मन के अंकगणित

मन के अंकगणित

– मीनाधर पाठक का जाने काहें रतिया देर से नींद पड़ल. ऊहो पतोहा, माने सिद्धि कऽ पुकार पर. हम आपन दूनू हथेली रगड़ि के आँखि पर लगवनी आ तकिया लग से आपन मोबाइल उठा के देखनी त आठ बजत रहे. जँगला से आवत अंजोर से कमरा भरल रहे. धरती माई के गोड़ लागि के हम बिछौना से उतर के...
कथा भर औकात – (पुरातन अन्दाज में एगो नया कहानी)

कथा भर औकात – (पुरातन अन्दाज में एगो नया कहानी)

प्रकाश उदय एगो कवना दो देश में, एगो राजा रहन. रजवा के सात गो रानी रही. सातो रनियन से एकए गो लइका रहे. जवना रानी से पुछाय तवन बतावे कि हमरा एगो राजकुँवर, रजवा बिना पुछले बतावे कि हमरा सात गो. आ एगो कवना दो दोसरा देश में, एगो रानी रही. रनिया के सात गो राजा रहन. सातो...
सुद्ध-असुद्ध

सुद्ध-असुद्ध

(स्व0) शिव प्रसाद सिंह चइत क रात गाँवे में जब उतरेले एगो नसा जइसन पसर जाला सगरी ओर। सुबह होखे के घंटा भर पहिले हवा में गुलाबी सर्दी होला आ देह में अइसन सिहरन कि लागेला कि आजु के रात भाँग छानि के सूतल रहल ह लोग-बाग। कहाउत हव कि सारा जाड़ा एक कम्बल से कट जाला बाकिर चइत...
गुदगुदी में लोर

गुदगुदी में लोर

आशारानी लाल अबहिंए सोझा एतना न परछाई रेंगत रहीसन कि ना बुझाय कि कवना के ढेर निहारीं आ कवना के कम। मन अउँजिया गइल रहे। देखलीं कि कुल परछाइँयन बिचे तऽ हमहीं खड़ा बानीं, ई कुल तऽ अपने बाड़ीसऽ, साथे-साथे ओमें जे लोगवो लउकता- ऊहो अपने बा। लगलीं निहारे। असल में बात ई रहे कि...
सदमा

सदमा

कृष्णानन्द कृष्ण रिटायर्ड़ भइला का बादो दीनदयाल जी के दिनचर्या में कवनो बदलाव ना आइल रहे. उहे पूजा-पाठ, सध्या-वन्दन आ खाली समय में कवनो ना कवनो विद्यार्शी के विद्यादान. उनकर इ मान्यता रहे कि दुनिया में सबसे उत्तम दान विद्यादान होला. आदमी के जीवन में इहे एगो चीज बा जवन...
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