कहानी.
एगो अइसन आदमी के जेकर महतारी बे बियाहल रहे.
जेकरा के गोद देबे के रहे से एन मौका पर मुकर गइल काहे कि ओकरा लड़की चाहत रहे आ पैदा लड़िका भइल.
बेबिहाअल महतारी के जिद्द रहे कि ओकरे के गोद दिहल जाई जे पढ़ल लिखल होखी बाकिर जे आखिरकार गोद लिहल ऊ ग्रेजुएट ना रहे आ ओकर पति स्कूले के पढ़ाई कइले रहले.
बहुत मान मनौवल का बाद ऊ महतारी तइयार भइल एह शर्त पर एक ना एक दिन ई लड़िका जरूर कॉलेज जाई.
ऊ कॉलेज गइल बाकिर पढ़ाई में ओकर मन ना लगल.
से ऊ ड्रॉप कर गइल आ अपना मर्जी का क्लास मे बइठे लागल.
कबो एह क्लास में त कबो ओह क्लास में.
सुलेख के एगो क्लास ओकरा निमन लागल त कुछ दिन ओह क्लास में रूक गइल. सुलेख माने कैलिग्राफी. ओहिजे सिखलसि कि सुन्दर के अति सुन्दर कइसे लिखल जा सकेला. आनुपातिक दूरी वाला अक्षर कइसे लिखे के चाहीं.
तब ओकरा ई पता ना रहे कि एह सुलेख सीख के ऊ का कर ली.
बाप का गराज में तब आपन कंपनी खोल लिहलसि आ बनावे लागल एगो अइसन उपकरण जवन आगा चल के पूरा दुनिया के बदल के राख दी.
कंपनी चल निकलल आ देखते देखत ओहमें चार हजार कर्मचारी काम करे लगले.
विधि के विडम्बना देखीं कि ओकरा के ओकरे बनावल कंपनी से निकाल फेंकल गइल काहे कि ओकरा ओह आदमी से ना पटल जेकरा के ऊ खुद कंपनी में ले आइल रहे.
बाकिर ऊ टूटल ना.
ऊ आजाद हो गइल रहे फेर से नया कुछ करे के.
आ कइबो कइलसि.
ओकर नयको कंपनी फेर ओतने मशहूर आ फायदेमंद हो गइल.
विधि के विडंबना फेर देखीं कि उहे कंपनी जवन ओकरा के निकाल फेंकले रहुवे ओकर नयका कंपनी खरीद लिहलसि आ ओह आदमी के फेर से आपन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सीईओ, बना लिहलसि.

ऊ आदमी रहले स्टीव जॉब्स. जिनकर आजु मौत हो गइल. स्टीव, जे पूरा दुनिया के पर्सनल कंप्यूटर एपल दिहले, आईपाड दिहले उनुका के विधना एगो अइसन बेमारी दे दिहले रहले जवना के कवनो इलाज आजु ले नइखे निकलल. पैंक्रियाज भा अग्नाशय के कैंसर. हालांकि जब शुरु में पता चलल रहे त जाँच का बाद डॉक्टरन के लागल रहे कि एकर आपरेशन हो सकेला, आपरेशन भइबो कइल आ कुछ दिन ले लागल कि सब कुछ ठीक हो गइल. बाकिर ना ! रोग बाचल रहि गइल रहे आ आखिरकार आजु एह महान आविष्कारक स्टीव जॉब्स के निधन हो गइल.

स्टीव के अँजोरिया परिवार पूरा श्रद्धा का साथ आपन श्रद्धांजलि देत बिया. भगवान उनुका आत्मा के शान्ति देव.

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