भउजी हो ! का बबुआ ? सुनलू ह ? हँ, सुने में त आवत बा. का ? बड़ा अगमजानी बने लागल बाड़ू. हम का कहल चाहत बानी ? ए बबुआ, रउरा के हम तहिया से देखत बानी जब रउरा बिना जँघियो पहिरले कूदत रहीं. रउरा मन के बात हम नापूरा पढ़ीं…

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भउजी हो ! का बबुआ ? ई का सुनत बानी ? हमरा डॉगी राजा के भौं भौं. अउर का. ई कहिया से पोस लिहलू ? ए बबुआ, सुनले नइखीं कि देखा देखी पुन्न, देखा देखी पाप. मतलब का ? मतलब कि बड़का लोगन का घर में एगो डॉगी राजा हमेशापूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? सुनत बानी कि मनमोहन सिंह आ गिलानी में एगो बात एके लेखा बा. का बबुआ ? गिलानी के अपना देश में रहे वाला ओसामा का बारे में पता ना रहे आ मनमोहन के अपना मंत्री ए॰राजा का बारे में. ई झूठ बा बबुआ. काहेपूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? सुनलू ह? हँ. तब ? तब का ? अतना बखेड़ा नकली कप खातिर भइल ? ना. जवने कप मिलल उहे असली ह. कइसे ? लड़िकी कवनो देखावल गइल होखो. जेकरा माँग में सेनूर डलनी आ विदा करवनी उहे असली हो गइल. मान लिहनी भउजी.

का बबुआ ? फगुआ आ गइल का ? लउकल त ना हऽ केनियो. बाकिर सुने में आवत बा कि आ गइल बा. ओकरे के खोजे निकलल बानी. चलीं, एही बहाने भउजी त याद आ गइली. ना त अब त जमाना बा अपने मरद मेहरारू में भूलाइल रहे के. बाप महतारी,पूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? हैप्पी वैलेंटाइन डे ! शेम टू यू बबुआ. अरे भउजी तू सेम का बदला शेम काहे कहताड़ू ? काहे ना कहीं ? याद बा पिछला बेर कब आइल रहीं. वसन्त पंचमीओ का दिने भउजी याद ना अइली बाकिर वैलेंटाइन दिने आ गइली. जमाना बदलतपूरा पढ़ीं…

भउजी हो….. का बबुआ ? लालू आ मुलायम के शिकायत बा कि सरकार ओह लोग के तनखाह कमे काहे बढ़वलसि ह ? ओह लोग के कतनो तनखाह दे दिहल जाई कमे रही. आखिर मास्टरी करत करोड़पति देश के कई जने भइल बाड़न ? जे चपरासीओ लायक ना रहल से आजुपूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? प्रधानमंत्री जी काश्मीर के बेसी स्वायत्ता देबे के बाति कहले बाड़न. ओहसे का हो जाई ? ओहिजा के लोग खुश हो जाई. एहसे त बढ़िया रहित कि ऊ भारत के काश्मीर से आजाद करा देवे के बाति कहले रहतन. कुछ गलती नइखे होत तोहरापूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ? सुनलू हऽ? बहिर थोड़े हईं. कवना बात का बारे में पूछत बानी? सुने में आवत बा कि देश में शौचालय से बेसी मोबाइल हो गइल बा. त एहमें अचरज का बा? एगो शौचालय से कई लोग के काम चल जाला, जबकि एक एक आदमी के दूपूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ? कइसे कइसे? कहवाँ रहतानी आजुकाल्हु कि देखलो दुलम भइल बा? जानत रहली हँ कि आजु २१ गो तोप के सलामी मिलला बिना ना रही. जानते बाड़ू हमार काम धाम. कबो कबो खाइलो पियल दुलम हो जाले. खैर तू बताव? चिदम्बरम के इस्तीफा पर का राय बा?पूरा पढ़ीं…