– ओ. पी. सिंह महामहिम राष्ट्रपति जी, राउर बतिया हमरा से बरदाश्त नइखे होखत. अब रउए बता दीं कि हम कहाँ जाईं. कोच्चि मे 2 मार्च के दीहल राउर उद्बोधन हमरा सोझा बा. एहमें राउर कहना बा कि अपना देश में असहिष्णु लोग ला कवनो जगहा ना होखे के चाहीं.पूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह जे सुधरल बा ऊ त चुपाइल बा बाकिर जेकरा अपना मरजी का खिलाफ सुधरे के पड़ल बा ओकर पीड़ा उहे बता सकेला जे भोगत बा भा भोगले बा. नोटबन्दी के मार से जेकरा प कवनो असर ना पड़ल ओह फकीर के का मालूम कि ओकरा पपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह दुअरा सवतिया के पिया के बरतिया, देखि देखि फाटे रामा पथरो के छतिया. जिनिगी के जरेला सिंगार, दइबा दगा कइलें. एह घरी स्मार्टफोन के जमाना बा आ लोग सबेरे के गुड मार्निंग से ले के देर रात के गुड नाइट कइला का बीच में व्हाट्सअप पपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह एह घरी गद्दारी चरचा में बा आ कुछ लोग एकरा के आपन मौलिक अधिकार बतावे लागल बा. अइसनका लोग पाकिस्तान का हित में बतियावल आपन शान समुझत बा. सरसरी निगाह से देखनी त बुझाइल कि एह पर कुछ लिखल भा बोलल बहुते आसान रही बाकिर अबपूरा पढ़ीं…