Tag: शशि प्रेमदेव

सज्जी बुराई दोसरा में, हमहन में एकहू ना

शशि प्रेमदेव दीया-दियारी का दीने मोबाइल पर सबेरहीं उहाँ के फोन आइल . अकसरहा हर तिवहार भा जनमदिन का मोका पर फोन का जरिए हमके ‘शाकिब सर’ के बधाई आ…

गज़ल

– शशि प्रेमदेव जेकरा पर इलजाम रहल कि गाँछी इहे उजरले बा! फल का आस में सबसे पहिले ऊहे फाँड़ पसरले बा! दूर से ऊ अँखियन के एतना रसगर लगल,…