संजोगो रहे, सौभाग्यो रहे. मंच अइसन जहाँ पुरनका साथियन से ले के गुरुजी लोग तक, सभे मौजूद रहे. सभका दिमाग में घुरियात रहे बचपन के इयाद. एक दोसरा में गडमड तस्वीरन का साथ. कुछ शरारत, कुछ सजाय. कुछ खट्टा त कुछ मीठ. मौका रहे बनारस के श्री कमलाकर चौबे आदर्श सेवा विद्यालय इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव के. मंच पर बइठल सिद्धार्थ गौतम आ पंडित श्रीकृष्ण तिवारी का मौजूदगी में विद्यालय के पुरान छात्र मनोज तिवारी “मृदुल” बोलत बोलत भुला गइल रहले अपना बीतल जमाना का इयाद में. आ सोचत रहले कि “केहू लवटा दे हमर बीतल अतीत”. कॉलेज का अँगना में पुरान बरगद के फेंड़ इयाद आवत रहे. आ मनोज तिवारी झड़ी लगा दिहले रहले अपना चर्चित गीतन के. ओह दिन जेही मौजूद रहल ओहिजा सभका याद में एगो अउरी खुशनुमा इयाद जुड़ गइल. ओह दिन के, मनोज तिवारी के गायन के, आ पुरनका इयार दोस्तन का साथ फेर से मिलला जुलला के.


(स्रोत – शशिकांत सिंह)

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कुछ त कहीं...

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