Indian Presidents

पहिलका लाइन में – डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ जाकिर हुसेन, वराहगिरी वेंकट गिरी, फखरुद्दीन अली अहमद, आ नीलम संजीव रेड्डी
दुसरका लाइन में – ज्ञानी जैल सिंह, रामास्वामी वेंकटरमण, शंकर दयाल शर्मा, कोचेरिल रमण नारायणन, ए पी जे अब्दुल कलाम, आ प्रतिभा पाटिल


अब जब भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के तारीख के एलान हो गइल बा त आईं जावल जाव कि भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में का शासियत होला. ई चुनाव हमेशा पाँच साल खातिर होला. कबो कबो बीचे में असामयिक निधन का चलते भा कवनो दोसरा कारण से चुनाव करावे के पड़ि जाव त उहो चुनाव फेर पाँचे साल खातिर होखी, बाचल समय ला ना.

एह चुनाव में बाकी चुनावन का तरह सबले अधिका वोट पाइए लीहल जीत ला पूरा ना होखे. जीतेवाला के कुल वोट के आधे से अधिका वोट मिलल जरुरी होखेला. चुनाव में आम जनता वोट ना देव आ ओह लोग का बदले चुनाइल जन प्रतिनिधि सांसद आ विधायक वोट देलें.

हर राज्य के जनसंख्या में हजार से भाद दीहला का बाद जवन संख्या आवेला ओकरा में ओह राज्य के विधायकन के संख्या से भाग दीहल जाला. अब जवन संख्या आवेला उहे होला ओह राज्य के हर विधायक के वोट के मूल्य. एह गणना का चलते हर राज्य के विधायक के वोट के मूल्य अलग अलग होला. सबले बेसी मूल्य यूपी के विधायकन के वोट के मिलेला त सबले कम मूल्य सिक्किम के विधायक के वोट के.

अब पूरा देश के विधायकन के वोट के कुल मिला के जवन गणना आवेला जवना में लोकसभा आ राज्यसभा के कुल सांसद संख्या से भाग दिहला प जवन संख्या आवेला उहे मूल्य होला रह सांसद के वोट के. हर सांसद के वोत के मूल्य एक बराबर होला आ राज्य का हिसाब से ओह में फेर बदल ना होखे.

भारत के सब राज्यन के निर्वाचित विधायकन के कुल संख्या 4120 बा आ ओह लोग के वोटन के वजन कुल मिला के 549442 होखेला. अब एह संख्या में सांसदन के संख्या 787 से भाग दिहला पर जवन आवेला ऊहे हर सांसद के वोट के वजन होखेला.

एह सिस्टम से अबकी पारी एनडीए का लगे 531442 वोट मौजूद बा आ तनिके मनी जोड़ तोड़ क के ऊ अपना उमीदवार के आसानी से जीता सकेले.

सांसद आ विधायक लोग राष्ट्रपति पद के हर उम्मीदवार के अपना पसन्द के हिसाब से क्रम देबेला. पहिला पसन्द बतावल जरुरी होला आ अगर केहू पहिला पसन्द ना बतावल त ओकर वोट बेकार हो जाई. अगर दूइए गो उम्मीदवार रहलन तब त मामिला आसान होला काहे कि जे अधिका वोट पाई से आधा से अधिका के हकदार होइए जाई. बाकिर अधिका उम्मीदवार होखला का हालत में मामिला बहुते पेचीदा हो जाले. अगर पहिला राउन्ड में कवनो उम्मीदवार के आधा से अधिका वोट ना मिलल तब सबले कम वोट पाए वाला के नाम हटा दीहल जाला. आ ओकरा के वोट देबै वालन के दूसरका पसन्द के पहला पसन्द मान के दुबारा गिनिती कइल जाला आ ई दौर जबले चलेला जब ले केहू निर्णायक वोट ना पा लेव.

याद करीं कि नीलम संजीव रेड्डी आ वीवी गिरी का बीच का चुनाव में अन्त में जाके फैसला भइल रहुवे. नीलम संजीव रेड्डी कांग्रेस के असली उम्मीदवार रहलन बाकिर इन्दिरा गाँधी बागी हो गइली आ वीवी गिरी के आपन उम्मीदवार बना के लड़वा दिहली. एह चुनाव में कवनो गोल अपना सांसद विधायकन के ह्वीप ना जारी कर सके आ हर सांसद आ विधायक के अपना मर्जा से वोट देबे के पूरा छूट होला. बाकिर ई ऊ आपन वोट दोसरा के देखा बता ना सकसु आ अगर अइसन कइलन त उनुकर वोट रद्द मान लीहल जाई. साथही वोट देबे खातिर एगो खास कलम दीहल जाला एह लोग के आ अगर केहू दोसरा कलम से वोट दीहल त ओकरो वोट रद्द क दीहल जाई.

अब ले भारत के तेरह गो राष्ट्रपति चुनाइल बाड़न.
1- पहिलका राष्ट्रपति डा॰राजेन्द्र प्रसाद (1884-1963) दू हाली चुनइलन आ 26 जनवरी 1950 से लेके 12 मई 1962 ले राष्ट्रपति रहुवन.
2- उनुका बाद डा॰सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1888-1975) 13 मई 1962 से 13 मई 1967 ले,
3- डा॰ जाकिर हुसेन (1897-1969) 13 मई 1967 से 3 मई 1969 ले,
4- वराहगिरी वेंकट गिरी (1894-1980) 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 ले,
5- फखरुद्दीन अली अहमद (1905-1977) 24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977 ले,
6- नीलम संजीव रेड्डी (1913-1996) 25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982 ले,
7- ज्ञानी जैल सिंह (1916-1994) 25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987 ले,
8- रामास्वामी वेंकटरमण (1910-2009) 25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 ले,
9- शंकर दयाल शर्मा (1918-1999) 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 ले,
10- कोचेरिल रमण नारायणन (1920-2005) 25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002 ले,
11- ए पी जे अब्दुल कलाम (1931-2015) 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 ले,
12- प्रतिभा पाटिल (1934 – ) 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 ले, आ
13- मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (1935- ) 25 जुलाई 2012 से.

एहमें से डा जाकिर हुसेन, फखरुद्दीन अली अहमद जी के मृत्यु राष्ट्रपति रहते हो गइल रहुवे. बाकि लोग आपन पूरा अवधि ले राष्ट्रपति रहल बा. सबले अधिका दिन ले राष्ट्रपति रहे के सम्मान भोजपुरी इलाका के राजेन्द्र बाबू के मिलल जे दुबारा राष्ट्रपति चुनाईल रहलें आ 12 बरीस ले एह पद के शोभा बढ़वलें.
डॉ जाकिर हुसेन के निधन का बाद वीवी गिरी के कामचलाऊ राष्ट्रपति बनावल गइल. चुनाव लड़े ला ऊ इस्तीफा दे दिहलें आ तब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मो. हिदायतुल्लाह के कामचलाऊ राष्ट्रपति बनावल गइल रहे.
फखरुद्दीन अली अहमद के निधन का बाद तब उपराष्ट्रपति रहल बासप्पा दानप्पा जैती के कामचलाऊ राष्ट्रपति बनावल गइल.
डॉ जाकिर हुसेन का बेरा ले उपराष्ट्रपति के राष्ट्रपति बने के मौका मिलत रहल. बाकिर ओकरा बाद वराहगिरी वेंकट गिरी के समय उपराष्ट्रपति रहल गोपाल स्वरूप पाठक के, फखरुद्दीन अली अहमद के राष्ट्रपति रहे का दौरान उपराष्ट्रपति रहल बासप्पा दानप्पा जैती के, नीलम संजीव रेड्डी का समय उपराष्ट्रपति रहल मुहम्मद हिदायतुल्ला के ई सौभाग्य ना मिल पावल.
बाद में ज्ञानी जैल सिंह का समय उपराष्ट्रपति रहल वेंकटरमण के, वेंकटरमण का समय उपराष्ट्रपति रहल शंकर दयाल शर्मा के, आ शंकर दयाल शर्मा का समय उपराष्ट्रपति रहल कोचेरिल रमण नारायणन के ई मौका जरुर मिल गइल.
कोचेरिल रमण नारायणन का समय उपराष्ट्रपति रहल कृष्णकान्त के आ भैरो सिंह शेखावत के अउर प्रलिभा पाटिल का समय उपराष्ट्रपति रहल हामिद अंसारी के फेर ई सौभाग्य ना मिल पावल.
पूरा संभावना इहो बा कि मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के फेर ई सौभाग्य नइखे मिले वाला.

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