भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करावे के मांग एक बेर फेर बहुते जोर-शोर से उठावल गइल. मौका रहल अंतर्राष्‍ट्रीय माईभासे दिवस मनावे ला इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भोजपुरी समाज दिल्‍ली के बोलावल भोजपुरी हमार माँ – मनन, मंथन और मंतव्‍य नाम के विचार गोष्‍ठी. एहमें दिल्‍ली प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी, सांसद अश्विनी चौबे, सांसद आर. के. सिन्‍हा, वरिष्‍ठ पत्रकार रामबहादुर राय अउर इंडिया न्‍यूज के प्रबंध संपादक यशवंत राणा के मौजूदगी में भोजपुरी के संवैधानिक मान्‍यता का सवाल प खूब चरचा भइल.

भोजपुरी समाज दिल्‍ली के अध्‍यक्ष अजीत दुबे कहलन कि भोजपुरी के मान्यता ला संसद के पटल प अबले पाँच बार आश्वासन मिल चुकल बा आ साल 1969 से ले के अबले 18 गो प्राइवेट मेंबर बिल लोकसभा में पेश हो चुकल बा बाकि मसला जस के तस बा.

सांसद अउर दिल्‍ली प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष मनोज तिवारी कहलन कि ऊ एह मुद्दा प समाज के साथ खड़ा बाड़न आ भोजपुरी के ओकर हक अउर सम्‍मान जरूर मिल के रही.

सांसद आर. के. सिन्‍हा राजस्‍थानी, भोजपुरी आ भोटी भाषावन के संवैधानिक मान्‍यता ला सामूहिक रूप से प्रयास कइला प जोर दिहलन. सांसद अश्विनी चौबे, वरिष्‍ठ पत्रकार रामबहादुर राय आ इंडिया न्‍यूज के प्रबंध संपादक यशवंत राणो भोजपुरी भाषा अउर संस्‍कृति के बात कहत भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल कइला प जोर दिहलें.

कार्यक्रम के दौरान मनोज तिवारी देशभक्ति गीत गा के सुनवलें. संचालन प्रो. संजीव कुमार तिवारी आ धन्‍यवाद ज्ञापन वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष प्रभुनाथ पाण्‍डेय कइलन. समारोह में भोजपुरी समाज के महामंत्री एल. एस. प्रसाद, उपाध्‍यक्ष शिवाकांत मिश्र, लल्‍लन तिवारी, हरेन्‍द्र प्रताप सिंह, प्रदीप पाण्‍डेय, संयोजक विनयमणि त्रिपाठी, मंत्री श्रीकांत विद्यार्थी, सर्वेश तिवारी, संतोष ओझा, कोषाध्‍यक्ष रामनाथ राय, कार्यालय मंत्री देवकान्‍त पाण्‍डेय वगेरह समेत अनेके कवि, लेखक, वकील, अध्‍यापक, समाजसेवी, पत्रकार आ अउरीओ बुद्धिजीवी उपस्थित रहलें.


(हिन्दी में आइल विज्ञप्ति से)

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