पप्पू मिश्र ‘पुष्प’ के ठहाका

– पप्पू मिश्र ‘पुष्प’ पेट के पपीहरा के पियास बुझावे खातिर उ खुशी-खुशी ओ लो के सेवा-तबदारी में लाग गइल। सेवा-तबदारी से जवन कुछ मिले ओ से ओकर आ ओकरा…

उदय शंकर “प्रसाद” के कविता – बखारी, मजबूरी

(1) बखारी बास के चचरा गोल गोल मोडाईल ऊपर से खरई सरिया के बंधाईल माटी के लेप चचरा पे लेपाईल बखारी के रूप लेके खड़ियाइल फिर टीका लगल अगरबत्ती बाराईल…

भिखारी ठाकुर के जयन्ती का अवसर पर स्मरण

भोजपुरी लोक-रंग के प्रतीकःभिखारी – डॉ0 अशोक द्विवेदी अपना समय सन्दर्भ में भिखारी ठाकुर, अपना कला-निष्ठा आ कबित-विवेक वाला रंग-कर्म से अपना समय के सर्वाधिक लोकप्रिय कलाकार रहलन। ऊ लोकनाट्य-परम्परा…

बोली-भाषा के कविता : आ ओकरा सुघराई के गाँहक

भोजपुरी दिशा-बोध के पत्रिका पाती के नयका अंक आ गइल। पेश बा ओकरा संपादक डॉ0 अशोक द्विवेदी जी के “हमार पन्ना” – एघरी कविता जवना लूर-ढंग , शैली आ कलात्मक…

उदय शंकर के दू गो कविता

(1) नून इक दिन बहुत हाहाकार मचल भात, दाल, तरकारी में। काहे भैया नून रूठल बा बइठक भइल थारी में। दाल-तरकारी गुहार लगईलक नून के बइठ गोरथारी में तरकारी कहलक…

गोरखपुर भोजपुरी संगम के 151 वीं ‘बइठकी’

– सृजन गोरखपुरी गोरखपुर के संस्था ‘भोजपुरी संगम’ के 151 वीं ‘बइठकी’ खरैया पोखरा, बशारतपुर में संस्था कार्यालय में वागीश्वरी मिश्र ‘वागीश’ के अध्यक्षता अउर अवधेश शर्मा ‘नन्द’ के संचालन…

बाप के मरले कुँवर महतारी का मरले टूअर : निफ्टी-50 बीस हजार कि पन्द्रह हजार

करीब दस महीना से एगो अइसन बान्ह बन्हा गइल बा निफ्टी-50 का प्राइस लाइन में जवन टूटले नइखे टूटत. एह बान्ह के शुरुआत 19 अक्टूबर 2021 से भइल जब निफ्टी-50…

का कहीं कहाते नइखे, कहला बिना रहातो नइखे

आजुकाल्ह हम बहुते फिकिरमन्द बानी. अँजोरिया चलावत युग बीत गइल बाकिर हम बाकी लोग जइसन ना बन सकनी. ना त हमार कवनो गुट बनल, ना हम कवनो गुट में शामिल…

रामलखन विद्यार्थी जी अब नइखीं

भोजपुरी साहित्य के एगो बरियार खंभा फेरु गिर गइल. रामलखन विद्यार्थी जी अब नइखीं. नवासी बरीस का वयस में डिहरी ऑन सोन स्थित अपना आवास पर 29 जून, 2022 के…

अगस्त के महीना भइल बड़ा सोर

श्री सत्यवादी छपरहिया ‘अगस्त’ संस्कृत ‘अगस्त्य’ आ अँगरेजी ‘औगस्ट’ के भोजपुरी रूप हवे. एह शब्द से कई एक गो माने-मतलब निकलेला. पौराणिक युग में अगस्त नाँव के एगो लमहर ज्ञानी-ध्यानी…

भोजपुरी भाषा के सरकारी उपेक्षा आ अन्याय का खिलाफ भोजपुरियन के आवाज

हिन्दी भाषा परिवार में बड़की बहिन होखला का बावजूद भोजपुरी भाषा के जवन सरकारी उपेक्षा हो रहल बा ओह अन्याय का खिलाफ रहि रहि के भोजपुरियन के शिकायत भरल आवाज…