अब त चिरईओ ना बोले

by | Mar 22, 2013 | 0 comments

KamleshRai

– डा॰ कमलेश राय

सबरे भोरे अब त चिरईओ ना बोले.
अब त चिरईओ ना बोले सबेर भोरे.

सगरो बिछल अस कारी रइनिया
सकुचि सकुचि उगे सुरुज किरिनिया
फुलवा पँखुरओ ना खोले,
सबेरे भोरे अब त चिरईओ ना बोले.

उजरि गइल सब महुआबारी,
निबियो ना लउकेले बाबा दुआरी.
पिपरा पतइओ ना डोले,
सबेरे भोरे अब त चिरईओ ना बोले.

अब ना सनेसवा पठावे कहीं बदरा,
हरफ हरफ ना ढरे कहीं कजरा,
सुधिया मिसिरओ ना बोले,
सबेरे भोरे अब त चिरईओ ना बोले.

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(1)
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(3)

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(4)
18 जुलाई 2023
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(7)
19 नवम्बर 2023
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सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया

(11)
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सहयोग राशि - एगारह सौ रुपिया

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सुतला मे, जगला में, चेत में, अचेत में। बारी, फुलवारी में, चँवर, कुरखेत में। घूमे जाला कतहीं लवटि आवे सँझिया, चोरवा के मन बसे ककड़ी के खेत में। - संगीत सुभाष के ह्वाट्सअप से


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