Tag: निरउठ

लोकजीवन के “बढ़नी”

– डाॅ. अशोक द्विवेदी ‘लोक’ के बतिये निराली बा. आदर-निरादर, उपेक्षा-तिरस्कार के व्यक्त करे क टोन आ तरीका अलगा बा. हम काल्हु अपना एगो मित्र किहाँ गइल रहलीं. उहाँ दुइये…

बानर का हाथ क खेलवना

– डाॅ. अशोक द्विवेदी बहुत पहिले एक बेर क्रिकेट देखत खा, भारत के ‘माही’ मिस्टर धोनी का उड़त छक्का के कमेन्टरी वाला ‘हेलीकाप्टर शाट ‘ का कहलस, ओके नकलियावे क…