मोदियात दुनिया का बीच भगले त गइले बेटा : बाति के बतंगड़ – 13

– ओ. पी. सिंह

अबकिओ के दिवाली में पर्यावरण आ पशु प्रेमी होखे के दिखावा करे वाला लोगन के प्रवचन जम के भउवे आ करीब करीब ओतने जम के एह लोगन के विरोधो भउवे. मीडिया के तम्बू में आपन बम्बू घुसवले सोशल मीडिया आपन बातो कहलसि आ पटाखा के विरोध करे वालन के मजाको उड़वलसि. सोशल मीडिया के ताकत टीवी मीडिया पर निकहा अंकुसा लगा दिहले बावे. आ चैनलन के दादागिरी खतम हो गइल बा. उनका हर झूठ के काट पलक झपकते सोशल मीडिया पर पसरे लागत बा.
याद आवत बा एगो पुरान चुटकुला. दूरदर्शन के शुरुआती समय में कैदियन के साँझ बेरा दू घंटा दूरदर्शन देखावल जाव. बाद में कैदियन से पूछल गइल कि कइसन लागत बा त कहले सँ कि इहो त सजाये के हिस्सा हऽ, सहहीं के पड़ी ! बाद में प्राइवेट टीवी चैनलन के शुरुआत भइल त हर तरह के मनोरंजन देखे के मिले लागल. लोग एह तरफ अइसन लपकल कि दूरदर्शन देखे वाला उहे लोग बाच गइल जेकरा लगे केबुल कनेक्शन ना रहल. एह लोकप्रियता का माहौल में मीडिया चैनल वाले बेताज बादशाह बल गइलें. हर खबर के तूड़ मरोड़ के देश में अइसन माहौल बनावे लगले कि हिन्दू कहे में लाज लागे लागो हिन्दूवन के. हिन्दुत्व पर होखत एह हमला का पाछा रहलन एह चैनलन के विदेशी मालिकान आ देश में राजनीतिक गोलन के देशी-विदेशी मुखिया-मुखियाइन. देश के बहुसंख्यक जमात का बीचे बिखराव अतना बढ़ा दीहल गइल कि उनकर हैसियत कवनो माइनरिटिओ से बदतर हो गइल. देश में एगो अइसन वोट बैंक बना दीहल गइल जवना के लुभावे खाति पूजा-हवन-विसर्जन आ लाश जरावलो पर तरह तरह के बंदिश लगावे लगलीं सँ हिन्दू विरोधी सरकार.
कहल जाला कि हर अति के अंत होला. आ जब एह अति का खिलाफ बैकलैश भइल त ई लोग अचकचा गइल. मोदी का पीछे बहुते लोग एही अनेत का चलते बिटोरा आइल. आ जब से मोदी सरकार बनल तब से हालात अतना बदल गइल कि राष्ट्रसंघ योग दिवस मनावे लागल आ एह साल पहिला बेर दिवालियो मनावल गइल ओकरा मुख्यालय में. अमरीका के राष्ट्रपति अपना सरकारी आवास पर दिवाली मनवले, डाक विभाग दिवाली पर टिकट निकलसि. इंगलैण्ड आ अब अमेरिका में होखत चुनाव में हिन्दुवन के रिझावल जात बा. मोदियात दुनिया का बीच हिन्दुस्तानो के मन मिजाज बदले लागल बा. दुश्मन के ढेला के जवाब ढेला से दिआए लागल बा.
बाकिर एह सर्जिकल स्ट्राइकन से हिन्दुस्तान में रहे वाला देशहित-विरोधियन के करेजा पर साँप लोटे लागल बा. घुस के मरलऽ त कइसे घुसलऽ तवन बतावऽ. जेल से भागल अपराधियन के मार गिरवलऽ त काहे मरलऽ. कइसे भगवलऽ ? एगो खास वोट बैंक का चलते कांग्रेस खुलेआम अइसन करे लागल बिया कि दमड़ी के चाम गइल कुकुर के जाति चिन्हा गइल वाला कहाउत सोझा आ गइल बा. बेटी पतोहु के उमर वाला आ दोसरा के बीबी के आपन बना लेबे वाला एगो आशिक बुढ़वा एह बदजुबानी में सबले आगा बा. आ अपना बहिन के बीबी बतावत फर्जी कागजातन का सहारे ओकर संपलि हड़प लेबे वाला के बेटवो एह काम में पीछे नइखे रहत.
अपना मीटिंग में एगो नशेड़ी के किसान बता के ओकरा के फाँसी लगावे खाति उसुका के मोदी के किसान विरोधी देखावे के कोशिश करे वाला गोल अबकि एगो रिटायर्ड सैनिक के जहर खियवा दिहलसि आ आनन फानन में शुरू हो गइल एकरा बहाने मोदी सरकार के सैनिक विरोधी बतावे के राजनीतिक कोशिश. आ सबले बेहयाई देखावत कांग्रेस के बबुओ अब अपना के सेना प्रेमी देखावल चाहत बाड़े. उनुका लागत बा कि सैनिक अतना बुड़बक होलें कि भुला जइहें कि कांग्रेसे सरकार एक रैंक एक पेंशन के मसला चालीस बरीस ले लटकवले रखलसि.
चलत चलत सोशल मीडिया से एगो चुटकुला देख लीं.
बिल्डिंग से बहरा लइका सब बम पटाखा छोड़त रहले सँ. एही बीच एगो आंटी जी पार करे लगली त लइका चिल्लाए लगले सँ – आंटी जी पटाखा ! आंटी जी पटाखा ! आंटी जी मुसुकी मारत कहली कि – ना रे पगला, अब ऊ बाति नइखे !
देश के माहौल के अनदेखी करत देशविरोधियनो के इहे हाल बा. एहनी के बुझात नइखे कि देश खटिया बिछावत बा कि खड़ा करत बा. गनीमत इहे बा कि जबले बूझ पइहें तबले देरी हो गइल रही.

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