पोल खोलवाये में ‘इंटरेस्टेड’ लोग

by | Jan 1, 2013 | 0 comments

– जयंती पांडेय

रामचेला जबसे आम आदमी पार्टी चाहे कहीं ‘आप’ में शामिल भइले तबसे बड़ा संकट हो गइल कि कई गो अपरिचित लोग उनका घर के चारु इयोर दिन भर मेड़रात रहत रहे. रामचेला डेरा गइले कि का बात हऽ. ऊ आपन परेशानी बाबा लस्टमानंद से कहले. बाबा जा के देखले सांचो कई गो एकदम अपरिचित लोग चारू इयोर खड़ा बा आ रामचेला के दुअरा के तरफ ताकऽता. पहिले त बाबा डेरा गइले. हिम्मत क के एकर कारण पता लगवले त दोसरे बात रहे. ऊ लोग कुछ नया व्यापारी खास क के बिल्डर रहे आ ऊ लोग चाहत रहे कि रामचेला अरविंद केजरीवाल से सिफारिश करस कि ऊ एह लोग के नांव अपना मिंटिंग में ओसहीं लेस जइसे बड़ा- बड़ा नेता के ले ले. जइसे नेता लोग के पोल खोलेले. जसहीं केजरीवाल ऊ लोग के पोल खोले लें ओसहीं ऊ लोग चर्चा में आ जाला. ऊ लोग के कुछ बिगड़ेला ना लेकिन समाज में चर्चा के कारण बन जाला. केजरीवाल एक तरह से सर्टिफिकेट हउअन. जेकर नांव उचार दिहले ऊ बड़का हैसियत के आदमी हो गइल. अब बिल्डर लोग के ई कहल ह कि जसहीं केजरीवाल नांव उचरिहें ओसहीं ऊ बड़का आदमी हो जाई आ पब्लिक ई मान ली कि उनकर पहुंच ऊपर ले बा. अब पहुंच वाला आदमी से फ्लेट किनला में कवनो हर्जा नइखे. एह से बिजनेस चमक जाई.

सब लोग के ई मान्यता ह कि कवनो घोटालाबाज पर कवनो कार्रवाई त होला ना लेकिन नांव जरूर हो जाला. ऊ बिल्डर एगो ब्रांड के रूप उभर जाई. इहे सोच के बिल्डर लोग रामचेला के लगे आपन प्रतिनिधि भेजे के चाहत रहे आ खुद आपन घोटालन के लिस्टो देवे के तइयार रहे. लेकिन रामचेला ठहरले डेरापूत आदमी. ऊ त ओकनी के देखिये के भया गइले आ जब ई जनले कि मामला का ह त अउरी डेरा गइले कि कहीं बात ऊपर चल गइल त इजतियो चल जाई. एही से फरके रहऽतारे. हालांकि ऊ लोग ई नईखे चाहत कि केजरीवाल आजुए उनकर नांव ले लेस. बादो में लेहला से काम चली काहें कि जवना रफ्तार से केजरीवाल नांव ले तारे त कुछ दिन के बाद नांवों के कटपटी हो जाई. बहुत जल्दी नांव के लिस्ट ओरा जाई आ फेर लगिहें नांव जोहे ओही समय के खातिर हमनी के नांव राख लेस. लेकिन रामचेला हरकल रहऽतारे आ ऊ लोग से फरे- फरके रहऽतारे.


जयंती पांडेय दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में एम.ए. हईं आ कोलकाता, पटना, रांची, भुवनेश्वर से प्रकाशित सन्मार्ग अखबार में भोजपुरी व्यंग्य स्तंभ “लस्टम पस्टम” के नियमित लेखिका हईं. एकरा अलावे कई गो दोसरो पत्र-पत्रिकायन में हिंदी भा अंग्रेजी में आलेख प्रकाशित होत रहेला. बिहार के सिवान जिला के खुदरा गांव के बहू जयंती आजुकाल्हु कोलकाता में रहीलें.

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