गोरखपुर भोजपुरी संगम के सताइसवीं बइठकी

by | Jun 8, 2012 | 0 comments


‘भोजपुरी में गद्य साहित्य के कमी बा आ भोजपुरी सम्पदा के सदुपयोग गद्य लेखन से ही सम्भव हो सकत बा.’

‘कविता जब कवि के मजबूर करे लागे तबे कविता लिखल जाए के चाहीं.’

‘भोजपुरी खाली अपनी रचनन के बल पर खड़ी बा, दुसरी भाषा के बिधागत नकल आ राजनीतिक रेस से बचल जरूरी बा.’

पिछला १३ मई २०१२ के गोरखपुर के “भोजपुरी संगम” के सताइसवीं बइठकी के अध्यक्षता करत प्रो॰ रामदेव शुक्ल जी एह तरह के कई बात कहलीं. बइठकी में प्रो॰ चित्तरंजन मिश्रजी के कहल रहे कि रचना नया आ पुरान समाज का बीच फँसल मनुष्यता के गाँठि खोलेली सँ. जबले गाँठि ना खुले तबले रचना ठीक ना हो सकी. उहाँ के रचना के ‘दर्शन’ से अधिका असरदार बतावत कहलीं कि रचना आ संवेदना के आपस में अइसन संबंध होला कि अलग- अलग रहला पर दूनों लउक सकी बाकिर मिल गइला पर ना.

बइठकी में प्रो॰ जनार्दन के विचार रहे कि गलदश्रु-भाव आ विगलित नैतिकता कुछ नया रचले से रोकेले. पुरान आ नया में जवन अधिक सार्थक होखे, ऊहे रचना में आवे के चाहीं.

ई सताइसवीं बइठकी अवधेश शर्मा ‘सेन’ के घरे पादरी बाजार में भइल रहे जहाँ पहिलका सत्र में गीतकार धर्मदेव सिंह ‘आतुर’ के पाँच गीतन के पाठ आ ओह पर श्रीधर मिश्र, सूर्यदेव पाठक ‘पराग’ जी समीक्षा कइले रहीं. श्रीधर जी आतुर जी के गीतन के ध्वनि संप्रेषण में समर्थ आ अपने समय के जाँच-पड़ताल में माहिर रचना बतवलीं. ईहो कहलीं कि समय के शोक, कुण्ठा, शोषण, समाज, पूंजी-बाजार, राजनीति आदि के नया-नया बिम्बन में बान्हि के पारम्परिक रूप-विधान में रचल गइल आतुर के गीत, गीत के आत्मा के साथे छेड़-छाड़ करे वालन के सबको दे रहल बा. समीक्षा-क्रम में पराग जी लयात्मकता, शब्द-विन्यास आ भोजपुरी शब्दन के प्रयोग के दृष्टि से आतुर जी के गीतन के महत्वपूर्ण बतावत छन्दन में व्याप्त कमियन के तरफ इशारो कइलीं.

कथाकार रामनरेश शर्मा जी के लघु कथन से शुरू भइल बइठकी के दुसरका सत्र में अवधेश शर्मा ‘सेन’, आचार्य मुकेश, अरविन्द मिश्र, आचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय, अवध बिहारी पान्डेय, त्रिलोकी त्रिपाठी ‘चंचरीक’, राम समुझ ‘सांवरा’, जगदीश खेतान, राजेश्वर द्विवेदी, ज्योति शंकर पाण्डेय ‘ज्योतिष’ के काव्य पाठ भइल.

डा॰ जगदीश प्रसाद त्रिपाठी, शंकर प्रसाद चौधरी के उपस्थिति आ कुशवाहा हरिनाथ, रवीन्द्र मोहन त्रिपाठी, केशव पाठक ‘सृजन’ के सहयोग से संपन्न एह बइठकी में संचालन सत्यनारायण मिश्र ‘सत्तन’ के रहे.

आखिर में भोजपुरी संगम के शुभेच्छु आ भोजपुरी के अपने बीच के सबसे पुरान सिपाही, पेशा से वकील, भोजपुरी साहित्यकार आ संपादक आचार्य प्रतापादित्य (आचार्य जी साल १९६४-६५ में भोजुरी में दैनिक अखबार निकालत रहीं.) आ लोक कवि रामजियावन दास ‘बावला’ के निधन पर शोक मनावल गइल.


– सत्यनारायण मिश्र ‘सत्तन’ के भेजल रपट

Loading

0 Comments

Submit a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

अँजोरिया के भामाशाह

अगर चाहत बानी कि अँजोरिया जीयत रहे आ मजबूती से खड़ा रह सके त कम से कम 11 रुपिया के सहयोग कर के एकरा के वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराईं. यूपीआई पहचान हवे - भा सहयोग भेजला का बाद आपन एगो फोटो आ परिचय
anjoria@outlook.com
पर भेज दीं. सभकर नाम शामिल रही सूची में बाकिर सबले बड़का पाँच गो भामाशाहन के एहिजा पहिला पन्ना पर जगहा दीहल जाई.
अबहीं ले 13 गो भामाशाहन से कुल मिला के सात हजार तीन सौ अठासी रुपिया (7388/-) के सहयोग मिलल बा. सहजोग राशि आ तारीख का क्रम से पाँच गो सर्वश्रेष्ठ भामाशाह -
(1)
अनुपलब्ध
18 जून 2023
गुमनाम भाई जी,
सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया

(3)

24 जून 2023 दयाशंकर तिवारी जी,
सहयोग राशि - एगारह सौ एक रुपिया
(4)
18 जुलाई 2023
फ्रेंड्स कम्प्यूटर, बलिया
सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया
(7)
19 नवम्बर 2023
पाती प्रकाशन का ओर से, आकांक्षा द्विवेदी, मुम्बई
सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया

(11)
24 अप्रैल 2024
सौरभ पाण्डेय जी
सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया

पूरा सूची
एगो निहोरा बा कि जब सहयोग करीं त ओकर सूचना जरुर दे दीं. एही चलते तीन दिन बाद एकरा के जोड़नी ह जब खाता देखला पर पता चलल ह.

संस्तुति

हेल्थ इन्श्योरेंस करे वाला संस्था बहुते बाड़ी सँ बाकिर स्टार हेल्थ एह मामिला में लाजवाब बा, ई हम अपना निजी अनुभव से बतावतानी. अधिका जानकारी ला स्टार हेल्थ से संपर्क करीं.
शेयर ट्रेडिंग करे वालन खातिर सबले जरुरी साधन चार्ट खातिर ट्रेडिंगव्यू
शेयर में डे ट्रेडिंग करे वालन खातिर सबले बढ़िया ब्रोकर आदित्य बिरला मनी
हर शेेयर ट्रेेडर वणिक हैै - WANIK.IN

Categories

चुटपुटिहा

सुतला मे, जगला में, चेत में, अचेत में। बारी, फुलवारी में, चँवर, कुरखेत में। घूमे जाला कतहीं लवटि आवे सँझिया, चोरवा के मन बसे ककड़ी के खेत में। - संगीत सुभाष के ह्वाट्सअप से


अउरी पढ़ीं
Scroll Up