‘मल्लयुद्ध’ के सब्जेक्ट एकदमे मौलिक आ नया बा -सुनील चौहान

निर्माता सुनील चौहान के जेएमवी प्रोडक्शंस का बैनर तले बनावल फिलिम हवे ‘मल्लयुद्ध’. चांद मेहता निर्देशित ई फिलिम जल्दिये दर्शकन का सोझा आवे वाली बा. नोएडा के जानल मानल बिल्डर सुनील चौहान के ई पहिला फिलिम ह. बातचीत में सुनील चौहान अपना फिल्म आ अपना बारे में बहुते कुछ बतवले. “मल्लयुद्ध” का बारे में कहलन कि गाँव में हमेशा से कुश्ती होत आइल बा. कबो अइसहीं मनोरंजन खातिर त कबो कवनो दोसरो कारण से आपन ताकत देखावे खातिर. कबो एही का आधार पर स्वंयवरो होत रहे. फिल्म “मल्लयुद्ध” के कहानी बा कि ओह गाँव में परंपरा रहल कि अपना बेटी का बिआह खातिर मल्लयुद्ध करावल जाई आ जे जीती ओकरे से बेटी बिआह दिहल जाई. अगर कवनो कारण से बिआह ना हो सकल त लड़की के बाकी जिवन विधवा का तरह जिये के पड़त रहे. जब निर्देशक चांद मेहता एह फिल्म के स्क्रिप्ट सुनवले त सुनील के पसंद आ गइल आ फिल्म बनावे के फैसला हो गइल. ई कहानी एकदम से मौलिक आ नयापन लिहले बावे. चांद मेहता बालाजी ग्रुप के टीवी सीरियल ‘कसम से’ के निर्देशन कइले रहले. सुनीलो चौहान दिल्ली दूरदर्शन खातिर दू गो सीरियल ‘मां’ अउर ‘अभाग्य’ बनवले रहले. मल्लयुद्ध के दिवाली का बेरा रिलीज करे के सोचले बाड़न सुनील.

नोएडा में बिल्डिंग व्यवसाय में लागल सुनील चौहान बतवले कि उनुका पिता के सपना रहे फिलिम बनावे के बाकिर बहुत कुछ कारण से ऊ आपन सपना पूरा ना सकले. एहसे अब जब सुनील सक्षम बाड़े त फिल्म बनावे के फैसला कर लिहले. भोजपुरी फिल्मोद्योग में अपना के सबसे जूनियर फिल्मकार मनला का बावजूद सुनील चौहान के कहना बा कि भोजपुरी बहुते प्यारी आ समृद्ध भाषा हिय आ साफ-सुथर, पारिवारिक आ सार्थक फिलिम बनावल सभका फायदा में रही.


(स्रोत : शशिकान्त सिंह)

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