Anjoria, the First Bhojpuri Site.
Make Anjoria your Homepage
News in Bhojpuri
दस साल पहिले भइल पोखरण-२ के सालगिरह मनावे खातिर भाभा परमाणु अनसंधान केन्द्र में आयोजित समारोह में बोलत पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम बाजपेयी के प्रशंसा कइलें आ कहलें कि परमाणु विस्फोट करावे क फैसला लिहल साहस के काम रहुवे. ध्यान देबे लायक बाति बा कि राजीव गाँधी का समय में विस्फोट के पूरा तइयारी हो चुकल रहुवे बाकिर उनुका हिम्मत ना भउवे. शायेद एही चलते संप्रग सरकार एह मौका पर कवनो सरकारी समारोह ना कइलसि.
सोनिया के चाटुकारन का जबानी हमला से घवाहिल हो के अर्जून सिंह लिखित रुप में बयान दिहले बाड़े कि ऊ हमेशा से नेहरु परिवार के वफादार बाड़न आ आगहूं बनल रहीहें. बाकिर तबहियों सोनिया मण्डली उनुका के माफ करे के तइयार नईखे आ बुझात बा कि इनकर बुढ़ापा खराब हो के रही.
भोजपुरी हास्य कवियन के सूची
जल्दिए शुरू होखे वाला भोजपुरी के टीवी चैनल खातिर कार्यक्रम बनावे वाला एगो निर्माता अँजोरिया से भोजपुरी हास्य कवियन के सूची मँगले बाड़न. अँजोरिया अपना सम्पर्क माध्यमन से जानकारी बटोरि के सूची बनावे का काम में लागल बा. अगर रउरा लोग में से केहू के भोजपुरी हास्य कवि का बारे में केहू के नाम जानकारी में होखे त कृपा करिके उनकर रचना के एगो नमूना का साथ अँजोरिया के एडीटर के इमेल कर दीं.
ई॰टी॰वी॰ भोजपुरी सिनेमा सम्मान समारोह २००८
भोजपुरी के आपन एगो खास संस्कृति रहल बा, एगो अलग संस्कार रहल बा, गीत संगीत के मिठास रहल बा. कुल मिला के एगो गौरवशाली परम्परा रहल बा जवन सैकड़न साल से लोग के दिल पर राज कर रहल बा. चाहे ऊ गिरमिटिया मजदूर बनि के मारीशस, त्रिनिदाद, गुयाना वगैरह गइल भोजपुरिया होखसु, जेकरा लोगन के बिछुड़न विरह व्यथा पर लिखल भिखारी ठाकुर रचित बिदेसिया आजु ले रोवा दे ले, भा आजु के आधुनिक वर्तमान पीढ़ी जवन अपना उद्यमिता खातिर सगरो जानल मानल जाला आ देश के सर्वोच्च पद तक आपन झण्डा गाड़ चुकल बा. भोजपुरिया लोग जहाँ भी गइल अपना माटी के सोन्ह गमक ले ले गइल आ पूरा समाज के गमकवलसि.
भोजपुरी लस्टम पस्टम
हँसत काहे नईखी सभे
- जयन्ती पाण्डेय
अर्थशास्त्री लोगन से लदाइल सरकार के अचके में पता लागल कि अरे अरबपतियन के ई देश में तऽ गरीबी के रेखा से नीचे रहे वाला ज्यादा बाड़े सन आ ऊ महंगाई के लेके हाला मचवले बाड़े सन, आ ऊ हाला से विरोधी पटियन के नेता घूर फिर सरकार के मीन मेख निकालत बाड़े सन.
बड़ा आश्चर्य भइल कि उदारीकरण के जमाना में ई कइसे हो गइल. सरकार तुरते एगो एनजीओ के कहलसि कि तनी पता लगावऽ कि का सांच बा. एनजीओ के बैंक एकाउण्ट में जब ई खोज खातिर लाखन रुपिया जमा हो गइल त अपना स्वयंसेवकन के पठवलसि पता लगावे खातिर. ओह में से जे सबसे हुंसियार रहे ऊ चल गइल लस्टमानंद के गांवे. गांव में ढुकते रामचेला भेंटा गइले. अबहीं उनका से बात होते रहुवे कि ओने से गुरु लस्टमानंद चलि अइलें.
का हो, ई के हऽ?
साँढ़ का संगे लड़ाई
भोजपुरी सिनेमा में पहिलका हालि
आजुकाल्हु भोजपुरी सिनेमा में एक्शन के बोलबाला बढ़ रहल बा. पहिले सामाजिक विषय पर बनल फिल्मन में संगीत के बोलाबाला रहत रहल. अब बुझाता कि एक्शन के जमाना आ गइल बा. एक्शने ना, रियल एक्शन. अधिकतर सीन में एक्शन वाला सीन डुप्लीकेट पर फिल्मावल जाला बाकिर फिलम 'चंदा' में एक्शन स्टार सोनू अपनहीं भिड़ गइलन साँढ़ से.
आसरा के दियना.
हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश से भोजपुरी खातिर दिहल जाए वाला सर्वोच्च सम्मान २००४ के राहुल सांस्कृत्यायन पुरस्कार से सम्मानित गीत संग्रह आसरा के दियना अँजोरिया में प्रकाशित होखे जा रहल बा.
तस्वीर जिन्दगी के, कविता चतुर्थी, आवऽ लवट चलीं जा, थाती का बाद एगो आउरी किताब आसरा के दियना पूरा का पूरा पेश बा.
धरम करम
भिनुसहरा होत पंडीजी जइसहीं कनखियवनीं कि भगत लोग ओकरा के अन्हाधुन्ह पीटल शुरु कऽ दिहल आ तब ले ओकर ठोकाई होते रहि गइल जब ले ऊ बेहोश ना हो गइल. भला होखे त काहें ना, भला चमार होके मठिया में ढूके के गलती जे कइले रहे!
साँझी खा मठिया में भगत लोग के भीड़ देखते बनत रहे. पंडी जी पाठ शुरु कइनीं, - ' जात पाँत पूछे ना कोई, हरि के भजे से हरि के होई'...
डा॰गोरख प्रसाद 'मस्ताना'
गजल
पनकीं तनिका तब हम जानी
टनकीं तनिका तब हम जानी
अँखुअइला से काथी होई
खनकी तनिका तब हम जानी
अदमी अदमी के जोरे ला
सनकी तनिका तब हम जानी
रेवाज - डा॰ अशोक द्विवेदी
"का हो? हरे चलबू?
कि दुश्मन के लाठी अड़बू?
कि देबू पितरन के पानी?
मुहझँउसो, लड़िका के बरोबरी लिहें!"
भोजपुरी अंचल में औरत के स्थिति में कवनो खास क्रांतिकारी बदलाव नइखे आ सकल. डा॰ अशोक द्विवेदी रेवाज में ए के सटीक रेखांकन कइले बाड़न. एह कविता के अंगरेजी अनुवाद एक जमाना में जेएनयू में आ बाद में टेक्सास वगैरह में बहुत चर्चित रहल बा. - संपादक
Bhojpuri Literature
कर्नाटक विधान सभा के चुनाव
कर्नाटक विधान सभा के चुनाव में कांग्रेस के पीठ देवार से लागल बा. हालात पहिलहूं से खराब हो गइल बा जब सन् २००४ में कांग्रेस चुनाव हार गइल रहुवे बाकिर बाद में गठजोड़ करिके केहू तरह सरकार बना लिहले रहुवे.
बाद में ऊ सरकार गिर गइल जब देवगौडा के बेटा भाजपा से हाथ मिला लिहले. वायदा रहुवे कि आधाआधा टाइम दुनू पार्टी के मुख्यमंत्री बनिहन. बाकिर आपन हिस्सा के सरकार चला लिहला का बाद मक्कारी देखा दिहल लोग आ भाजपा के सरकार ना चले दिहल लोग.
Bhojpuri Film Posters



