दिल्ली के संसद मार्ग पर होई भोजपुरिया जुटान

भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर पूर्वांचल एकता मंच, भोजपुरी जन जागरण अभियान, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, अखिल भारतीय भोजपुरी लेखक संघ आ रंगश्री के संयुक्त तत्वावधान में 7अगस्त, 2018 दिन मंगलवार के विशाल धरना प्रदर्शन के आयोजन दिल्ली के संसद मार्ग पर कइल जा रहल बा.

जाने जोग बा कि संविधान के आठवीं अनुसूची में भोजपुरी भाषा के शामिल करावे खातिर लगातार प्रयास कइल जा रहल बा. भोजपुरी भाषा के बोलनिहारन के संख्या दुनिया में 25 करोड़ से उपर बा. भोजपुरी भाषा खाली भारत के बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, छतीसगढ़ आदि राज्यने में ना बलुक भारत के बाहरो करीब चौदह गो देशन में बोलल जाला. एतना समृद्धशाली भाषा के देश के बाहर कई देशन में संवैधानिक मान्यता मिलल बा. बाकिर ई दुख के बात बा कि भोजपुरी अपने देश में अपने लोगन के बीच आपन हक नइखे ले पावत. पिछला लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री का साथे-साथ बिहार के कई एक सांसद आ केन्द्र में मंत्री रविशंकर प्रसाद, सुशील कुमार मोदी समेत कई गो नेता लोग ई वादा कइले रहन कि भाजपा के सरकार बनी त भोजपुरी संविधान में शामिल होई. बाकिर सरकार बनला अब चार साल हो गइल तबो ई सरकार भोजपुरी खातिर आपन मनसा साफ नइखे बता पावत. एहिके लेके अबकी संयुक्त रूप से ई सभे संस्था कमर कस लिहले बाड़ी सँ कि अबकी आर-पार के लड़ाई लड़ीहें भोजपुरी भाषा-भाषी.

भोजपुरी जन जागरण अभियान के संयोजक सह झारखंड प्रभारी राजेश भोजपुरिया सभे भोजपुरी संस्थन,भोजपुरी प्रेमी, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी, गायक, कलाकार, रंगकर्मी, राजनेता, आ भोजपुरी से जुड़ल सभे लोगन से एह धरना प्रदर्शन में शामिल होखे खातिर अपील कइले बाड़न.

ह विशाल धरना में छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड का अलावे दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, असम आ देश के कई एक भोजपुरी इलाकन से भोजपुरी भाषा-भाषी आ प्रतिनिधि शामिल होइहें. भोजपुरी भाषा के सम्मान आ आपन हक खातिर भोजपुरी भाषा-भाषियन के बड़हन जुटान में रउरा सभे से सहजोग के आशा कइल जात बा.

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