेंट कमिटी बने.

ओने नया इशू खड़ा हो गइल बाड़े सन. पॉर्न स्टार सनी लियोन सफल हो गइली इंडिया में, त अब उनकर पतिओ इंडिया में जमे के सोचत बाड़न. मिस्टर सनी आ रहल बाड़े, बांग्लादेशी त आइले बाड़े सन, आ अब भारत पाकिस्तान समझौता के हिसाब से पाकिस्तनियनो के इंडिया आवल आसान हो जाई. अउर कतना आसान करब जी, कसाब ऐंड गैंग बिना वीजा-पासपोर्ट के आसान हो जाई.

बाकिर राज ठाकरे के दिक्कत बिहारी लोग से बा. एह मामला पर डिस्कशन होखो, बाकिर ई तब होई ना जब मल्टी पार्टी स्कैम निपटे. ना का ?


जयंती पांडेय दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में एम.ए. हईं आ कोलकाता, पटना, रांची, भुवनेश्वर से प्रकाशित सन्मार्ग अखबार में भोजपुरी व्यंग्य स्तंभ “लस्टम पस्टम” के नियमित लेखिका हईं. एकरा अलावे कई गो दोसरो पत्र-पत्रिकायन में हिंदी भा अंग्रेजी में आलेख प्रकाशित होत रहेला. बिहार के सिवान जिला के खुदरा गांव के बहू जयंती आजुकाल्हु कोलकाता में रहीलें.