का हो रहल बा एह देश में ?

जब रतन टाटा लेखा प्रतिष्ठित उद्योगपति राजनीति का दलदल में कूदे के तइयार हो जाव, जब ऊ ई छिपावे के कोशिश करे कि नीति में बदलाव से ओकरा कंपनी के फायदा मिलल. राज्यसभा सांसद राजीव चन्द्रशेखर अपना पर रतन टाटा के लगावल आरोप, कि चन्द्रशेखर कुछ राजनीतिक तत्वन का बहकावा में प्रधानमंत्री मनमोहन के फजीहत में डाले में लागल बाड़े, के जवाब देत कहले बाड़े कि पहिले रतन टाटा खुद बतावस कि उनका जवन स्पैक्ट्रम मिलल तवन कइसे मिलल. का ऊ नीति में बदलाव का चलते ना मिलल रहे ? राजीव चन्द्रशेखर अधिकारियन से कहले बाड़न कि अपना जाँच में घोटाला पर से नजर मत हटावसु.

Loading

कुछ त कहीं......

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll Up