लहकउवा नेता के घिनाह चेहरा : बतंगड़ – 81


– ओ. पी. सिंह
लोकतन्त्र, डेमोक्रेसी, में लोक-लाज ना रहि जाव त ओकरा दैत्यतन्त्र, डेमॉनक्रेसी, बने में देर ना लागे. एहघरी देश के विरोधी गोलन के हरकत देखि के त इहे लागत बा कि अगर एहनी के वश चले त दैत्यतन्त्र हावी होखे में देर ना लागी. संजोग से अबहीं लोकतन्त्र अतना कमजोर नइखे पड़ल कि ओकरा पर दैत्यतन्त्र हावी हो जाव बाकिर एकरा ला जरुरी बा कि लोक सावधान रहो आ देश के विरोधी गोलन के लजवावत रहो.
बहुत दिन से बतकुच्चन करे के मौका नइखे मिलल काहे कि जवना अखबार ला बतकुच्चन लिखत रहीं ऊ हमरा से कहलसि कि कवनो एकही अखबार चुन लीं. दुनु अखबार में लिखब त एहिजा छपल संभव ना हो जाई. हम ओही समय कह दिहनी कि चलीं आजु से रउरा ला लिखल बंद. काहे कि दिक्कत रउरा ला बा, हमरा ला ना. रउरा सभे जे बतकुच्चन पढ़ले होखब त ओकरा शैली में आ एह बतंगड़ के शैली में बहुते फरक लउकत होखी. बतकुच्चन में हमार जोर भाषा पर रहत रहुवे जबकि बतंगड़ के धेयान समाज आ राजनीति पर गड़ल रहेला. बाकिर आजु के बतंगड़ के भूमिका बनावेला थोड़िका बचकुच्चनो कइल जरुरी लागत बा.
देश के राजनीतिक हालात में सोशल मीडिया तरह तरह के मुहावरा आ नाम उछालत रहेला. केहू केहु के पप्पू कह के बोलावेला त पप्पू के गोल दोसरा गोल के नेता के फेंकू नाम दे देला. आजु हम एगो नया नाम उछालल चाहत बानि लहकउवा. फेंकू फेंकेला. तरह तरह के जुमला. बाकिर एह फेंकला से ना त देश के नुकसान होला, ना समाज के. उलुटे ई फेंकलका देश के उत्साह बढ़ावे के, ओकरा मन में एगो नया आस जगावे के काम करेला. एह तरह से देखीं-सोचीं त फेंकू होखल कवनो खराब बाति ना होखे. बहुते लोग अपना बेटा के दुलार में पप्पू नाम दे देला. बाकिर एह घरी जइसे एक गोल दोसरा गोल के समर्थकन के भक्त नाम दे के भक्त शब्द के इस्तेमाल एक तरह से गाली का रूप में करेला, ओही तरह अब केहु के पप्पू कहल ओकरा का गरियवला रिगवला जइसन हो गइल बा.
ई त रहल फेंकू आ पप्पू के बाति. अब आवल जाव लहकउवा पर. हमरा हिसाब से ई नाम दू गो नेता पर शोभ सकेला. एगो त पप्पू महान आ दोसरका पलटूमास्टर. पप्पू के जब आपन भविष्य अन्हार लउकत बा त ऊ लहकउवा झूठ बोले पर आ गइल बाड़ें. हालही में एकर नमूना देखे के मिलल जब ऊ अपना भाषण में खुलेआम झूठ बोलत कहलन कि अदालत एससी एसटी एक्ट के खतम कर दिहलसि बाकिर मौदी सरकार चुप्पी सधले बिया. ई बाति बोलला का पाछा पप्पू के मनसा इहे रहुवे कि एससी एसटी वालन के लहका के देश में आगि लगा दीहल जाव. उनुका देश के जरला के फिकिर ना भइल. ऊ त हर हात में चाहत बाड़न कि हिन्दुवन के एका टूटो आ सरकार के गद्दी उनुका चूतड़ तर चलि आवो, उनुका इहो बढ़िया से मालूम बा कि ऊ अपने नइखन बइठे वाला, इहे बहुत होखी के जे बइठो से उनुका काबू में रहो.
पलटू मास्टर चाराचोर से दिमाग ले के जवन राशन घोटाला कइले बाड़न ओकरा आँच से अब उनुका डर लागे लागल बा. जेल जाए का डर से पिछला दिने ई जहें तहें आपन थूकल खोज खोज के चाटत गइलन बाकिर राशन चार वाला तमगा अब उनुका पर अइसन सटे जा रहल बा जइसे चाराचोर पर चारा चोर के तमगा सटि गइल बा. एही फिकिरे ऊ अपना एगो मुसलमान विधायक से अइसन विधेयक पेश करवा दिहलें जवना से समाज के लहके के पूरा उमेद रहल. हिन्दू बहुतायत वाला एह देश में हिन्दूवन पर चोट करेला कईएक मोर्चा एके साथ खोल दीहल गइल बा. एक तरफ त हिन्दुवन के तरह तरह के जाति में बाँटे के कोशिश कइल जा रहल बा त दोसरा तरफ हिन्दू के हर परम्परा के मेटावे के साजिश रचात बा. तजिया के जुलूस से देश के विरोधियन के कवनो दिक्कत ना होखे बाकिर महाबीरी झंडा आ रामनवमी के जुलूस रोके के हर संभव कोशिश हो रहल बा.
अब ई हिन्दू समाज पर बा कि ऊ समुझो कि ओकरा खिलाफ कतना बड़ साजिश रचात बा आ एह लहकउवा नेतवन से सम्हरि के रहला के जरुरत बा.भईया के हरा दीहल लोग त दिदिया तोहरा कामे ना अइहें. हँ लाश जरावल छोड़वा के गड़वावल जरुर शुरु हो जाई.

Advertisements