निर्माता-निर्देशक अजय के॰ ओझा के पहिलका भोजपुरी फिल्म सुगना के सेट पर पहिलके दिने रास-रंग के समा बन्हा गइल. मदर नेचर केयर बंगला गढ़ में ई नज़ारा ओहिजा मौजूद कलाकार आ तकनीशियनन का साथे सगरी पत्रकारों देखलें आ खूब आनंद लिहलें.


सेट पर मंत्रीजी बनल प्रमोद माऊथो के दरबार लागल रहे आ चमचन का सूची में शामिल शराब के व्यवसायी बनल प्रदीप गुप्ता आ भ्रष्ट पुलिस औफिसर बनल गोविन्दो खत्री आपन सुधबुध भुलाइल रहलें. महफिल में नृत्यांगना सीमा सिंह जलवानशीं रहली. सीमा पर सभे फिदा रहे आ ऊ अपना रौ में गवले जात रही ई जवनिया के जाम पी ल ए राजाजी. सीमा के रूप लावण्य महफिल मे उन्माद पैदाकरत रहुवे त प्रमोद माऊथो के काईयांपन एगो अलगे भवितव्य के संकेत देत रहे. “सनम हम आपके हैं” आ “सुबह होने तक” जइसन हिन्दी फिल्म बना चुकल अजय ओझा एह फिल्म से अपना छोटका बेटा आदित्य ओझा के नायक बनाके रजतपट पर उतारत बाड़न. राजीव दिनकर एह फिल्म के दूसरका प्रमुख कलाकार हउवें.

एगो प्रेम कहानी वाली फिलिम होखला का बावजूद सुगना पूरा तरह से एक्शन पैक्ड होखी. ओझाजी के कहना बा कि ई फिल्म भोजपुरी दर्शकन के सोच बदल दीहि. सुगना एगो सार्थक आ सम्पूर्ण मनोरंजक फिल्म होई.


(स्रोत : उदय भगत)

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