भोजपुरी के अस्मिता बचावे खाति बनल “भोजपुरी अस्मिता मंच”

BhojpuriAsmitaManch
18 जुलाई 2015 का दिने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस का कॉफी हाउस में भोजपुरी भाषा के अस्मिता बचावे खाति एगो विचार गोष्ठी भइल. एह बईठक में दिल्ली आउर बिहार के कुछ संगठन के प्रतिनिधि आ बुद्धिजीवी लोग के जुटान भइल आ भोजपुरी के अस्मिता के रक्षा खाति सभे के एक मंच पे आवे के आह्वान करल गइल. कार्यकारी तौर पे अबहीं भोजपुरी भाषा के समर्पित एगो गैर सरकारी संगठन पुरवइया के बैनर तले “भोजपुरी अस्मिता मंच” के गठन कइल गइल आ सर्वसम्मति से संजय ऋतुराज के एह मंच के संयोजक बनावल गइल.

एह बैठक में हालही में प्रकाशित खबर कि भोजपुरी के भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची मे शामिल ना कइल जाई प चर्चा भइल. बईठक में हाई लेवेल के कमिटी जे गृहमंत्रालय के रिपोर्ट भेजले रहे ओकर आ सचिव बी० के० प्रसाद का खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित भइल. बईठक के अध्यक्षता भोजपुरी के समर्पित पत्रिका आखर के प्रतिनिधि शशि रंजन मिश्र कइलें. उनकर कहना रहे कि केंद्र सरकार भोजपुरी भाषा-भासी लोग का साथे वादाखिलाफी करत बिया आ ई हमनी खाति बहुत दुख के बात बा. भोजपुरी के इतिहास गौरवशाली बा आ एकर अधिकार मिले से केहु नइखे रोक सकत.

विचार गोष्ठी के संबोधित करत अखिल भारतीय भोजपुरी लेखक संघ के महासचिव संतोष पटेल कहलन कि आठवीं अनुसूची में शामिल करे खाति सगरी जरूरी मापदण्ड भोजपुरी भाषा पूरा करेले आ एकर उचित हक मिलही के चाहीं. भोजपुरी देश मे अनेक प्रदेशन मे बोलल आ पढ़ावल जाला. भोजपुरी अस्मिता मंच मे शामिल अनेक संगठन के स्वागत बा आ हमनी के एकते हमनी के ताकत बनी.

एही क्रम के आगे बढ़ावत राजीव मिश्र कहलन कि सब संगठन के एकट्ठा होके भोजपुरी के लड़ाई लड़ल जरूरी बा. लोकसभा चुनाव के समय भोजपुरी खाति जे वादा भइल रहे ऊ पूरा होखे के चाहीं.

सत्येन्द्र उपाध्याय के कहना रहे कि भोजपुरी हमनी के मातृभाषा ह आउर हमनी के एकरा खाति तब तक संघर्ष करब जा जब तक एकर उचित हक आ सम्मान मिल नइखे जात.

एही दिशाईं आगा बढ़त जलज कुमार अनुपम कहलन कि आज हरेक भोजपुरिया के एह लड़ाई में शामिल होखे के जरूरत बा आ सभै मातृभाषा के उचित सम्मान दिआवे के दिशा में प्रयास करे.

एह मौका पे सभे प्रतिज्ञा कइल कि सभे तन, मन, धन से भाषा के सेवा करे खाति आ भोजपुरी अस्मिता मंच से प्रतिबद्धता बनाके राखी. उपस्थित सदस्य लोगन के कार्यभारो दियाइल. रवि तिवारी के जनसम्पर्क के जिम्मा दीहल गइल. रवि तिवारी के कहना रहे कि सभे के साथ लावे के बा आ लड़ाई के आगे बढ़ावे के बा.

गोष्ठी के समापन पे भोजपुरी अस्मिता मंच के नया नया बनावल संयोजक संजय ऋतुराज कहलन कि हमनी के प्राथमिकता बा कि सत्ता पक्ष ले आपन आवाज पहुंचावल जाए आ संगठन शक्ति से एहमें सफलता मिली.

एह बैठक के खास बात ई रहल कि ढेर जगह से लोग वीडियो कान्फ्रेंसिंग आ फोनो से जुड़ल रहले जेह में दुबई से नवीन कुमार, छपरा से अभिषेक कुमार, जमशेदपुर से राजेश कुमार आ दिल्ली से देवेन्द्रनाथ तिवारी अउर अजित तिवारी आदि सदस्यन के योगदान रहल. गोष्ठी में राज सिंह, विशाल सिंह, संजीव चौधरी, संतोष कुमार दुबे, उपेन्द्र कुमार दुबे आ मनोज दुबे वगैरह के उपस्थिती रहल.

भोजपुरी अस्मिता मंच, भोजपुरी

Comments 2

  • सेवा में
    प्रधान मंत्री
    हिन्दुश्तान
    द्वारा – भोजपुरिका
    महाशय हम भोजपुरी राश बिहारी गिरी (रवि) के सहायता से रउआ से आपन दुखड़ा सुनावे के चाहत बानी , बुरा लागी त ई समझ के माफ़ कर देम की इ एगो पीड़िता के देख के कारन निकलल ब्यथा हा ,
    हमारा संगे पहिलही धोखा भइल राज्य के बटवारा के नाम पर हमके वो समय यु पि , बिहार , और एम पि , में कर दिआइल अब काम और बिखर गइल बानी झारखण्ड , उत्तरांचल , छत्तीसगढ़ आसीत रूप से हमर पहचान बा ,
    रउआ लॉगिंग के कहनाम बा की हम राज्य भासा के अधिकारी नइखी राउर बात सही बा हम राज्य भासा के लायक हइये नइखी हम टी राष्ठभासा के लायक बानी ,
    राउये देखि जवान भासा लगभग हिन्दुस्थान में हिंदी के बाद सबसे जयादा जगह में बोलल जॉव उ राज्य भासा कैसे हो सके ला उ ता राष्ठभासा के अधिकारी बा , और हम चाहत बानी की रउआ हमर अधिकार दिलाई की हम सम्मान से सर उठाके हिंदुस्तान के बाहर भी हिंदुस्तान के गरिमा बढ़ाई ,
    एमे राउर दोस नइखे हमर संतान तनिको काम लेले ता हमके सौतेली माई लेखन बेवहार करे लगलन , बाकिर हमरा नाम पर आपन दुकान जरूर चमकावेलन , उ सब कपूतन से हमर इहे निवेदन बा की हमारा खातिर सोचसन हम मर जेब ता केकरा नाम पर तोहनी के दुकान चली , जय हिन्द जय भोजपुरी
    रउरा जबाब के इंतजार में
    रउरा देश के एगो अभागा भासा
    भोजपुरी
    द्वारा राश बिहारी गिरी (रवि)

  • हर संस्था के लेखान इहो पारिवारिक संस्थान बन के न नु रह जाइ , ई बिचार हमारा मन में आवत बा कहे की भोजपुरी में कुकुर्मुक्ता लेखान संस्था पैदा हॉट बा और उ बपौती बन के रह जात बा सामाजिक उ कब होइ पता ना , बहुते जोड़ सोर से कवनो सुरुआत होत बा त लगत बा आब्किर भोजपुरी के दिन फिर जाइ बाकिर फिर धक के तीन पात , जानत बानी एकर कारन का बा छोट मुह बर बात माफ़ करेम लोगिन , भोजपुरी रईसन के रखैल हो गइल बिया न ता भरुआ के सहेली , जेकरा लगे पइसा बा उसे कमिटी बनावट बा साथ में दू चार आदमी के बिठोरत बा और आपने नाम पर मोहर लगवा लेता बा आरे भाई भोजपुरी के भला चाहत बानी त भोजपुरी के उ अनपपद्ध के भी जोड़ी जवाना के जिगर में भोजपुरी बेसेला , और उ भरुअन के बिरोध करी जवान गन्दा साहित्य लिखत बा या गावत बा , कुछ गलत लिखे होखे ता माफ़ी मागत बानी

    राउर आपन
    राश बिहारी रवि

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