हिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल पसन्द ना करे. जे काटेला ऊ झटका में काटेला कि कटाएवाला के कम से कम कष्ट होखे. दुनिया के सगरी नीति नैतिकता पोसे पकावे वाला हिन्दू के इहो यादपूरा पढ़ीं…

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वइसे त गोस्वामी तुलसीदास लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं बाकिर जमाना बदलल त कहाउतो बदलबे करी आ अब के कहाउत ई बा कि बरियार चोर सेन्हे पर बिरहा गावेला. ओकरा निकहा से मालूम बा कि ओकरा के दोषी बतावे के बेंवत केहू में नइखे. तबहियो ओकरापूरा पढ़ीं…

पहिला बेर देश के कवनो गोल हिन्दुवन का खिलाफ खुला लड़ाई के एलान क दिहलसि आ ई गोल ना त मुस्लिम लीग ह, ना ओवैसी के मजलिस. ई गोल ह अपना के जनेऊधारी बरहमन होखे के दावा करे वाला के गोल कांग्रेस. लोकसभा में कांग्रेस के नेता खडगे के कहनापूरा पढ़ीं…

बबुअवो कमाल के आदमी हवे. जबे लागेला कि अब ई सयान होखे लागल बा तबहिऐं कुछ ना कुछ अइसन बोल देला कि लोग माथा ठोक लेला कि हे भगवान, ई कहिया सयान होखी. आ जब लोग के ई हालत बा त ओकरा महतारी के पीड़ा सहजे समुझल जा सकेला. बेचारीपूरा पढ़ीं…

के जानत रहुवे कि बतंगड़ के 100वां कड़ी बाजपेयी जी के मातम मनावे का काम आई. अटल जी के लोग बेपनाह प्यार कइल, सम्मान कइल बाकिर बहुते कम लोग रहल जे उनुका के सही में समुझ सकल. हिन्दूवादियन खातिर ऊ सेकूलर रहलन आ सेकूलर जमात खातिर कम्यूनल. राहुल के कईपूरा पढ़ीं…

पप्पू बनि के जीयल आसान ना होखे. ओकरा खातिर बहुते तेज दिमाग राखे के होला. अइसन अइसन बाति सोचे-कहे के पड़ेला जे दोसर केहू सपनो में ना सोच सके. बाकिर पप्पू के दुर्भाग्य कि ऊ इटालियन महतारी का पेट से बाकिर हिन्दुस्तान में जनमल. ओह घरी के कहो ओकरा कईपूरा पढ़ीं…

लरिकाईं में एगो कहानी सुनले रहीं कि बहेलियन का जाल में फँसे वाला चिरईयन के दशा देख दुखी भइल एगो संत चिरईयन के रटा दिहलें कि – शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, लोभ से उसमें फँसना नहीं. चिरई दिन दिन भर एह बात के माला जपल करऽ सँ आ दाना चुगतपूरा पढ़ीं…

एगो जमाना उहो रहुवे राजीव गाँधी का बेरा जब जनता में ई बहुते प्रचलित हो गइल रहल कि सौ में निनान्बे बेइमान, तबहियों हमार देश महान. कहे वाला त मजाक में, तंज में कहत रहलें बाकिर इहो एगो सचाइए हऽ कि एतना बेइमानन के मौजूदगी का बादो हमनी के देशपूरा पढ़ीं…

पुरनका जमाना से सुनत आइल बानी स ई तंज कि – बूड़ल वंश कबीर के जमले पूत कमाल. पूत अगर कपूत हो जाव तबो महतारी ओकरा के कपूत माने ला तइयार ना होखे. कबीर का साथे अइसन कवनो पुत्रमोह के बात कबो सुने के नइखे मिलल. अइसन नइखे कि कमालपूरा पढ़ीं…

जस-जस दिन नियराइल जात बा तस-तस राजनीति के रंग अउरो सियाह होखल जात बा. एक बाति त सभके मानही के पड़ी कि आवे वाला लोकसभा चुनाव देशो खातिर आ एहिजा के बिखराइल हिन्दुवनो खातिर जिए-मरे के लड़ाई बने वाला बा. चार बाँस चउबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण, एते प सुलतानपूरा पढ़ीं…

अगिला लोकसभा चुनाव में अब सालो भर नइखे रहि गइल. अबकि के चुनाव देश के जीवन मरण के सवाल होखे जा रहल बा एहसे सभकर जिम्मेदारी बा कि आपन निजी फायदा-नुकसान से उपर उठिके देश के फायदा-नुकसान का बारे में सोचत आपन भोट देव. दुनु तरफ परिवारे बाड़ी सँ. भापूरा पढ़ीं…