Month: मई 2021

अनिल ओझा ‘नीरद’ के दू गो गीत

अनिल ओझा ‘नीरद’ (एक) दोसर का बूझी इहवाँ, दोसरा के बेमारी?ऊ त बूझऽतारी चीलम, जेह पर चढ़ल बा अँगारी।। देशवा के देखऽ अपना, आजु इहे हाल बा।नेता लोग का करनी…

त हम का करीं

आचार्य अंबिका दत्त त्रिपाठी ‘व्यास’ हम जनम भर केहू के मनावत रहीं,केहू माने न माने त हम का करीं,आसरा में उमरिया बितावत रहीं,केहू जाने न जाने त हम का करीं.…

कथा भर औकात – (पुरातन अन्दाज में एगो नया कहानी)

प्रकाश उदय एगो कवना दो देश में, एगो राजा रहन. रजवा के सात गो रानी रही. सातो रनियन से एकए गो लइका रहे. जवना रानी से पुछाय तवन बतावे कि…