एक त चोरी ओह पर से सीनाजोरी. पिछला दिने कुछ कुछ अइसने वाकया देखे के मिलल जब बरियार चोर सेन्हे पर बिरहा गावे लगले. आ पहरेदार बेचारा सीटी बजावल छोड़ कुछ ना कर सकत रहे. अब चोर का बारे में थोड़ देर बाद. पहिले सेन्ह का बारे में बतिया लिहल जाव. सेन्ह सेन्हा सिन्होरा सिन्होरिया. सेन्ह लिखते ई चार गो शब्द माथा में घूम गइल. सेन्ह ऊ होला जवन चोर बनावेला घर में घुसे खातिर. शायद सेन्हा नमक के नाम एहिसे सेन्हा पड़ल होखी कि ओकरा के पत्थर काट के निकालल जाला. माने कि पत्थर में सेन्ह मार के. सिन्होरा त हर सौभाग्यवती औरत का लगे होला जवना में ऊ आपन सेनुर राखेले. हालांकि सिन्होरिया ओकरा के कहल जाला जे देखे में त खूबसूरत लउको बाकिर गुणहीन होखे. एगो सिन्होरिया आम होला जवन देखे में त बहुते नीक लागेला बाकिर स्वाद का नाम पर कुछ ना रहे ओकरा में. एहु चुनाव में बहुते नेता अइसने सिन्होरिया लउकत बाड़े. बाकिर उनुका के चुन लिहला का बाद जनता का हाथे पछताइल छोड़ दोसर कुछ ना लागी. अइसने सिन्होरिया नेता चुनाव का दौरान सभका राय से बनावल एगो नियम कायदा जवना के आचार संहिता कहल जाला के जानबूझ के तूड़त रहेले. बाद में हालांकि माफी माँग लेबेलन . अलग बाति बा कि तबले उनुकर मकसद पूरा हो चुकल रहेला. अब ऊ त नियम तूड़ आपन काम कर गुजरल. हल्ला करे वाला हल्ला करत रहसु. साँप त निकल गइल रउरा लकीर पीटत रहीं. ओहसे ओकरा का. चुनाव का दौरान बहुते तरह के खेल देखे के मिलेला अगर आदमी आपन आँखि खोलले राखो. दोसरा के चोर गुण्डा कहे वाला अपना ओर ना देखे कि लोग ओकरा बारे में का कहत बा. आ जनता बिया कि बुड़बक मरले अनेरे फिकिरे. ऊ दोसरे का चिंता में अपने गलत घुलत जाला. अब एहिजा गले वाला गलत आ गलती वाला गलत का बीच मामिला अझूरात देखि के गलत का साथे घुलत जोड़ दिहनी कि रउरा सभे के कवनो गलतफहमी मत हो जाव. फहमी गलतो होला आ बेकारो होला. बेकार फहमी के खुशफहमी कह दिहल जाला. जइसे कि जबले मतगणना के रिपोर्ट ना आ जाव तबले हर नेता आ पार्टी एही खुशफहमी में जियेला कि ऊ जीतत बावे. अब सोचीं कि एह तरह के गलतफहमी के गलतफहमी काहे ना कहल जाला खुशफहमी काहे कहल जाला. त बतावल चाहत बानी कि ई खुशफहमी एहसे कहल जाला कि ओह नेता के अइसन कवनो गलतफहमी नइखे कि ऊ जीते जात बा. ऊ त जानत बा कि बक्सा से कवन परिणाम निकले वाला बा बाकिर अपना खुशफहमी से ऊ अपना समर्थकन के गलतफहमी में डलले राखेला. कि जबले परिणाम नइखे निकल जात तबले तगादा वाला तगादा मत मारसु. जीत गइनी त फेर के माँगे आवत बा आ हार गइनी त देब कहाँ से ? अबहीं करीब दू हफ्ता बा एह खुशफहमी में जिये खातिर. ओकरा बाद त केहु अबीरे खेली केहु गोबरे पानी !

कुछ त कहीं...

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