AshokDwivedi-LekhakSammelan
सरकार आ संसद में मातृभाषा भोजपुरी के मान मान्यता मिले एकरा से पहिले देश के साहित्य अकादमी आ भाषा साहित्य से जुड़ल अउर बड़ संस्था भोजपुरी के मान मान्यता दें सs. उछाह भरे वाली खबर ई बा कि धीरे धीरे स्थिति बदल रहल बा. गोवा का पणजी में पछिला महीना राष्ट्रीय बहुभाषिक कवि समागम मे हिन्दी, कोंकड़ी, मराठी, गुजराती, उर्दू, बँगला, सिन्धी आदि सँग भोजपुरी से प्रमोद कुमार तिवारी के बोलावल गइल आ अबे साहित्य अकादमी जइसन भाषा साहित्य के केन्द्रीय संस्थान आगरा में नार्थ ईस्ट आ नार्दर्न क्षेत्र के कवि लेखकन क सम्मिलन के दू दिनी आ चार सत्री कार्यक्रम आयोजित कइलस, जेवना में अन्य स्वीकृत भाषा सँग भोजपुरियो के महत्व दिहलस. एकरा खाति अकादमी के प्रशंसा होखे चाहीं. सम्मेलन मे भोजपुरी का प्रतिनिधि कवि लेखक का रूप में “पाती” के संपादक डा0अशोक द्विवेदी के नेवतल रहे.

केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा में एह आयोजन के उद्घाटन अकादमी के वरिष्ठ सदस्य प्रख्यात संस्कृत विद्वान श्री सत्यव्रत शास्त्री कइलन. आयोजन में हिन्दी के मलखान सिंह, शशि तिवारी, देवेन्द्र चौबे, अरुणदेव; उर्दू के इकबाल खलिश, चन्द्रभान खयाल शाफे किदवई;असमिया के सौरभ सइकिया, अपु भारद्वाज, नीरेन ठाकुरिया, अनुभव तुलसी; मणिपुरी के आर.के.हेमवती देवी, हावबम प्रियकुमार, नौंगमैथेम किरण कुमार; पंजाबी के कथाकार नछत्तर, स्वर्णजित सवि; कश्मीरी के नजीर अहमद नजीर, नेपाली गोरखाली केआदर्श मिलन प्रधान, मैथिली के गुंजनश्री, भोजपुरी के अशोक द्विवेदी, ब्रजभाषा के सोम ठाकुर, राधा गोविन्द पाठक; राजस्थानी के कमल रंगा आ कथाकार अरविन्द आशिया, अवधी के जगदीश पीयूष, संस्कृत के बलराम शुक्ल आदि के सम्मेलन मे कहानी पाठ, साहित्य विमर्श गोष्ठी का अलावे दू गो कवि गोष्ठी आयोजित भइल. अकादमी का ओर डा. देवेन्द्र कुमार देवेश के आभार प्रकाशन भइल. भारतीय कवि लेखकन के एक दुसरा भाषा में लिखल जा रहल साहित्य के जानकारी आ समझ पैदा भइल.

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