भोजपुरी के आदिकवि संत कबीरदासजी के एगो मशहूर दोहा से आजु के लेख शुरू कर रहल बानी –

कबिरा खड़ा बाजार में लिये लुकाठी हाथ
जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ.

पता ना ओह जमाना में शेयर बाजार रहुवे कि ना बाकिर एह दोहा के शेयर बाजार खातिर इस्तेमाल कइला में कवनो दिक्कत नइखे लउकत. लुकाठी मशाल के कहल जाला. मशाल के इस्तेमाल खास करिके रोशनी ला कइल जाला. बाकिर ओकरा से आग लागे के अनेसा हरदम बनल रहेला. अतना जान लिहला का बाद ई दोहरावे के, रेघरिआवे के जरुरत ना होखे के चाहीं कि शेयर बाजार में सौदा कब आ कइसे कइल जाव के सलाह से हमेशा अनेसा बनल रहेला कि ओह सलाह का चलते बड़हन नुकसानो हो सकेला. अब कबीर राउर घर जरावे के त नाहिए चाहत रहलें. ऊ त बतावल चाहत रहलन कि जे अपना मोहमाया के बंधन तूड़ल, शेयर बाजार के संदर्भ में कहीं त नफा-नुकसान का डर-लालच से परे जा के आपन राह खोजे के तरीके बतावल एह कबीरो के मकसद बा.

रउरो जानत बानीं कि शेयर ट्रेडिंग करे के हजारन तरीका बा. टीवी चैनल भा यूट्यूब पर जाई् त सलाहकारन के भरमार बा. एकरा बावजूद सौ में पंचानबे ट्रेडर के नुकसाने होखेला. एहसे अतना त साफ हो जाए के चाहीं कि नफा-नुकसान तरीका का चलते ना हो के हमनी के सुभाव का चलते होखेला. बाजार से मुनाफा कमाए के बा त तरीका खोजला का बदले अपना ओह सुभाव के खोजीं जवना चलते नुकसान हो रहल बा.

पहिला आ सबले खास कारण बा कि हमनी का कम पूंजी से बेसी मुनाफा का फेरा में रहीलां. सबसे पहिले त एह लालच से पीछा छुड़ाईं. अलग बाति बा कि वाजिब मुनाफा कतना होखे के चाहीं एहपर एकराय ना हो सके. जतना जोखिम बा, मुनाफो ओहि हिसाब से होखे के चाहीं.

दुसरका कमजोरी होला जवन हो रहल बा ओकरा के ना देखिके जवन होखला के चाहत बा ओकरा पाछे धावल. शेयर ट्रेडिंग में हारेगा जब कोई बाजी तभी तो होगी किसी की जीत वाला नियम काम करेला. स्वाभाविक होखे के चाहीं कि बढ़िया आ मजबूत खिलाड़ी जीती. एहसे रउरा बढ़िया आ मजबूत खिलाड़ी होखल सीखे के पड़ी.

तिसरका कमजोरी होला नारी मुई, घर संपति नासी, माथ मुड़ाय भये संयासी वाला मानसिकता राखल. आइल त रहनी कि मुनाफा कमाएब बाकिर जब मुनाफा का जगहा नुकसान गर में लपटा गइल त ट्रेडर बने का जगहा इन्वेस्टर बन गइनी. एह सुभाव के जतना जल्दी छोड़ सकीं छोड़ दीं. ट्रेडिंग करे में ओतने के दाँव खेलीं जतना गवाँ के रउरा हँसी-खुशी निकलल संभव होखे. आई आम चाहे जाई लबेदा का सिद्धांत पर चलल आगे चल के फायदेमंद साबित होखी.

एहसे तरीका के बात बाद में. पहिले सुभाव बदलीं.

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