दुअरा सवतिया के पिया के बरतिया : बतंगड़ – 27

– ओ. पी. सिंह दुअरा सवतिया के पिया के बरतिया, देखि देखि फाटे रामा पथरो के छतिया. जिनिगी के जरेला सिंगार, दइबा दगा कइलें. एह घरी स्मार्टफोन के जमाना बा आ लोग सबेरे के गुड…

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दिल्ली के नाट्योत्सव में मंचित भइल “ठाकुर के कुइयाँ”

मैथिली-भोजपुरी अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित नाट्योत्सव के धमाकेदार शुरुआत दिल्ली सरकार के कला-संस्कृति मंत्री श्री कपिल मिश्र आ अकादमी के उपाध्यक्ष श्री संजॉय सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन का सङे भइल. 21 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेवाला एह महोत्सव के…


प्रगतिशीलता के नाम पर

– डॉ ब्रजभूषण मिश्र भाषा सब अइसन भोजपुरी साहित्य में बेसी कविते लिखल जा रहल बा. दोसर-दोसर विधा में लिखे वाला लोग में शायदे केहू अइसन होई, जे कविता ना लिखत होई. एही से कविता…


भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता दिआवे ला

राजेश भोजपुरिया से मिलल रपट – भोजपुरी भाषा के भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची मे शामिल करे के मांग के साथे दिल्ली के जंतर मंतर पर भोजपुरी जन जागरण अभियान के बैनर तले एक दिवसीय…


भोजपुरी खातिर एक दिन

भोजपुरी भाषा के मान्यता ला आंदोलन चलावत “भोजपुरी जन जागरण अभियान” रउआ सभे से निहोरा आ निवेदन कर रहल बा कि भोजपुरी भाषा के मान सम्मान बचा के राखे खातिर दिल्ली में महाधरना 21 फरवरी…


फगुआ के चकल्लस

– लव कान्त सिंह फगुआ के शुरू हो गइल रहे चकल्लस ऊ हमरा तरफ देखलस या कहलस भइया जी हम तहरा के रंग लगायेम हम कहनी, ओसे पहिले भाग जाएम। हम भाग के गइनी दोसरा…


लोकभाषा के काव्य आ ओकरा चर्चा पर चर्चा

– डॉ अशोक द्विवेदी लोकभाषा में रचल साहित्य का भाव भूमि से जुड़े आ ओकरा संवेदन-स्थिति में पहुँचे खातिर,लोके का मनोभूमि पर उतरे के परेला। लोक कविताई के सौन्दर्यशास्त्र समझे खातिर लोकजीवन के संस्कृति, लोकदृष्टि…


दू गो गीत

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी 1 पगे पग ठोकर समय के नचवना कइसन जिनगी सटत रोज पेवना.   घुमल अस चकरी पलिहर जोताइल नमियो ना  खेते  बीया  बोआइल उमेदे से अंखुवा , फोरी  न भुंइयाँ इहे …


कुकुरहट प कुकुरबझाँव : बाति के बतंगड़ – 26

– ओ. पी. सिंह एने फेरू कुछ दिन से कुकुर चरचा में बाड़ें स. एह चलते कुछ लोग कुकुरहट प उतरआइल बा त बाकी लोग ओकनी से कुकुरबझाँव करे में अझूराइल बाड़ें. हालांकि कुकुरन का…


चम्पारण के लोग हँसेला

– हरींद्र हिमकर उत्तर ओर सोमेसर खड़ा, दखिन गंडक जल के धारा | पूरब बागमती के जानी, पश्चिम में त्रिवेणी जी बानी | माघ मास लागेला मेला, चंपारण के लोग हँसेला | | त्रिवेणी के…


किताबि आ पत्रिका के परिचय–12

डॉ. नंदकिशोर तिवारी द्वारा संस्कृत के कवि भास के भोजपुरी में अनूदित कुछ नाटक डॉ. नंदकिशोर तिवारी संस्कृत के कवि भास के एगारह गो नाटकन के भोजपुरी में अनूदित कर चुकल बानी. ई सभ नाटक…


वेभ म्यूजिक जारी कइलसि पवन सिंह के ’सत्या’ के पहिलका झलक

भोजपुरी सिनेमा के गायिकी के सिरमोर आ यंग्रीयंग मैन पावरस्टार पवन सिंह के बहुचर्चित भोजपुरी फिलिम ‘सत्या’ के पहिलका झलक पिछला दिने म्यूजिक कंपनी वेभ का तरफ से जारी हो गइल. सत्या के एह पहिला…


खेसारी लाल यादव के ‘बाबरी मस्जिद’ के पहिला झलक जारी भइल

खेसारी लाल के नया भोजपुरी फिलिम ‘बाबरी मस्जिद’ के पहुलका झलक पिछला दिने मुम्बई में जारी हो गइल. एक तरफ आजुकाल्हु खेसारी लाल के फिलिम ‘मेहंदी लगाकर रखना’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचवले बिया ओहीजे…


सतरंगी भोजपुरी

– शिवानंद मिश्र ‘शिकारी’ बाबा अड़भंगी जेकर, बीर बजरंगी जेकर टहटह चुनरिया, सतरंगी भोजपुरी ह । भृगुजी के संगी हउए, गोरख के सरंगी हउए, बाबा विश्वामित्र अस बुढंगी भोजपुरी ह । कुअर के तेगा नंगी,…


इयरवा से लागल बाटे इयरिया : बाति के बतंगड़ – 25

– ओ. पी. सिंह एगो पुरान गीत के मुखड़ा आजु याद आ गइल. इयरवा से लागल बाटे इयरिया घरवा का चोरिया-चोरिया ना. अब चुनाव का माहौल में इयार के इयारी के चरचा से ई मत…


किताबि आ पत्रिका के परिचय – 11

भोजपुरी के कुछ ऑफलाइन पत्रिका भोजपुरी के कुछ पत्रिका, जवन ऑनलाइन नइखी सन. एहमें से जो कवनो पत्रिका, ऑनलाइन होई त हमरा जानकारी में नइखे आ खुशी के विषय होई हमनी खातिर. एहमें से दु-तिन…


नीक-जबून-6

          डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी बगसर बिसरत नइखे ए पारी के जाड़ा के छुट्टी के बहुत उत्साह रहे. बहुत दिन बाद, लगभग 30-31बरिस बाद 24 दिसंबर के भारवि जी…


भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा ला जन-आंदोलन जरुरी बा – लाल बिहारी लाल

भोजपुरी आज दुनिया के सोलह गो देश में आ देश के कई राज्य – बिहार, यू.पी., दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात वगैरह में करोड़ो लोग द्वारा बोलल जाता बाकि अबही ले एकरा के…


फिरू बसन्त चलि आइल

– अशोक द्विवेदी ओढ़नी पियर, चुनरिया हरियर / फिरु सरेहि अगराइल जाये क बेरिया माघ हिलवलस, रितु बसन्त के आइल! फुरसत कहाँ कि बिगड़त रिश्ता, प्रेम पियाइ बचा ले सब, सबका पर दोस मढ़े अरु…