सुने में कुछ अजीब लागत बा बाकिर साँच कुछ अइसने बा. .co कोलम्बिया खातिर दिहल सेकन्ड लेवल डोमेन हवे. अचानक एह टीएलडी के स्वामित्व वाली कंपनी के लागल कि डॉट को के फायदा काहे ना उठा लिहल जाव. डॉट को आ डॉट कॉम में फरके कतना बा. बस एगो एम हटा द आ खेल शुरु हो जाई.आजु से पचीस साल पहिले पहिलका डॉट कॉम खुलल रहे आ आजु का दिन करीब साढ़े आठ करोड़ डॉट कॉम रजिस्टर्ड करावल जा चुकल बा. बहुत लोग के मनचाहा डॉट कॉम ना मिलेला त लोग मन मसोस के कुछ दोसर नाम रख लेला. आजु बहुते कंपनी आपन नाम तय करे का पहिले देखल चाहेली कि ओह नाम से डॉट कॉम मिल पाई कि ना.

अन्दाजा लगा लीं कि एह नाम के कतना भाव हो सकेला. एक अनार आ सौ बीमार का हालत में डॉट को के माँग अपना त बनावले जा सकेला कि कंपनी मालामाल हो जाव. नमूना देखे खातिर एगो नाम ई डॉट को के नीलामी कइल गइल त पचीस लाख में ऊ नाम बेचाइल. गनीमत अतने रहल कि जब डॉट को के रजिस्ट्रेशन दुनिया भर के लोग खातिर खोल दिहल गइल त पहिले कुछ दिन ले ओह लोग के मौका दिहल गइल जे अपना ब्रांड नाम के रजिस्ट्रेशन डॉट को में करवावल चाहस. ओकरा बाद एकरा के महँग दाम पर कुछ दिन ले राखल गइल. फेर मौका दिहल गइल ओह लोग के जे अधिका दाम दे के लाइन में आगा खड़ा होखल चाहत रहुवे. हमरा ई बाति बहुते देर से पता चलल बाकिर मौका रहे से हमहू लाइन में लाग गइनी. का पता केहू अँजरिया डॉट को रजिस्टर्ड करवा ले त हमार कुछ पाठक त छीनिये लीहि. दोसरे अतना दिन से भोजपुरी का सेवा में लागल बानी. पहिला बेर त मौका चूक गइनी. अबकी ना चूकब. से अपना मातृभाषा के नामो रजिस्टर्ड करवा लिहनी, भोजपुरी डॉट को http://www.bhojpuri.co नाम अबसे अँजोरिया के दोसर नाम हो गइल बा.

अब काल्हु से सभका खातिर खोल दिहल गइल बा डॉट को. अगर रउरो मन में होखे कि कवनो मनचाहा नाम डॉट को में रजिस्टर्ड करवा लीं त शायद अबहियों मौका बा. नाम मिल सकेला. आजमा के देख लीं. फेर मत कहब कि मौका चूक गइनी.

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