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गोरखपुर भोजपुरी संगम के 151 वीं ‘बइठकी’

– सृजन गोरखपुरी गोरखपुर के संस्था ‘भोजपुरी संगम’ के 151 वीं ‘बइठकी’ खरैया पोखरा, बशारतपुर में संस्था कार्यालय में वागीश्वरी मिश्र ‘वागीश’ के अध्यक्षता अउर अवधेश शर्मा ‘नन्द’ के संचालन…

बाप के मरले कुँवर महतारी का मरले टूअर : निफ्टी-50 बीस हजार कि पन्द्रह हजार

करीब दस महीना से एगो अइसन बान्ह बन्हा गइल बा निफ्टी-50 का प्राइस लाइन में जवन टूटले नइखे टूटत. एह बान्ह के शुरुआत 19 अक्टूबर 2021 से भइल जब निफ्टी-50…

का कहीं कहाते नइखे, कहला बिना रहातो नइखे

आजुकाल्ह हम बहुते फिकिरमन्द बानी. अँजोरिया चलावत युग बीत गइल बाकिर हम बाकी लोग जइसन ना बन सकनी. ना त हमार कवनो गुट बनल, ना हम कवनो गुट में शामिल…

रामलखन विद्यार्थी जी अब नइखीं

भोजपुरी साहित्य के एगो बरियार खंभा फेरु गिर गइल. रामलखन विद्यार्थी जी अब नइखीं. नवासी बरीस का वयस में डिहरी ऑन सोन स्थित अपना आवास पर 29 जून, 2022 के…

अगस्त के महीना भइल बड़ा सोर

श्री सत्यवादी छपरहिया ‘अगस्त’ संस्कृत ‘अगस्त्य’ आ अँगरेजी ‘औगस्ट’ के भोजपुरी रूप हवे. एह शब्द से कई एक गो माने-मतलब निकलेला. पौराणिक युग में अगस्त नाँव के एगो लमहर ज्ञानी-ध्यानी…

भोजपुरी भाषा के सरकारी उपेक्षा आ अन्याय का खिलाफ भोजपुरियन के आवाज

हिन्दी भाषा परिवार में बड़की बहिन होखला का बावजूद भोजपुरी भाषा के जवन सरकारी उपेक्षा हो रहल बा ओह अन्याय का खिलाफ रहि रहि के भोजपुरियन के शिकायत भरल आवाज…

चेयर-चिपकेरिया

मुक्तेश्वर तिवारी ‘बेसुध’ (चतुरी चाचा) नाँव सुनिके चिहुकीं, चिहाईं जनि. मलेरिया, फाइलेरिया, हिस्टीरिया, डायरिया वगैरह बेमारिये नीअर ‘चेयर-चिपकेरियो’ एगो बेमारी हवे जेवन आजु काल्हि हमरा देश में बड़ा जोर-शोर से…

बतरस आ पाती

अनिल कुमार राय ‘आंजनेय’ भोजपुरी अइसन भाषा ह, जवना पर केहू गुमान करि सकेला. एह भाषा के जेही पढ़ल, जेही सुनल, जेही गुनल ऊहे अगराइल, ऊहे धधाइल, ऊहे सराहल, ऊहे…

देस आजु बैचारिक जुद्धभूमि बनल बा

सौरभ पाण्डेय एह में कौनो संदेह ना, जे लोकसभा के 2014 के चुनाव से, आ फेरु 2019 के आमचुनाव में दोहरियाइ के, एगो अइसना केन्द्र-सरकार के गठन भइल बा, जवन…

सज्जी बुराई दोसरा में, हमहन में एकहू ना

शशि प्रेमदेव दीया-दियारी का दीने मोबाइल पर सबेरहीं उहाँ के फोन आइल . अकसरहा हर तिवहार भा जनमदिन का मोका पर फोन का जरिए हमके ‘शाकिब सर’ के बधाई आ…