Tag: बालेश्वर

मूरख मिले बलेस्सर पढ़ा लिखा गद्दार ना मिले

(9 जनवरी के पहिला पुण्य तिथि पर) बालेश्वर के बिना एक साल – दयानंद पांडेय बालेश्वर के बिना ई एक बरीस बहुते चुभन का साथे बीतल. दोस्ती त इयाद आइबे…

एह नयका सदी में भोजपुरी गीत गवनई

जे केहू से नाईं हारल ते हारि गइल अपने से अपने से केहू आपन खुद नाश कै रहल बा. – दयानंद पांडेय ‘तोहरे बर्फी ले मीठ मोर लबाही मितवा’ जयश्री…

देख नयन भरि आइल सजनी

बिरहा भवन से लवटि के – दयानंद पांडेय आजुवे बिरहा भवन से लवटल बानी. दुख, कोहरा, आ धुंध में लपटाइल बिरहा भवन के छोड के. शीत में नहात. बिरहा भवन…