पिछला दिने कोलकाता में विश्व भोजपुरी उत्थान कल्याण समाज आ राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोशिएशन कलामंदिर आडिटोरियम में भिखारी ठाकुर फेस्टिवल मनवलसि जवना में समाज के विशिष्ट प्रतिभावाला लोगन के सम्मानित कइल गइल. एह सम्मानित होखे वालन में हंस के कार्यकारी संपादक संजीव, ऋषिकेश सुलभ, भोजपुरी गायिका कल्पना, साहित्यकार तैयब हुसैन पीड़ित, भाई भोजपुरिया बी.एन. तिवारी आ साहित्यकार मनोज भावुक शामिल रहले. एह लोगन के शाल, श्रीफल आ स्मृति चिन्ह देके ‘‘भिखारी ठाकुर सम्मान‘‘ से अलंकृत कइल गइल.

हंस के कार्यकारी संपादक संजीव भिखारी ठाकुर पर आधारित बहुचर्चित उपन्यास ‘‘सूत्रधार‘‘ के रचना कइले बाड़न. तैयब हुसैन पीड़ित गहन शोध करके भिखारी ठाकुर पर मोनोग्राफ लिखले बाड़न. बटोही के लेखक ऋषिकेश ‘‘सुलभ” भिखारी ठाकुर के नाट्य शैली के आधुनिक हिन्दी नाटकन में इस्तेमाल कइले बाड़न. अमली, मृच्छ कटीकम अउर मैला आँचल के भिखारी शैली में नाट्य रूपांतरण इनकर महत्वपूर्ण काम बावे. बी.एन तिवारी उर्फ़ भाई जी भोजपुरिया अपना संस्था अखिल विश्व भोजपुरी समाज मंच का माध्यम से भिखारी ठाकुर के नाटकन के महानगरन आ सूदूर देहातन में दर्जनों बार मंचन करवले बाड़न.

पेरिस, यूनेस्को के बिहार केंद्र बिहार आर्ट थियेटर, कालिदास रंगालय, पटना द्वारा संचालित द्विवर्षीय नाट्यकला डिप्लोमा के टॉपर कवि-रंगकर्मी मनोज भावुक आज से पनरहियन साल पहिले भोजपुरी नाटकन के छितराइल इतिहास आ भिखारी ठाकुर के नाटकन के समाज पर प्रभाव के अपना सारगर्भित शोध आलेख भोजपुरी नाटक के संसार में समेटे के सफल कोशिश कइले बाड़न जवना के भोजपुरी अकादमी पत्रिका, भोजपुरी निबंधमाला आ भोजपुरी रंगमंच के एकमात्र पत्रिका विभोर में संकलित कइल गइल बा आ पाठ्यक्रमो में शामिल कइल गइल बा, मनोज भावुक मास्टर गनेसी राम, कलाकार आ आचार्य पाण्डेय कपिल द्वारा लिखित महेन्द्र मिसिर पर केन्द्रित बहुचर्चित उपन्यास फूलसूंघी आदि के भिखारी शैली में प्रस्तुतिकरण हेतु गीत लेखन आ निर्देशनो कइले बाड़े.

मशहूर भोजपुरी सिंगर कल्पना पटवारी के गावल आ टाइम्स म्यूजिक द्वारा रिलीज हो रहल अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ‘‘द लिगेसी आफ भिखारी ठाकुर‘‘ अबही ले अभिजात्य वर्ग का पहुँच से दूर रहल भोजपुरी संस्कृति के बड़का मॉलन में पहुँचाकर ओह लोग के अपना करीब ले आवे के सफल प्रयास बा, भिखारी ठाकुर जइसन रचनाकार के नवही पीढ़ी का सोझा सही तरीका से परोसल आजु के समय के जरुरत बा आ कल्पाना एकरा के बखूबी निबाहे जा रहल बाड़ी.

कार्यक्रम में भिखारी ठाकुर के नाट्यप्रतिभा आ उनुका साहित्य पर चर्चा के बाद कल्पना के गावल भिखारी ठाकुर के गीतों समारोह में शामिल लोग के भरपूर आनन्द दिहलसि. देर रात तक चलनल एह कार्यक्रम में कल्पना का अलावा प्रतिभा सिंह, सुरेश आनंद आ इन्द्राणी सिंहो आपन प्रस्तुति दिहल लोग. कार्यक्रम के संचालन मनोज भावुक कइले.

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