– अभयकृष्ण त्रिपाठी

कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला.
भोजपुरिया बानी हमरा भोजपुरिये भावेला,

अंगिका, वज्जिका, मगही मैथिलि सब हमरे नगीना बा,
भोजपुरी जइसन मिश्री बोलला में नाही कवनो दाम बा,
भोजपुरिया के सफ़र शुरू भी भोजपुरिये से होखी,
कोस कोस पर बोली बदली पर माई त भोजपुरिये होखी,
जमीन के टुकड़ा हो गइल पर बोली सब उहे गावेला,
कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला.

शिक्षा के भंडार में देखीं चाणक्यन के लाइन लगल बा,
आपन चमक लुटावे खातिर सबका में पुरुषार्थ जगल बा,
एकर आन मिटावे खातिर आ जाये चाहे केतनो रावण,
कबहूँ ना मिटी हुंकार जगत में बाटे धरती एतना पावन,
जे इंहा जेतना देबेला ऊ एकरा से ओतने पावेला.
कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला.

कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला.
भोजपुरिया बानी हमरा भोजपुरिये भावेला,

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