Tag: डा॰ अशोक द्विवदी

स्वर्ग के दुख, नरक के सुख

– डा॰ अशोक द्विवदी कबो सोचले ना रहीं घर गाँव छूटी. रहब आके हम इहाँ, अइसन नगर में! चाह-चिन्ता तनिक ना परवाह रिश्ता के अउर नेकी-बदी के नेह-नाता कुल भुलाइल…