1. शायद संघ के मनसा इहे रहुवे ना त ऐन चुनाव का टाइप पर आरक्षण के दुबारा देखे के तान छेड़े के कवनो जरूरत ना रहुवे.
2. भाजपा के भितरघाती पूरा ताकत लगा दीहलें.
3. मीडिया सरकार के खिलाफ विरोधी गोल में शामिल हो गइल आ पत्रकारिता के मापदंड के खुला रूप से लँघलसि. ओकरा मालूम रहे कि सरकार कुछउ नइखे करे वाला.
4. दुश्मन का साथे रियायत बरतल. सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, आ कांग्रेस के घोटालन पर कवनो कार्रवाई ना कइल.
5. हिन्दुत्व से जुड़ल मुद्दन पर मोदी के चुप्पी.
6. वित्त मंत्रालय के काम काज से जनता के नाराजगी.
7. सूचना प्रसारण मंत्रालय मीडिया के सीमा में ना राख सकल.
8. हिन्दुत्व के विरोधियन के झूठ प्रचार में फँस के बिना घाव के मरहम लगावे के कोशिश जबकि हिन्दूवन का साथे होखत अन्याय पर केन्द्र सरकार के चुप्पी आ भाजपा के बेरुखी.
9. सगरी विपक्षी गोल के एका से भाजपा के हार तय मानल जा सकेला अगर ऊ एकर काट करे ला योजनाबद्ध तरीका से आपन समर्थक समूह नइखे बनावत.
10. सोशल मीडिया पर मौजूद समर्थकन के धेयान ना राखल आ भाजपा मीडिया सेल के कमजोरी.

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कुछ त कहीं......

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