PM_Modi-15Aug
1. आजु देश आ दुनिया भर मे पसरल सगरी हिन्दुस्तानी आजादी के पर्व मनावत बाड़े. आजादी के एह पावन पर्व पर प्यारा देशवासियन के भारत के प्रधान सेवक का तरट से बहुत बहुत शुभकामना.

2. देश के आजादी खातिर बहुते लोग मर खप गइल. आजादी के ओह सगरी सिपाहियन के हमार सौ सौ बार प्रणाम.

3. एह देश के राजनेता नइखन बनवले. ना त एकर शासक, ना सरकार. ई देश किसानन के बनावल ह, मजदूरन के बनावल ह, हमनी के माई बहिनियन के बनावल ह, नवहियन के बनावल ह. ऋषि, मुनि, आचार्य, शिक्षक, वैज्ञानिक, समाजसेवक आ पीढ़ी दर पीढ़ी करोड़ो लोगन के तपस्या से आजु राष्ट्र एहिजा ले चहुँपल बा. ई सभे अभिनन्दन के हकदार हउवें.

4. ई भारत के संविधान के शोभा आ ताकत ह कि एगो छोटहन शहर के लड़िका आजु लाल किला पर भारत के झंडा का सोझा मुड़ी नवावे के सौभाग्य पवलसि. ई भारत के लोकतंत्र के ताकत ह. एह ला हम भारत के संविधान बनावे वालन के नमन करत बानी.

5. देश जहाँ आजु चहुँपल का एकरा पीछे देश के सगरी प्रधानमंत्रियन के योगदान बा, सगरी सरकारन के योगदान बा, सगरी राज्य सरकारन के योगदान बा. एह सभका ला हम आभार जतावल चाहत बानी.

6. ई देश अपना पुरातन संस्कृति धरोहर के ओह नींव पर खड़ा बा जहाँ हमनी के एके बात सिखावल जात रहुवे कि साथे चलीं, मिल के चलीं, मिल के सोचीं, मिल के संक्लप करीं आ मिल के देश के आगे ले चलीं. ‘संगच्छध्वम् संवदध्वम् सं वो मनांसि जानताम्।’

7. काल्हुए संसद मे नइकी सरकार के पहिलका सत्र खतम भइल ह. आ आजु हम गर्व से कहल चाहत बानी कि हमनी का बहुमत के जोर पर चले वाला, आगे बढ़ेवाला लोग ना हईं जा. हमनी का सहमति का संगे आगे बढ़ल चाहत बानी. सगरी गोल, विपक्षी के जोड़त, कान्ह से कान्ह सटा के चले मे हमनी के सफलता मिलल बा आ एकर यश खाली प्रधानमंत्रिए ना, सरकार मे बइठल लोगे के ना, बलुक प्रतिपक्षो के जात बा. लाल किला के दीवार से हम एह सगरी सांसदन के प्रणाम करत बानी.

8. हम दिल्ली खातिर बाहरवाला हईं, दिल्ली के दुनिया वाला आदमी ना हईं. एहिजा के राजोकाज हम ना जानीले. एहिजा के एलिट क्लास से त हम बेछुआ बानी. बाकिर बाहर के ई आदमी जब पिछला दू महीना मे दिल्ली के भीतर झँकलसि त चउँक गइल. ई मंच राजनीति के ना ह, राष्ट्रनीति के मंच ह एहसे हमरा बाति के राजनीति के पसंगा पर तउलल मत जाव. हमरा इहे लागल कि एके सरकार का भीतर एहीजा कई एक सरकार चलत बाड़ी सँ. सभकर आपन आपन जागीर बनल बा. हमरा बिखराव लउकल, टकराव बुझाइल. एक विभाग दोसरा विभाग से लड़त बा. इहाँ ले कि सु्प्रीम कोर्ट ले मुकदमा चलत बा दू गो विभागन का बीच. एह बिखराव, एह टकराव ले के हमनी के देश के कइसे आगा बढ़ा सकब ? एहसे हम कोशिश शुरू कइले बानी एह दीवारन के गिरावे ला. हमार कोशिश बा कि सरकार एगो आर्गेनिक एन्टिटी बने, एकरस होखे.

9. रउरा सभे अखबारन मे पढ़त होखब कि मोदी जी के सरकार आ गइल, अफसरान समय पर आफिस आवत बाड़े. सगरी मीडिया मे इहे कुल्हि छपत बा, देखावल जात बा. रउऱा लागी कि सरकार के मुखिया का रूप मे हमरा एह खबरन से आनन्द होत होखी बाकिर हमरा एह सब से पीड़ा होखत बा. भला ई कवनो खबर होखेला कि अफसरान समय पर आवत बाड़े ? आ अगर ई खबर बा त देखावत बा हमनी का कतना नीचे गिर गइल बानी जा. ‘ई होखेला’, ‘ई चलेला’ वाला बाति से देश ना चल सके. जनजन के मनसा पूरा करे ला शासन व्यवस्था के धारदार तेज गतिशील बनावे का काम मे लागल बानी जा आ रउरा सभे के भरोसा देत बानी कि हम एह सरकार मे बइठल हर आदमी, चपरासी ले लगवले कैबिनेट सेक्रेटरी ले, के शक्ति जगावल चाहत बानी. आ हम ई क के रहब. 16 मई का दिने ना कह सकत रहीं बाकिर आजु दू ढाई महीना का अनुभव का बाद 15 अगस्त का दिने तिरंगा के साखी मान के कहत बानी कि ई हो सकेला आ हो के रही.

10. समय आ गइल बा कि एह पर सोचल जाव कि हमनी के जवन पुरखा पुरनिया देश के आजादी दिअवलन का ओह लोग के सपना के भारत बनावे ला हमनीओ के कुछ कर्तव्य बा कि ना, हमहन के कवनो राष्ट्रीय चरित्र बा कि ना. एह पर गंभीरत से सोचे के समय आ गइल बा.

11. भाई बहिन सभे, केहू त हमरा के बतावे कि हम जवन करत बानी, सबेरे से साँझ ले, ओह काम से देश के गरीब के भला भइल कि ना, हमनी के देश के हित के रक्षा भइल कि ना, देश के कल्याण का कामे आइल कि ना. का ई सवा सौ करोड़ देशवासियन के मंत्र ना होखल चाहीं कि हमहन के हर डेग देश हित मे होखल करी ? कइसन दुर्भाग्य बा कि आजु देश मे अइसन माहौल बन गइल बा कि केहू का लगे कवनो काम ले के जा त उ कहऽता कि ‘एहसे हमरा का? एहमे हमरा ला का?’ आ जइसहीं ओकरा पता चली कि एहमे ओकरा ला कुछ नइखे त तुरते बोली कि ‘त हमरा का करे क बा?’ हमहन के एह दायरा से बहरा निकले के जरूरत बा, एह दायरा से निकल के ‘देशहित के हर काम ला हम आइल बानी, हम आगे बानी’ वाला भाव जगावे के बा.

12. भाई बहिन लोग, आजु जब हम बलात्कार के खबर सुनीले त हमार मुड़ी झुक जाला. लोग अलग अलग तर्क देला, हर केहू मनोवैज्ञानिक बन के आपन बयान दे देता. बाकिर भाई बहिन लोग, हम आजु एह मंच से ओह महतारी बाप से पूछल चाहत बानी, हर महतारी बाप से कि रउरा घर मे बेटी जब दस साल के बारह साल के होले त सगरी महतारी बाप चौकन्ना रहेले, हर बात पूछेलें कि कहाँ जात बाड़ू, कब अइबू, पहुॅचते फोन करीहऽ. बेटियन से त सैकड़न सवाल पूछेले महतारी बाप, बाकिर का कबो उ अपना बेटवो से पूछे के हिम्मत करेले कि कहाँ जात बाड़ऽ, काहे जात बाड़ऽ, कवन दोस्त बा ? आखिर बलात्कार करे वाला केहु ना केहु के बेटा त ह. ओकरो त कवनो महतारी बाप होखी. अगर हर महातारी बाप तय क लेव कि जतना बन्हन बेटियन प डलले बानी जा, कबो बेटवो प डाली जा, कबो ओकरो से त पूछी जा.

13. भाई बहिन लोग, कानून आपन काम करी, कड़ेर बन के करी, बाकिर समाजो का नाते, हर महतारी बाप का नाते हमहनो के जिम्मेदारी बा. केहू हमरा से कहे कि ई जवन बंदूक उठवले निर्दोषन के जान मारे वाला कवनो माओवादी, कवनो आतंकवादी, उहो त केहू ना केहू के बेटा ह. हम ओह महतारी बाप से पूछल चाहत बानी कि का अपना बेटा के एह राहे जाए से पहिले रउरा पूछले रहीं? हर महतारी बाप जिम्मा लेव कि एह गलत राह पर गइल राउर बेटा निर्दोषन के जान लेबे प उतारू बा. उ ना त राउर भल कर पावत बा, ना परिवार के, आ ना ही देशे के. आ हम एह बेराह चलत नवहियन से कहल चाहत बानी कि तू आजु जवने कुछ बाड़. कुछ ना कुछ त भारत माता तहरो के दिहले होखी, कुछ ना कुछ त महतारी बापो दिहले होखीहें. पूछल चाहत बानी कि कान्ह प लटकत बंदूक ले के धरती के लाल त क सकेलऽ बाकिर अगर एकरा जगहा हर रहीत त धरती प पसरल हरियरी कतना प्यारा लागीत. कब ले हमनी का एह धरती के लहूलुहान करत रहब जा ? आ हमहन के मिलल का एहसे ? हिंसा के राह हमनी के कुछु नइखे दिहले.

14. भाई बहिन लोग, पिछला दिन हम नेपाल गइल रहीं. ओहिजा सभका सामने पूरा दुनिया के धेयान खींचे वाला बात कहले रहीं. एगो जमाना रहल जब सम्राट अशोक युद्ध के राह धइले रहन, बाकिर बाद मे हिंसा देखि युद्ध छोड़ बुद्ध का राहे चल दिहलन. हम देखत बानी कि नेपाल मे एगो कवनो समय रहे जब नवही हिंसा का राहे चल पड़लन,बाकिर आजु उहे नवही संविधान के तिकवत बाड़न. ओह लोग का साथे जुड़ल लोग संविधान बनावे मे लागल बा आ हम कहले रहीं कि शस्त्र छोड़ि शास्त्र का राहे चले के एगो नीमन उदाहरण देत बा नेपाल, जे दुनिया भर मे हिंसा का राहे गइल नवहियन के वापिस लवटे के प्रेरणा दे सकेला.

15. भाई बहिन लोग, बुद्ध के भूमि नेपाल अगर सनेस दे सकेले का भारत के भूमि दुनिया के सनेस ना दे सके ? आ एहीसे ई समय के माँग बा कि हमहन हिंसा के राह तज के भाईचारा के राहे चलीं जा.

16. भाई बहिन लोग, सदियन से कवनो ना कवनो कारण हमनी का फिरकावाराना तनाव से गुजरत बानी, देश ले बँटा गइल. आजादी का बादो कबो जातिवाद के जहर, कबो संप्रदायवाद के जहर. ई पाप कबले होखी? केकर भल होखेला एहसे? बहुते लड़ लिहनी जा, बहुते लोग के काट लिहनी जा, बहुते लोग के मार लिहनी जा. भाई बहिन लोग, एक बेर पीछे मुड़ के त देखीं, केहू के कुछ भेंटाइल नइखे. सिवाय भारत माई के देहि प दाग लगवला के हमनी के कुछ नइखी कइले. एहसे हम रउरा सभे से गोहार लगावत बानी कि जातिवाद के जहर, सांप्रदायिकता के जहर, आतंकवाद के जहर, ऊंच नीच के भाव. ई कुल्हि देश के आगे बढ़े से रोकेला. एक बेर तय कर लीॅ, दस साल ला मोरेटोरियम तय क लीं कि एह तनाव से मुक्त समाज ओरि चलल जाव त देखब कि शांति, एकता, भाईचारा हमहन के आगे बढ़े ला कतना ताकत देत बा. एक बेर देखीं त सही. हमरा कहला पर भरोसा करीं जा. हम रउरा सभे के भरोसा दिआवत बानी कि पाप के राह छोड़ि सद्भावना के भाईचारा के राहे चले के आ अपना देश के आगा ले चले के संकल्प करीं. हमरा पूरा भरोसा बा कि हमहन का कर सकीलें.

17. भाई बहिन लोग,जस जस विज्ञान आगे बढ़ऽता, हमनी का मन मे आधुनिकता के भाव जागऽता, बाकिर हमनी का करत का बानी ? का कबो सोचले बानी जे आजु हमनी का देश में सेक्स अनुपात के का हाल बा? 1 हजार लड़िकन पर महज 940 बेटी पैदा होत बाड़ीे स. समाज मे ई असंतुलन के पैदा करत बा? ईश्वर त नइखने करत. हम डाक्टरन से निहोरा करत बानी कि आपन तिजोरी भरे ला कवनो महतारी के कोख मे पलात बेटी जन मारी. हम ओह महतारी बहिनन से कहऽतानी कि रउरा बेटा का आस मे अपना बेटी के बलि मत चढ़ाईं. कबो कबो महतारी बाप के लागेला कि बेटा होखी त बुढ़ापा मे कामे आई. हम समाज मे काम करे वाला आदमी हईं. हम अइसन परिवार देखले बानी जहाँ पाँच गो बेटा बाड़े, पाँचो का लगे बंगला बा, घर मे दस दस गो गाड़ी बा, बाकिर बूढ़ बाप महतारी ओल्ड एज होम मे रहत बाड़े. हम अिसनो परिवार देखले बानी जहाँ संतान का रूप मे अकेले बेटी बिया, उ बेटी अपना सपना के बलि चढ़ावत बिआह नइखे करत आ बूढ़ माई बाप के सेवा मे जिनिगी खपा देत बिया. ई गैर बरोबरी, महतारी का कोख मे पड़ल बेटियन के हत्या, एह 21वीं शताब्दी मे आदमी के मन कतना करिखाह, कतान कलुषित, कतना दाग भरल बा, आ ओकर प्रदर्शनी करत बा, हमहन के एहसे मुक्ति पावे के होखी आ इहे आजादी के पर्व पर हमनी ला सनेस बा.

18. अबहिए राष्ट्रमंडल खेल भइल ह. भारत के खिलाड़ी भारत के गौरव दिअवले ह. हमनी के 64 गो खिलाड़ी मेडल ले के अइले हँ, बाकिर ओह मे से 29 गो बेटी हईं स. एह पर गर्व करी जा आ ओह बेटियन ला ताली बजाईं सभे. भारत के आन बान शान मे बेटियनो के योगदान बा एकरा के सकारी सभे.

19. देश के आगा बढ़ावे के बा त विकास अकेला राह बा. सुशासन एके राह बा. देश के आगे बढ़ावे ला इहे दू गो पटरी बाड़ी स – सुशासन आ विकास. जब हम सुशासन के बात करत बानी त रउरे सभे बताईं. जे प्राइवेट नौकरी करत बा से कहेला कि हम नौकरी करत बानी, काम करत बानी. बाकिर सरकारी सेवा मे लागल आदमी से पूछब त कही कि सेवा मे बानी, सर्विस करत बानी. बाकिर का एह सेवा से सेवा भाव गायब नइखे हो गइल ? सरकारी सेवा मे लागल लोग मे एह सेवा भाव के जगावल, एकरा के राष्ट्रीय चरित्र बनवला का राहे हमनी के आगे बढ़े के बा.

20. भाई बहिन सभे, का देश के नागरिकन के राष्ट्रकल्याण ला डेग ना बढ़ावे के चाहीं ? सोच के देखीं, सवा सौ करोड़ देश वासी एक डेग आगा बढ़सु त देश सवा सौ करोड़ डेग आगा बढ़ जाई. लोकतंत्र के माने बस सरकारे चुनल ना होखे. लोकतंत्र मे सवा सौ करोड़ नागरिक आ सरकार के कान्ह से कान्ह सटा के देश के मनसा पुरावे ला काम करे के जरूरत होला. हमनी के जनभागीदारी करे के बा. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का साथे आगे बढ़े के बा.

21. रउरे बताईं हमनी के किसान खुदकुशी काहे करत बा? उ साहूकार से करज लेत बा, करज चुका नइखे पावत, त जान दे देत बा. बेटी के शादी बा, गरीब आदमी साहूकार से करज लेत बा, करज चुका नइखे पावत त सगरी जिनिगी मुसीबत झेलत बा. ओह गरीब परिवारन के रक्षा के करी ?

22. भाई बहिल लोग, एह आजादी के पर्व प हम एगो योजना आगे बढ़ावे के संकल्प करे रउरा लगे आइल बानी – ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’. एह योजना का जरिए हम देश के गरीब से गरीब परिवार के बैंक खाता से जोड़ल चाहत बानी. आजु करोड़ो परिवार अइसन बा जेकरा लगे मोबाइल फोन त बा, बाकिर बैंक खाता नइखे. हमनी के एह हालात के बदले के बा. देश के आर्थिक संसाधन गरीब का लगे ले चहुँपे, एकर शुरूआत एहिजे से होखी. एह योजना मे जे खाता खोली ओकरा के डेबिट कार्ड दिहल जाई. एह हर कार्ड का संगे हररीब परिवार के एक लाख रुपिया के बीमा करावल जाई कि अगर ओकरा जिनिगी मे कवनो आफत आ जाव त परिवार के सुरक्षा हो सको.

23. भाई बहिन लोग, ई देश नवहियन के देश ह, 65 फीसदी लोग के उमिर 35 बरीस से कम के बा. हमनी के देश दुनिया के सबले नौजवान देश ह. का हमनी के एकर फायदा उठावे के सोचले बानी ? आजु दुनिया के स्किल्ड फोर्स के जरूरत बा. भारतो के स्किल्ड फोर्स के जरूरत बा. कबो हमनी के ड्राइवर खोजीले, ना भेंटाव, प्लम्बर खोजले ना मिले. बढ़िया रसोईया ना मिल पावे. नवही बाड़े, बेरोजगार बाड़े बाकिर हमनी के जइसन चाहीं वइसन नवही नइखन मिलत. देश के विकास बढ़ावे के बा त स्किल्ड डेवलपमेंट आ स्किल्ड इंडिया, इहे हमार मिशन बा, देश के करोड़ो नौजवानन के कौशल सिखावे ला, हुनर सिखावे ला सगरी देश मे जाल होखे के चाहीं. आ ओह लोग के उ स्किल उ कौशल सिखावल जाव जवना के जरूरत बा. जवन आधुनिक भारत बनावे का कामे आवे. उ दुनिया मे कहीं जासु त उनुका हुनर के सराहना मिलो. हम अइसनो नवही बनावल चाहत बानी जे जाब क्रिएटर होखसु. स्किल्ड डेवलपमेंट के बहुते तेजी से आगे बढ़ावे के संकल्प लेत बानी हम.

24. भाई बहिन लोग, दुनिया बदल गइल बा. अब भारत कवनो कोना मे पड़ल अलग थलग रहि के आपन भविष्य तय ना कर सके. दुनिया के आर्थिक हालात बदल गइल बा आ हमनिओ के ओही तरह से सोचे के पड़ी. सरकार हाल मे कई गो फैसला लिहले बिया, बजट मे कुछ एलान भइल बा. आ हम दुनिया के गोहारत बानी, दुनिया भर मे पसरल हिन्दुस्तानियन के गोहारत बानी कि आईं सभे देश मे मैनुफ्कचरिंग के बढ़ावा दिहल जाव. आईं, हिन्दुस्तान मे बनाईं. बेची कतहूँ बाकिर बनाईं हिन्दुस्तान मे. हमहन का लगे स्किल बा, टैलेंग बा, डिसिप्लिन बा, कुछ कर गुजरे के माद्दा बा. आईं, हिन्दुस्तान मे बनाईं. चाहे केमिकल होखे, फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक सामान होखे, आटोमोबाइल्स से ले के एग्रो वैल्यू एडीशन ले, कागज के होखे भा प्लास्टिक के, सैटेलाइट होखे भा पनडुब्बी, आईं, हिन्दुस्तान मे बनाईं. ताकत बा हमरा देश मे. आईं हम नेवता देत बानी.

25. भाई बहिन सभे, हम देश के नवहियनो के गोहारत बानी, खास क के उद्योग मे लागल छोट मोट कारोबारियन के. देश के तकनीकि शिक्षा से जुड़ल नवहियन के. जइसे हम दुनिया भर से कहत बानी कि आईं, हिन्दुस्तान मे बनाईं, ओही तरह देश के नवहियन से कहत बानी कि हमनी के सपना होखे के चाहीं कि दुनिया के कोना मे कोना मे मेड इन इंडिया सामान चहुँपे. देश खातिर भगत सिंह का तरह फाँसी पर लटकले देश सेवा के मतलब ना होखे. लाल बहादुर शास्त्री एगो नारा दिहले रहीं, ‘जय जवान, जय किसान’. अन्न के भंडार भर के किसानो देश के ओइसने सेवा करेला जइसन जवान सीमा पर भारत माई के रक्षा करे खातिर आपन जान दे के. ओही तरह हम नवहियन से कहल चाहत बानी कि रउरा रहते देश के छोट मोट सामान विदेश से आयात काहे करे के पड़े. रउरा तय करीं कि कवन सामान, जवन देश मे आयात हो के आवेला, रउरा बना सकीले. ओकरा के बनाईं, बस इहे धेयान राखीं कि उ सामान जीरो डिफेक्ट आ जीरो इफेक्ट वाला होखो. जीरो डिफेक्ट माने ओकरा मे कवनो कमी ना होखे आ जीरो इफेक्ट माने ओकरा से पर्यावरण पर कवनो असर मत पड़े. सामान अइसन बने कि दुनिया मे कहीं से लवट के मत आवे.

26. भाई बहिन सभे, पूरा दुनिया मे हमनी के नवही भारत के पहिचान बदल दिहले बाड़े. दुनिया भारत के का जानत रहे ? ढेर ना, पचीस तीसे साल पहिले ले दुनिया के कई कोना अइसन रहे जहाँ के लोग हिन्दुस्तान के सपेरन के देश बूझत रहे. करिया जादू के देश, बाकिर हमनी के बीस बाइस तेइस बरीस के नवही कंप्यूटर प अंगुरी घुमा घुमावत दुनिया के चकित क दिहलन, दुनिया मे भारत के नया पहिचान बना दिहले. अगर ई ताकत हमनी का देश मे बा त का देश ला हमहन कुछ सोच सकीले ? हमार सपना डिजिटल इंडिया के बा. ई डिजिटल हम बड़का लोग ला नइखे बतियावत. ई हमनी के गरीबन खातिर होखी. अगर ब्राडबैंड कनेक्टिविटि से हिन्दुस्तान के गांव जुड़ जाव, गांव के आखिरी छोर के स्कूल में अगर हम लाँग डिस्टेंस एजुकेशन दे सकी, त रउरा कल्पना कर सकीले कि ओह गाँव के बचवन के कइसन शिक्षा मिल जाई. जहाँ डाक्टर ना चहुँप पावसु तहाँ टेलिमेडिसिन के नेटवर्क खड़ा क दिहल जाव, त ओहिजा बइठल गरीबो आदमी के कवना तरह के इलाज करावे के बा, एकर पता लाग सकेला. आम आदमी का हाथ मे मोबाइल फोन बा, हिन्दुस्तान मे मोबाइल कनेक्टिविटी बा. बाकिर का एकरा से हमनी का मोबाइल गवर्नेंस का तरफ जा सकीले ? अपना मोबाइल से गरीब आदमी बैंक अकाउंट ऑपरेट कर सके, सरकार से आपन चीज़ मांग सके, आपन अर्ज़ी पेश कर सके, आपन सगरी कारोबार चलते-चलते मोबाइल गवर्नेंस का जरिए कर सके. अगर ई सब करे के बा त हमनी के ‘डिजिटल इंडिया’ के तरफ बढ़े के बा. आ ‘डिजिटल इंडिया’ ओर जाए के बा त एकरा साथही हमार सपना इहो बा कि आजु दुनिया से बड़हन मात्रा मे आयात होखत इलेक्ट्रानिक सामान के मैनुफैक्चरिंग एहिजे हो सके. त देश के तिजोरी के कतना फायदा हो जाई. आ ‘डिजिटल इंडिया’ ले के चलब जा त ई-गवर्नेंस, ईजी गवर्नेंस, इफेक्टिव गवर्नेंस, आ इकोनॉमिकल गवर्नेंस. ई-गवर्नेंस का जरिए गुड गवर्नेंस का ओर जाए के रास्ता बा. एक जमाना मे रेलवे देश के जोड़त रहुवे आजु आईटी देश के जन-जन के जोड़े के ताकत राखत बा. आ एही ला हम ‘डिजिटल इंडिया’ के साकार कइल चाहत बानी.

27. भाई-बहिन सभे, हम टूरिज्म के बढ़ावा दिहल चाहत बानी. टूरिज्म से गरीब से गरीब आदमी के रोजगार मिलेला. चनो बेचे वाला कमाला. ऑटो-रिक्शो वाला कमाला. पकौड़ो बेचे वाला कमाला आ एगो चाय बेचे वाला कमाला. टूरिज्म का चलते गरीब से गरीब आदमी के रोज़गार मिलेला.

28. बाकिर टूरिज्म के बढ़ावा देबे मे हमनी के एगो अउर चरित्र बाधा बन जाला. चारो तरट देखाई देत गंदगी. का आज़ादी के अतना साल बादो, जब हमनी के 21 वीं सदी के डेढ़ दशक के दरवाजा पर खड़ा बानी, तबहियो गंदगीए मे जियल चाहत बानी ? साल 2019 में महात्मा गाँधी के 150वीं जयंती आवत बा. महात्मा गांधी जे दुनिया के अतना कुछ दिहले उनुका के हमनी का का दिहल जाय ? भाई बहिन सभे, गाँधी जी के सबले प्रिय रहुवे सफाई, स्वच्छता. का हमनी का तय कइल जाव कि साल 2019 में जब हमनी का महात्मा गाँधी के 150वीं जयंती मनाएब तब हमहन के गाँव, शहर, गली, मोहल्ला, स्कूल, मंदिर, अस्पताल, सगरी जगहा से गंदगी के निशानो मेटा देहब जा. ई सरकार से अकेले ना हो पाई. एकरा ला जन-भागीदारी चाहीं. एहसे ई काम हमनी के मिल के करे के बा.

29. भाई बहिन सभे, हमनी का इक्कीसवीं सदी में जियत बानी. का कबो हमनी के मन मे पीड़ा भइल कि आजुओ हमनी के महतारी बहिन के खुला में शौच करे जाए के होला. एह ला उ लोग अन्हार होखे के इंतजार करे ला. ओह लोग के देह के कतना पीड़ा होखत होखी कतना बेमारियन के शुरूआत होखत होखी. का हमनी का माई बहिन के इज्ज़त खातिर एगो शौचालयो के प्रबन्ध नइखीं कर सकत ? एहसे ‘स्वच्छ भारत’ के अभियान एही 2 अक्टूबर से शुरू करे के बा आ चार साल का भितरे एह काम के पूरा क लेबे के बा. एक काम त आजुए से शुरू कइल चाहत बानी आ उ ई कि – हिन्दुस्तान के सगरी स्कूलन मे टॉयलेट होखे, बच्चियन ला अलगा टॉयलेट होखे, तबहिए उ स्कूल छोड़ के भगीहे ना. हमनी के सांसद लोग एक बरीस आपन एमपीलैड फंड स्कूलन में टॉयलेट बनवाव मे खरचसु. सरकार आपन बजट टॉयलेट बनावे में खरच करे. हम देश के कॉरपोरेट सेक्टरो के गोहारत बानी कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत जवन खरचा करत बानी सभे तवना से स्कूलन में टॉयलेट बनावे के अहमियत दीं सभे. सरकार के साथे मिलके, राज्य सरकारन का साथे मिलके एक साल का भितरे-भीतर इ काम हो जाव आ जब हम अगिला 15 अगस्त के एहिजा खड़ा होखी, त एह विश्वास के साथ खड़ा होखी कि अब हिन्दुस्तान के कवनो स्कूल अइसन नइखे जहवाँ बचवा बचियन ला अलग टॉयलेट बनावल बाकी बा.

30. भाई बहिन सभे, अगर हमनी का सपना लेके चलीं त सपना पूरो होला. हम आजु एगो अउर खास बात कहल चाहब. देशहित के चरचा कइल आ देशहित ला विचार दिहलो के आपन महत्व होला. हमनी के सांसद, कुछ कइलो चाहेलें बाकिर उनुका मौका ना मिले. उ लोग आपन बात बता सकेला, सरकार के चिट्ठी लिख सकेला, आंदोलन कर सकेला, मेमोरेंडम दे सकेला, बाकिर तबहियों खुद कुछ करे के मौका ना मिले. हम आजु एगो नया विचार ले के आइल बानी. हमहन का देश मे प्रधान मंत्री का नाम पर अनेके योजना चलत बा, अनेके नेतो लोग का नाम ढेरहन योजना चलत बा. बाकिर आजु हम सांसद का नाम पर एगो योजना घोषित करत बानी – ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ एह योजना मे तय कइल पैरामीटर्स पर सांसद अपना इलाका के के एगो गाँव चुन लेसु आ ओह गाँव के आदर्श गाँव बनावे मे लाग जासु. साल 2016 ले टाइम देत बानी काहे कि नया योजना बा, लागू करे मे, योजना बनावे में कबो समयो लाग जाला. शहरो के एमपी, राज्योसभा के सांसद एगो गाँव चुनसु. अगर हिन्दुस्तान का हर जिला मे अइसन एगो आदर्श गाॅव बन जाता त अगल बगल के गाँवो के लोग आपनो गाँव के ओइसने बनावे के कोशिशि करी. 11 अक्टूबर के जयप्रकाश नारायण जी के जन्म जयंती ह. हम 11 अक्टूबर के जयप्रकाश नारायण जी के जन्म जयंती पर ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के पूरा खाका सगरी सांसदन का सोझा, राज्य सरकारन का सोझा राख देब. चाहब कि राज्यो सरकार अपना विधायकन से अइसने आदर्श ग्राम बनवावसु. रउरा कल्पना कर सकीले, देखते देखत हिन्दुस्तान के हर ब्लॉक में एगो आदर्श ग्राम तइयार हो जाई.

31. भाई बहिन लोग, जब से हमार सरकार बनल बा, तबहिए से अखबारन मे, टी.वी. मे एगो चरचा चलत बा कि प्लानिंग कमीशन के का होखी ? हम समुझत बानी कि जब प्लानिशग कमीशन बनल रहे तब ओह घरी का हालात का हिसाब से बनल रहे.आजु हालात बदल गइल बा त एह बारे मे नया तरीका से सोचे के पड़ी. कई बेर पुरान घर मे बदलाव करे से बेसी सहज होला नया घर बनवा लिहल. जल्दिए प्लानिंग कमीशन का बारे मे फैसला हो जाई. एकरा जगहा एगो नया संस्थान बनावल जा सकेला.

32. भाई बहिन लोग, आजु 15 अगस्त महर्षि अरविंदो के जन्म जयंती के पर्व ह. महर्षि अरविंद क्रांतिकारी बनला का बाद योग गुरु बमनल रहले. भारत के भाग्य का बारे मे कहले रहलन कि ‘हमरा विश्वास बा, भारत के दैविक शक्ति, भारत के आध्यात्मिक विरासत विश्व कल्याण ला अहम भूमिका निबाही’. हमरा स्वामी विवेकानन्दो जी के कहल बात याद आवत बा, स्वामी विवेकनन्द जी कहले रहीं, ‘हम अपना आँखिन का सोझा देखत बानी कि एक बेर फेरू हमार भारतमाता जाग उठल बाड़ी. हमार भारतमाता जगद्गुरु के जगहा विराजमान होखीहे. हर भारतीय मानवता के कल्याण के कामे आई, भारत के ई विरासत विश्व के कल्याण का कामे आई’. विवेकानन्द जी के कहल कबो झूठ ना हो सके. स्वामी विवेकानन्द जी के सपना, भारत के जगद्गुरु देखे के उनकर सपना, उनकर दीर्घदृष्टि, ओह सपना के पूरा कइल हमहन के कर्तव्य ह. दुनिया के ई सामर्थ्यवान देश, प्रकृति के सौगात से भरल देश, नवहियन के देश आवे वाला समय मे दुनिया ला बहुत कुछ कर सकेला.

33. भाई बहिन लोग, विदेश के नीतियन का बारे मे चरचा करत बानी. हम साफ मानीले कि भारत के विदेश नीति के अनेके आयाम हो सकेला बाकिर एगो बात खास बा जवन पर हम आपन धेयान लगावल चाहब. हमनी का आज़ादी के लड़ाई जइसे मिल-जुल के लड़नी जा, तब त हमनी का अलग ना रहीं, साथे-साथ रहीं. कवन सरकार हमनी के साथे रहल ? कवन शस्त्र हमनी का लगे रहल ? एगो गांधी रहलन, सरदार रहलन आ आजादी के लाखन लड़ाका रहले आ सामने अतहत बड़ सल्तनत रहल. ओह सल्तनत से हमनी का आज़ादी के जंग जीतनी जा कि ना ? विदेशी ताकतन के हरवनी जा कि ना ? भारत छोड़े पर मजबूर क दिहनी जा कि ना ? हमनिए का त रहनी, हमनी के पुरखा पुरनिया रहले, जे ई बेंवत देखवले. समय के मांग बा कि सत्ता के बिना, शासन के बिना, शस्त्र के बिना, साधनो के बिना अतना बड़ सल्तनत के हटावे के काम अगर हिंदुस्तान के जनता कर सकेले त ला हमनी का गरीबी के ना हटा सकीं जा ? का हमनी के गरीबी के ना हरा सकीं जा ? गरीबी के खिलाफ लड़ाई ना जीत सकीं जा ? हमार प्यारा सवा सौ करोड़ देशवासी लोग. आइं सभे, संकल्प कइल जाव कि गरीबी के हरा दिहल जाव, विजयश्री पावल जाव. भारत से गरीबी के उन्मूलन होखो. हमनी का ओह सपना के ले के चलीं जा आ पड़ोसिओ देशन के त इहे समस्या बाँ काहे ना हमनी का सार्क देशन के सगरी साथी दोस्त मिल के गरीबी का खिलाफ लड़ाई लड़े के योजना बनाईं ज? मिल के लड़ीं जा, गरीबी के हराईं जा. एक बेर देखल त जाव कि मरल-मारे के दुनिया छोड़ जिए के आनन्द का होला ! इहे भूमि ह, जहां सिद्दार्थ के जीवन के घटना घटल रहे. एगो पंछी के एक भाई तीर मार के गिरा दिहले त दुसरका भाई ने तीर निकाल के बचा लिहलसि. पंछी केकर रही ई फरिआवे माई का लगे गइल लोग त माई कहली कि जे बचावल पंछी ओकर. मारे वाला से बेसी हक हमेशा जिआवे वाला के होला. हम पड़ोसी देशन संगे मिल-जुल के गरीबी का खिलाफ लड़ाई लड़े मे सहयोग चाहत बानी, सहयोग कइल चाहत बानी. हमनी का सार्क देश एकजुट हो के दुनिया मे आपन अहमियत बना सकीले. दुनिया मे एगो ताकत बन के उभर सकीले. हम भूटान गइनी, नेपाल गइनी, सार्क देशन के सगरी महानुभाव शपथ समारोह में अइले, एगो नीमन शुरूआत भइल. त निश्चिते नीमन परिणामो मिली.

34. भाई बहिन सभे, आजु 15 अगस्त के हमनी का देश ला कुछ ना कुछ करे के संकल्प ले के चलब. हम हमेशा रउरा से अधिका खटब काहे कि हम प्रधान मंत्री ना, प्रधान सेवक बन के आइल बानी रउरा बीचे. हम विश्वास दिआवत बानी कि एह देश के एगो नियति बा, विश्व कल्याण के नियति बा, इहे विवेकानन्द जी कहले रहीं. एही नियति के पूरा करे ला भारत के जनम भइल बा, एह हिन्दुस्तान के जनम भइल बा. एह खातिर सवा सौ करोड़ देशवासियन के तन-मन से मिलके राष्ट्र कल्याण ला आगे बढ़े के बा.

35. आ आखिर मे एक बेर फेरू हम देश के सुरक्षा बल, अर्द्ध सैनिक बल, सगरी सिक्योरिटी फोर्सेज़ के, मां-भारती के रक्षा करे मे ओह लोगन के तपस्या, त्याग, आ बलिदान पर गौरव करत बानी. हम देशवासियनो से कहत बानी ‘राष्ट्रयाम् जाग्रयाम् वयम्’, हमनी का जागत रहीं जा, सेना जागत बिया, हमनिओ का जागल रहीं जा आ देश नया कदम उठावत आगा बढ़त रहे. एही संकल्प ले के हमनी के आगे बढ़े के बा. हमरा संगे रूरो सभे पूरा ताकत से बोली. –

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द।

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!

(समाप्त)

[Total: 0    Average: 0/5]
Advertisements