– पाण्डेय हरिराम

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आ बंगलादेश में ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस बहुते बड़हन पाखंडी, छली, आ खूनचूसवा सूदखोर त हइये हऽ भारत में आतंकी गतिविधि खातिर हूजी आ अलकायदा के फंडिंग करे के आरोपो बा उनुका पर. शुक का दिने भारत आ बांगला देश का बीच होखे वाला बातचीत में इहो मसला उठावल जा सकेला.

बंगलादेश के प्रधानमंत्री शुरूवे से यूनुस के खून चूसवा बतावल रहल बाड़ी आ जब उनुका पता चलल कि उनुकर रिश्ता आतंकियनो से बा त तुरते यूनुस के ग्रामीण बैंक के शीर्ष पद से हटावे के आदेश दे दिहली. बंगलादेश के खुफिया विभाग अपना सरकार के प्रेषित साठ पेज के एगो रिपोर्ट में ओहिजा के खुफिया विभाग यूनुस के आतंकियन से सम्बंधन के पोलपट्टी खोल दिहले बा. कहल जाता कि ओह रपट में शेख हसीना के शासन सम्हरला का बाद ओहिजा भइल बंगलादेश रायफल्स में विद्रोह का पाछहू यूनुस आ हूजी के बड़हन भूमिका रहुवे. प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद के कार्यालय के एगो बड़ अफसर “सन्मार्ग” के बतवलसि कि मोहम्मद यूनुस पर करोड़ों डालर के घोटाला करे के आरोप बा. अबही हालही में नार्वे सरकार यूनुस के माइक्रो फाइनांस का नाम पर 10 करोड़ डालर दिहले बिया. ऊ रकम कहां गइल एकर कवनो पता नइखे. शक बा कि ऊ रकम आतंकियन के थमा दिहल गइल बा. अतने ना ऊ अफसर इहो बतवले कि “दरिद्र नेहरारूवन के बहुते कम सूद पर करजा दे के ओकनी के जीवन स्तर सुधारे के अफवाह फइलावे वाला एह ढोंगी मसीहा के साच ई बा कि विदेशन से एह नाम पर हर साल दान में भा बेसी से बेसी तीन टका सैकड़ा सालाना पर मिलल बहुते बड़हन रकम के ऊ गाँव के मेहरारुवन के चालीस से पचास टका सालाना का सूद पर देबले आ करजा वसूली के तरीका अतना अमानुषिक बा कई गो कर्जदार ओह डर से खुदकुशी कर लिहली.”

ओहि रपट में एकरो खुलासा होखला के कहल जात बा कि यूनूस के नोबेल पुरस्कार कसे मिलल? रपट में कहल गइल बा कि कट्टरपंथियन से उनुकर पुरान आ पोढ़ संबंध रहल बा आ पहिलहू ऊ ओकनी के मोट रकम देत आइल बाड़न. आतंकियन के एगो अइसन मुसलमान के जरुरत रहे जेकर छवि धपधप उज्जर होखे आ जे जरुरत पर बहुते बेसी धन दे सके. 9/11 का बाद आतंकियन के धन के अभाव महसूस होखे लागल रहे आ धन देबे वालन पर निगाह राखल शुरु हो गइल रहे. कहल जात बा कि एही इरादा से अलकायदा अउर हूजी के गुर्गा तबलीग के जमीयत का आड़ में पूरी दुनिया में यूनुस के गुणगान शुरू कर दिहले. दोसरा तरह मुस्लिम मानस पर मरहम लगावे खातिर ओह दौरान कवनो मुस्लिम के ग्लोबन आकॉन बनावे के जरुरत बुझाये लागल रहे. नोबेल कमेटी आतंकियन के एह छलावा में आ गइल.

चटगांव के जोबरा गांव के एगो निवासी अपना बातचीत में “सन्मार्ग” के बतवलसि कि मोहम्मद यूनुस नोबेल पुरस्कार मिलला का बाद जवन डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखवलन तवन झूठ के पुलिंदा रहे. 13 अक्टूबर 2006 के ओस्लो में देखावल ओह डॉक्यूमेंटरी में चटगांव के जोबरा गांव के एगो औरत के कहानी बा जे ग्रामीण बैंक से पहिला कर्ज लिहले रहुवे. फेर ऊ महिला ओह कर्ज के सही इस्तेमाल करके आपन जीवन सुखमय बनवलसि. टूटही झोपड़ी से उठ के दू मंजिला मकान के मालकिन बन गइलजबकि साछ त ई बा कि सोफिया आ ओकर परिवार आजुवो ओह दोमंजिला मकान का बगल में एगो टूटही झोपड़ी में रहत बिया. आ ऊ मकान दुबई में रहे वाला जाबाल हुसेन नाम के आदमी के ह. आ जब मोहम्मद यूनुस के मुकदमा करे के चेतावनी दिहलसि ओह डाकूमेंटरी के देखावल बन्द कर दिहल गइल. जाबाल के ऊ रिश्तेदार सुफिया के दू गो बेटियनो से, नुरुननाहर अउर हलीमा से, बातो करवलसि जवना मे ऊ बतवली सँ कि कइसे सोफिया दरिद्रता में एड़ी रगड़त मरल रहे आ उहो सब भिखारियन जइसन जिनिगी जियत बाड़ी .

अतने ना. अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति के पत्नी आ मौजूदा अमरीकी विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन जब अमरीका के प्रथम महिला का रुप में बांगलादेश आइल रहली त उणुका सम्मान में मोशीतला के ऋषिपल्ली में यूनुस “हिलेरी आदर्श” नाम से एगो परियोजना शुरू कइले. एकरा कुछुए दिन का बाद ऊ गांव सूद वसूली का आतंक में डूब गइल आ पूरा गांव कंगाल हो गइल. आजु “हिलेरी आदर्श” सूदखोरी के आतंक के नमूना हो गइल बा. कहेवाला कहत बाड़न कि ओह गाँव के दर्जनो लड़की मुंबई भा कोलकाता के चकलाघरन में बिका गइली सँ आ कई गो खुदकुशी कर लिहली सँ.


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार “सन्मार्ग” के संपादक हईं आ ई लेख उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखले बानी. अँजोरिया के नीति हमेशा से रहल बा कि दोसरा भाषा में लिखल सामग्री के भोजपुरी अनुवाद समय समय पर पाठकन के परोसल जाव आ ओहि नीति का तहत इहो लेख दिहल जा रहल बा.अनुवाद के अशुद्धि खातिर अँजोरिये जिम्मेवार होखी.

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