देरी से मिलल खबर आइल बा कि भोजपुरी के प्रतिष्ठित कथाकार-कवि कृष्णानंद कृष्ण जी अब हमनी का बीच ना रहलीं. उहाँके निधन तीन दिन पहिले मंगल का दिने बंगलौर में हो गइल. ई खबर डॉ सतीशराज पुष्करणा जी से वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्विवेदी जी के मीलल आ उहाँ सेपूरा पढ़ीं…

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डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ हमरा समझ से संस्कृत के देवभाषा एह से कहल गइल कि एकरा में रचल प्राय: हर कविता चाहे श्लोक समस्त सृष्टि खातिर जीवन मंत्र के काम करेला. नमूना के रूप में एगो श्लोक देखीं – ” अमन्त्रमक्षरं नास्ति, नास्ति मूलं वनौषधम्. अयोग्यो पुरुषो नास्ति, योजकस्त्र दुर्लभ:.पूरा पढ़ीं…

भोजपुरी साहित्य के गौरव आ एगो मजबूत पाया जगन्नाथ जी काल्हु शनिचर 14 मार्च 2020 के साँझि खा साढ़े चार बजे पटना के अपना साधनापुरी निवास पर आपन आँखि मूदि लिहलीं. भोजपुरी गजल में जगन्नाथ जी के बड़हन योगदान का चलते उनुका के भोजपुरी के गालिब नाँव से जानल जाएपूरा पढ़ीं…

कुमार अभिनीत ‘भोजपुरी संगम’ के 121वीं ‘बइठकी’ अतवार का दिने गोरखपुर में तुर्कमानपुर का लगे साहित्यकार डॉ. रवीन्द्र श्रीवास्तव ‘जुगानी’ जी के घरे भइल. एह ‘बइठकी’ के पहिलका दौर में डॉ. फूलचन्द प्रसाद गुप्त आपन लिखल भोजपुरी कहानी पाठ कइनी. एह कहानी के समीक्षा करत प्रो. आर डी राय कहलेंपूरा पढ़ीं…

समाज, संस्कृति आउर सभ्यतन के बनावे आ जोगावे में महिला लोगन के योगदान हमेसा से रहल बा. बात भाषा के होखे भा संस्कृति के, महिला लोग एकरा हमेसा से भरले-पूरले बा. महिला लोगन के योगदान हर भाषा, सभ्यता आउर संस्कृति में रहल बा. महिला लोगन के एही योगदान के बटोरेपूरा पढ़ीं…

रामरक्षा मिश्र विमल भोजपुरी दू डेग आगे त हिंदी दू डेग पाछे हिंदी के कुछ तथाकथित विद्वान एह घरी भोजपुरी पर आपन-आपन ब्रह्मास्त्र चलावे में लागल बा लोग. ऊहन लोग में ई डर समा गइल बा कि भोजपुरी के जहाँ संविधान का आठवीं सूची में जगह मिलल कि हिंदी सतनासपूरा पढ़ीं…

नई दिल्ली में साहित्य अकादेमी का सभागार रवीन्द्र भवन में भोजपुरी के मशहूर लिखनिहार डॉ अशोक द्विवेदी के लिखल आलोचना के किताब के विमोचन पुरनिया लिखनिहार आ साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष रह चुकल आचार्य विश्वनाथ तिवारी जी का हाथे कइल गइल. एह मौका पर भइल बतकही में मशहूर कथाकारनी डॉपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी के मशहूर आ प्रतिष्ठित लिखनिहार डॉ अशोक द्विवेदी जी के लिखल किताब “भोजपुरी रचना आ आलोचना” के विमोचन 29 अक्टूबर 2019, मंगल का दिने दिल्ली में साहित्य अकादेमी के सभागार में होखे जा रहल बा. फिरोजशाह मार्ग पर बनल रवीन्द्र भवन के एह सभागार के तीसरा माला पर मौजूदपूरा पढ़ीं…

डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित जाउँ।।’ कबीर उत्तर भारत के अइसन फक्कड़ मौला सन्त रहलन, जे अपना सहज लोकचर्या आ ठेठ बोली-भाषा के कारन सबसे अलग पहिचान बनवलन। उनका कविता में ‘अनुभूत सत्य’ का प्रेम पगल भक्ति के अलावा अगरपूरा पढ़ीं…

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भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ एकरा के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करावे के माँग ले के “भोजपुरी जन जागरण अभियान” राष्ट्र स्तर पर चलावल जात अपना भोजपुरी भाषा मान्यता आंदोलन का एही 14 जुलाई 2019 का दिने दिल्ली के जंतर मंतर पर एगो बड़हन धरना प्रदर्शन करे केपूरा पढ़ीं…

नेपाल भोजपुरी समाज, वीरगंज के आयोजन में महान संत तुलसीदास जी के जीवन प्रसंग पर लिखल आपन मशहूर भोजपुरी खंडकाव्य “रमबोला” के एकल पाठ भोजपुरी आ हिंदी के पुरनिया साहित्यकार डॉ. हरीन्द्र हिमकर में कइनी. नेपाल के भोजपुरी हृदयस्थली वीरगंज (नेपाल के प्रवेश द्वार) के वीरगंज पब्लिक कॉलेज में जबपूरा पढ़ीं…