छठ गीत, काँच ही बाँस के बहँगिया,


काँच ही बाँस के बहँगिया,
बहँगी लचकति जाय.
बहँगी लचकति जाय.

बात जे पुछेलें बटोहिया
बहँगी केकरा के जाय ?
बहँगी केकरा के जाय ?

तू त आन्हर हउवे रे बटोहिया,
बहँगी छठी माई के जाय.
बहँगी छठी माई के जाय.

काँच ही बाँस के बहँगिया,
बहँगी लचकति जाय.
बहँगी लचकति जाय.

केरवा जे फरेला घवध से
ओह पर सुगा मेंड़राय.
ओह पर सुगा मेंड़राय.

खबरि जनइबो अदित से
सुगा देलें जूठियाय
सुगा देलें जूठियाय.
ऊ जे मरबो रे सुगवा धनुष से
सुगा गिरे मुरझाय.
सुगा गिरे मुरझाय.

केरवा जे फरेला घवध से
ओह पर सुगा मेंड़राय.
ओह पर सुगा मेंड़राय.

पटना के घाट पर नरियर
नरियर किनबे जरूर.
नरियर किनबो जरूर.
हाजीपुर से केरवा मँगाई के
अरघ देबे जरूर.
अरघ देबे जरुर.

आदित मनायेब छठ परबिया
बर मँगबे जरूर.
बर मँगबे जरूर.
पटना के घाट पर नरियर
नरियर किनबे जरूर.
नरियर किनबो जरूर.

पाँच पुतर अन धन लछमी,
लछमी मँगबे जरूर.
लछमी मँगबे जरूर.
पान सुपारी कचवनिया
छठ पूजबे जरूर.
छठ पूजबे जरूर.

हियरा के करबो रे कंचन
वर मँगबे जरूर.
वर मँगबे जरूर.
पाँच पुतर अन धन लछमी,
लछमी मँगबे जरूर.
लछमी मँगबे जरूर.

पुआ पकवान कचवनिया
सूपवा भरबे जरूर.
सूपवा भरबे जरूर.
फर फूल भरबे दउरिया
सेनूरा टिकबे जरूर.
सेनूरा टिकबे जरुर.

उहवें जे बाड़ी छठि मईया
आदित रिझबे जरूर.
आदित रिझबे जरूर.

काँच ही बाँस के बहँगिया,
बहँगी लचकति जाय.
बहँगी लचकति जाय.

बात जे पुछेलें बटोहिया
बहँगी केकरा के जाय ?
बहँगी केकरा के जाय ?

तू त आन्हर हउवे रे बटोहिया,
बहँगी छठी माई के जाय.
बहँगी छठी माई के जाय.


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1 Comment

  1. ओ.पी .अमृतांशु के तरफ से देवी जी ,अंजोरिया परिवार आ छठ पर्व मनावे वाला सब लोगन के छठ के बहुत -बहुत बधाई बा .’अंजोरिया’ के माध्धयम से देवी जी के एगो सन्देश बा की हम देवी जी के बहुत याद करत बानी.
    गीतकार
    ओ.पी .अमृतांशु
    ९०१३६६०९९५

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