अबकी का ईद प हिन्दी सलमान से भोजपुरी निरहुआ के टक्कर

भोजपुरी के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ आ गरम लिट्टी अंजना सिह के जोड़ी के फिलिम – जिगर – अबकी का ईद का मौका प 23 जून के रिलीज होखे वाली बिया. संजोग बा…

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मेहरी के खीसि डेहरी प : बतंगड़ – 31

– ओ. पी. सिंह जइसे – नाचे ना जाने अङनवे टेढ़ – वाला सहारा ले लीहल जाला जब चाल सही ना बइठे, वइसहीं अपना गलती के खीसि दोसरा प मढ़ देबे के परिपाटी पुरान ह….


सरधा के अँजुरी : ‘गँवई गंध गुलाब’ के ‘मनबोध मास्टर’

– भगवती प्रसाद द्विवेदी आजु जब खेती-किसानी में जीव-जाँगर आ जिनिगी खपावेवाला गरीब किसान खुदकुशी करे खातिर अलचार हो जात बाड़न, त एह निठुर समय में एगो अइसन ऋषि रचनाकार के बरबस इयाद आवत बा,…


आइल गरमी

– डॉ राधेश्याम केसरी सूरज खड़ा कपारे आइल,गर्मी में मनवा अकुलाइल। दुपहरिया में छाता तनले,बबूर खड़े सीवान। टहनी,टहनी बया चिरईया, डल्ले रहे मचान। उ बबूर के तरवां मनई, बैईठ ,बैईठ सुस्ताइल। गइल पताले पानी तरवां,…


नीक-जबून-7

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ‘सेंगर’ आजु स्टाफ रूम में इंस्पेक्शन के बात एक-एक क के उघरत रहे. हमरा प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ‘सेंगर’ जी याद आ गइल रहीं आ…


डॉ. कमल किशोर सिंह के दू गो कविता

लिटी-चोखा – डॉ. कमल किशोर सिंह आहार अनोखा लिटी चोखा का महिमा हम बखान करीं. ई ‘बर्बाकिउ बिचित्र बिहारी’ बेहतर लागे घर से बहरी, दुअरा-दालान, मेला-बाज़ार, कहंवो  कोना  में  छहरी. नहीं  चुहानी  चौका-बर्तन बस चाही…



पिया नाहीं अइले अबकी फगुनओ में : बतंगड़ – 30

– ओ. पी. सिंह अगर कवनो समाज के खतम करे के होखे त ओकरा नाभि प चोट करे के चाहीं. आ समाज के नाभि ओकरा भासा, ओकरा परम्परा, ओकरा संस्कार, ओकरा उत्सवन में होला. कई…


किताबि आ पत्रिका के परिचय – 13

डॉ. अरुणमोहन भारवि के कुछ रचना परशुराम (भोजपुरी पौराणिक उपन्यास) 1977 में भोजपुरी संस्थान, 2, ईस्ट गार्डिनर रोड, पटना से प्रकाशित. राख भउर आग (भोजपुरी जनवादी उपन्यास) 1985 में अरुणोदय प्रकाशन, आर्य आवास, भारतीय स्टेट…


नेपाल भोजपुरी समाज

पिछला दिने नेपाल भोजपुरी समाज, वीरगंज के अध्यक्ष रामदेव प्रसाद श्रीवास्तव के अध्यक्षता मे वीरगंज में एगो बइठक भइल. एहमें फागुन 28 गते का दिने होखेवाला भोजपुरी महोत्सव कार्यक्रम के सभ्य अउरि व्यवस्थित तवर से…


होली हमरा ना भावे

नीतिन नीरा चन्द्रा के निर्देशन में नीओ बिहार के बनावल एगो भोजपुरी गाना – होली हमरा ना भावे – यू ट्यूब प जारी भइल बा. नीतिन नीरा चन्द्रा के लोकप्रियता एकरा के चार घंटा भितरे…


महामहिम, राउर बतिया हमरा से बरदाश्त नइखे होत : बतंगड़ – 29

– ओ. पी. सिंह महामहिम राष्ट्रपति जी, राउर बतिया हमरा से बरदाश्त नइखे होखत. अब रउए बता दीं कि हम कहाँ जाईं. कोच्चि मे 2 मार्च के दीहल राउर उद्बोधन हमरा सोझा बा. एहमें राउर…


अबीर कहाँ गिरल, पता चलल कि थरिए में : बतंगड़ – 28

– ओ. पी. सिंह जे सुधरल बा ऊ त चुपाइल बा बाकिर जेकरा अपना मरजी का खिलाफ सुधरे के पड़ल बा ओकर पीड़ा उहे बता सकेला जे भोगत बा भा भोगले बा. नोटबन्दी के मार…


पाँच दिन के भोजपुरी नाट्योत्सव

बिहार के सिवान में पाँच दिन चले वाला भोजपुरी नाटकन के उत्सव जीरादेई ब्लॉक के नरेन्द्रपुर (नरीनपुर) गाँव में होखे जा रहल बा. भोजपुरी नाटक खेले वाली मशहूर संस्था रंगश्री एह नाटकन के मंचित करी….


जल्‍दी पूरा कइल जाव भोजपुरी के संवैधानिक मान्‍यता के मांग

भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करावे के मांग एक बेर फेर बहुते जोर-शोर से उठावल गइल. मौका रहल अंतर्राष्‍ट्रीय माईभासे दिवस मनावे ला इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भोजपुरी समाज दिल्‍ली के बोलावल…


बसंत प दू गो कविता

– डॉ राधेश्याम केसरी 1) आइल बसंत फगुआसल सगरी टहनियां प लाली छोपाइल, पछुआ पवनवा से अंखिया तोपाइल, देहिया हवे अगरासल, आइल बसन्त फगुआसल। कोयल के बोल अब खोलेला पोल, सैंया सेजरिया से हो जाला…


दुअरा सवतिया के पिया के बरतिया : बतंगड़ – 27

– ओ. पी. सिंह दुअरा सवतिया के पिया के बरतिया, देखि देखि फाटे रामा पथरो के छतिया. जिनिगी के जरेला सिंगार, दइबा दगा कइलें. एह घरी स्मार्टफोन के जमाना बा आ लोग सबेरे के गुड…


दिल्ली के नाट्योत्सव में मंचित भइल “ठाकुर के कुइयाँ”

मैथिली-भोजपुरी अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित नाट्योत्सव के धमाकेदार शुरुआत दिल्ली सरकार के कला-संस्कृति मंत्री श्री कपिल मिश्र आ अकादमी के उपाध्यक्ष श्री संजॉय सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन का सङे भइल. 21 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेवाला एह महोत्सव के…


प्रगतिशीलता के नाम पर

– डॉ ब्रजभूषण मिश्र भाषा सब अइसन भोजपुरी साहित्य में बेसी कविते लिखल जा रहल बा. दोसर-दोसर विधा में लिखे वाला लोग में शायदे केहू अइसन होई, जे कविता ना लिखत होई. एही से कविता…