Category: पुस्तक चर्चा

भोजपुरी भाषा के सरकारी उपेक्षा आ अन्याय का खिलाफ भोजपुरियन के आवाज

हिन्दी भाषा परिवार में बड़की बहिन होखला का बावजूद भोजपुरी भाषा के जवन सरकारी उपेक्षा हो रहल बा ओह अन्याय का खिलाफ रहि रहि के भोजपुरियन के शिकायत भरल आवाज…

बदलत समय आ ‘‘पाती’’ के सउँवाँ अंक

बदलत समय में हमनी का संग, देश-समाज खातिर सोच-विचार आ ‘मत’ के जबर्दस्त द्वन्द चल रहल बा. देसवे ना, बलुक दुनिया में ई द्वन्द आपुसी खेमाबाजी आ आक्रामकता के हद…

ओरहन का पाग में यादों की गठरी

(पुस्तक समीक्षा) डॉ आशारानी लाल के लिखल उनुका दाम्पत्य जीवन के यादगारन के आत्मकथात्मक किताब यादों की गठरी पढ़े के मिलल त लाख चहला का बादो एके बेर में ना…

सँझवत के नयका अंक

भाषा, साहित्य, संस्कृति अऊर शोध के भोजपुरी त्रैमासिक पत्रिका सँझवत के नयका अंक पढ़े ला ओकर पीडीएफ फाइल डाउनलोड क के पढ़ लीं.  86 total views,  1 views today

भोजपुरी साहित्य के समृद्धि में विमल के डायरी ‘नीक-जबून’

डॉ अर्जुन तिवारी न समझने की ये बातें हैं न समझाने कीजिंदगी उचटी हुई नींद है दीवाने की. फिराक गोरखपुरी दुख-सुख, हर्ष-विषाद, आशा-निराशा, हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश के चलते हमनी के…

ऐतिहासिक किताबि ‘भोजपुरी साहित्य में महिला रचनाकारन के भूमिका’ के भव्य लोकार्पण भइल

समाज, संस्कृति आउर सभ्यतन के बनावे आ जोगावे में महिला लोगन के योगदान हमेसा से रहल बा. बात भाषा के होखे भा संस्कृति के, महिला लोग एकरा हमेसा से भरले-पूरले…

पढ़े-लिखे वाला पाठक, पठनीयता आ “पाती” – हमार पन्ना

डॉ अशोक द्विवेदी एगो जमाना रहे कि ‘पाती’ (चिट्ठी) शुभ-अशुभ, सुख-दुख का सनेस के सबसे बड़ माध्यम रहे। बैरन, पोस्टकार्ड, अन्तर्देशी आ लिफाफा में लोग नेह-छोह, प्रेम-विरह, चिन्ता-फिकिर, दशा-दिशा आ…

भोजपुरी रचना पर आलोचना के किताब के विमोचन

नई दिल्ली में साहित्य अकादेमी का सभागार रवीन्द्र भवन में भोजपुरी के मशहूर लिखनिहार डॉ अशोक द्विवेदी के लिखल आलोचना के किताब के विमोचन पुरनिया लिखनिहार आ साहित्य अकादेमी के…

भोजपुरी में आलोचना के किताब के विमोचन आ ओकरा पर बतकही

भोजपुरी के मशहूर आ प्रतिष्ठित लिखनिहार डॉ अशोक द्विवेदी जी के लिखल किताब “भोजपुरी रचना आ आलोचना” के विमोचन 29 अक्टूबर 2019, मंगल का दिने दिल्ली में साहित्य अकादेमी के…

तबे स्वस्थ आलोचना के राहि विकसित होई

दू दिन पहिले विमल जी के पत्रिका सँझवत के जानकारी आ सामग्री मिलल. एने कई एक महीना से हम थाकल महसूसत बानी जवना चलते अब अँजोरिया भा एकरा दोसरा साईटन…

कहनी-अनकहनी – प्रकाशक का कहनी

भोजपुरी साहित्यकार विनोद द्विवेदी के लिखल छोट छोट कहानियन के संग्रह “कहनी-अनकहनी” प्रकाशित हो गइल बा. एह संग्रह के बारे में प्रकाशक के कहनाम एहिजा दीहल जा रहल बा –…