भोजपुरी माटी की सुगन्ध लिहले एगो सुथरी फिल्म लाट साहब

बहुत दिन बाद एगो साफ सुथर फिल्म नजर आइल बा जवना के पूरा परिवार साथे बइठ के देखल जा सकेला. कवनो युवा आन्दोलनकारी का तरह निर्माता रामकृष्ण कुमार भोजपुरी फिल्मन से अश्लीलता आ गलत परंपरा बदल देबे के जिद्द ठनले ई फिल्म बनवले बाड़न. आजुकाल्ह के भोजपुरी फिल्मन क चाल से उल्टा चलत नवही निर्माता रामकृष्ण कुमार के फिल्म लाट साहब में ना त अश्लील दृश्य बा, ना दुअर्थी संवाद. बिल्कुल गँवई पृष्ठभूमि में बनल एह फिल्म के पूरा परिवार एक साथे बइठ के देख सकेला. दोसरा फिल्मन के भेड़चाल के अनदेखी करत निर्माता रामकृष्ण के जिद्द रहुवे कि एह फिल्म में कवनो आयटम सांग ना डालल जाई आ अन्त तक ऊ अपना फैसला पर अडिग रहलन. फिल्म के रसेज देख के लागत बा कि दर्शको एकरा के पसन्द करीहें.


फिल्म के नायक एगो मध्यवर्गीय यादव परिवार के लाडला मनोहर, राजीव सिंह दिनकर, हवे जेकरा के लोग प्यार से मन्नू कहेला. मन्नू एगो निडर, दिलेर, हिम्मतवाला, बाकिर शरारती युवक हवे जवन अपना शरारती आदतन का वजूद गलत काम से दूर रहेला. फिल्म में ग्रामीण जीवन के यथार्थ के बखूबी दिखलावल गइल बा. कहीं कवनो बनावटीपन नइखे झलकत. ई नइखे लागत कि फिल्म में देखावल जा रहल गाँव कवनो शहर का स्टूडियो में बनावल कवनो सेट ह. फिल्म के चरित्रो आम गँवई जन हउवें जे हमनी का अपना अगल बगल हमेशा मिल जइहें. गाँव के आपसी भाईचाररा का साथसाथ गँवई अक्खड़पनो बहुत बढ़िया ढंग से दिखलावल गइल बा.

फिल्म लाट साहब के कहानी एगो संवेदनशील मुद्दा के बहुते सहज भाव से फिल्मांकित कइले बा जवना में अलग अलग धर्म कें नायक मनोहर, नायिका शबाना (रुबी सिंह) प्रेमपाश में बँध जात बाड़ें आ तमाम वर्जना, विरोध, मनाही का बावजूद अपना प्यार पर अडिग रहत बाड़े. फिल्म के कहानी एह मुद्दा से कइसे निबटत बा ओकरा के जाने खातिर त रउरा फिल्म देखहीं के पड़ी. निर्देशक आयुष प्रसाद चन्द्रवंशी बहुत बढ़िया काम कइले बाड़े आ एगो स्वाभाविक सहज कहानी के बहुते खूबसूरती से फिल्मवले बाड़ें. .

लाट साहब के सगरी गाना बहुते बढ़िया लिखल गइल बा जवन लोग का जुबान पर आसानी से चढ़ जइहें आ पूरा परिवार एह गानन के आनन्द उठा सकी एकर पक्का भरोसा बा. एह सुमधुर गीतन का साथ संगीतकार अशोक कुमार दीप बेहतर न्याय कइले बाड़े. फिल्म में रोमांस बा त ट्रेजडीओ बा. , सहज कॉमेडी बा त स्वाभाविक दिखत फाइटो सीन.

निर्माता रामकृष्ण कुमार बिहार के पटना के रहे वाला हउवन आ ई उनकर पहिलका फिल्म ह. एकर अधिकतर शूटिंग हाजीपुर आ अगल बगल के इलाकन में भइल बा. रामकृष्ण कुमार भोजपुरी फिल्मन के मौजूदा रीति रिवाजन के बदले के बीड़ा उठवले बाड़े आ बहुत हद तक ऊ एहमें सफल बुझात बाड़े. फिल्म के ऊ खुदे रिलीजो करीहें. फिल्म जल्दिये बिहार में रिलीज होखे वाली बा. भोजपुरी के ई शायद पहिलका फिल्म ह जवना के आपन वेबसाइट बा जहवाँ विजिटर्स फिल्म के ट्रेलर, कथा, कलाकार, फिल्मकार वगैरह का बारे में अधिकतम जानकारी ले सकेलें. वेबसाइट निर्माण का प्रक्रिया में बा बाकिर अभहियें बहुते कुछ उपलब्ध करा दिहल गइल बा.

फिल्म के मुख्य कलाकारन में राजीव दिनकर, रुबी सिंह, प्रिया शर्मा, अवधेश कुमार, विजया सिंह, अनुज तिवारी, संजय वर्मा, रोहित मटरू, कमलेश सिंह, संगीता सिन्हा, आ विनोद मिश्रा शामिल बाड़े. पटकथा शशि रंजन द्विवेदी के ह आ नृत्य निर्देशन ज्ञान सिंह क. फाइट मास्टर मंगल फौजी. संपादन अशोक श्रीवास्तव कइले बाड़ें आ लवकुश भगत सह निर्माता हउवें. छायांकन अशोक शर्मा के आ कला कार्तिक विधाते के बा. मुख्य सहनिर्देशक सावन वर्मा हउवें.


(स्रोत : लाटसाहब.कॉम)

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