PawanSingh
कवनो ना कवनो बात ले के हमेशा चरचा में बनल रहे वाला पवन सिंह में लागऽता कि बहुते बदलाव आ गइल बा. तबहिए नू उ डबल मीनिंग गाना आ सवांद से तौबा क लेले बाड़न. एह बात ला उ निर्माता-निर्देशकन के चेताइओ देले बाड़न. साफ क दिहले बाड़न कि अगर उनुका फिलिम में अइसनका कुछुओ होखी त उ ओह फिलिम के छोड़ दीहें.

पवन सिंह के चिंता बा कि भोजपुरी फिलिमन के दर्शक घटत जात बाड़े. एहसे पवन अब ओही फिलिम में काम करीहें जवना के सगरी परिवार एक संगे देख सकी. उनुकर कहना बा कि टूहड़पन के घटिअही का चलते भोजपुरी सिनेमा महज समाज के एगो खासे वर्ग के देखे लायक रहि गइल बा. आ एह हालात ला उ सबका संगे भोजपुरी जइसन मीठ भाषा के सब जगहा सम्मान मिले आ भोजपुरी सिनेमो बाकी भाषा के फिलिमन के सोझा खाड़ हो सको.


(संजय भूषण पटियाला)

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